बजट में बैंकिंग, इंफ्रा और ऑटो सेक्टर को मिल सकती हैं ये राहत!

बैंकों के मुताबिक बजट में सबसे ज्यादा फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट, MSME और एक्सपोर्ट जैसे सेक्टर में ग्रोथ बढ़ाने पर होना चाहिए.

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बजट की तैयारियों के बीच बैंकिंग सेक्टर और कैपिटल मार्केट के प्रतिनिधियों ने वित्तमंत्री के सामने सुझाव रखे हैं. वित्तीय सेक्टर ने वित्त मंत्री से बैठक में सबसे ज्यादा जोर ग्रोथ पर दिया. बैंकों के मुताबिक बजट में सबसे ज्यादा फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट, MSME और एक्सपोर्ट जैसे सेक्टर में ग्रोथ बढ़ाने पर होना चाहिए. बैठक में NBFCs के प्रतिनिधि भी शामिल थे जिन्होंने बजट में NBFCs की लिक्विडिटी दिक्कतों को खत्म करने के प्रवाधान करने की मांग रखी. NBFCs ने वित्त मंत्री के सामने हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की तरह NBFCs के लिए भी रिफाइनेंस विंडो बनाने की मांग की.

ऑटो इंडस्ट्री के लिए राहत पैकेज की मांग
SIAM के प्रेसिडेंट राजन वढेरा भी आज वित्तमंत्री के साथ बैठक में शामिल हुए. उन्होंने वित्तमंत्री से कहा कि ऑटो सेक्टर बुरे दौर से गुजर रही है और इसे राहत पैकेज मिलने चाहिए. उन्होंने वित्तमंत्री से जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने की मांग की है.

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इंफ्रा: भारतमाला के लिए 37000 करोड़ रुपये की मांग


बजट से पहले इंफ्रा पर रायशुमारी के दौरान नेशनल हाइवे डेवलपमेंट अथॉरिटी ने 3 मांगे रखी हैं. इसमें भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए 37 हजार करोड़ रुपए की मांग शामिल है. NHAI ने भारतमाला प्रोग्राम के लिए ज्यादा संसाधन, फिर से टैक्स फ्री बॉन्ड लाने और 54EC कैपिटल गेन्स बॉन्ड में बदलाव की मांग की है. 54EC के मौजूदा कैप और लॉक इन में बदलाव का सुझाव रखा गया.

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