Exclusive: घर खरीदारों के लिए खुशखबरी, सरकार कर सकती है इन टैक्स को हटाने का ऐलान

1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में हाउसिंग सेक्टर को लेकर ये हो सकता है बदलाव

1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में हाउसिंग सेक्टर को लेकर ये हो सकता है बदलाव

1 फरवरी को पेश होने वाले बजट (Budget) में रेंटल हाउसिंग (Rental Housing) को बढ़ावा देने के लिए टैक्स (Tax) में रियायतों समेत कई अहम ऐलान हो सकते हैं.

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  • Last Updated: January 10, 2020, 11:33 AM IST
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नई दिल्ली. 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट (Budget) में रेंटल हाउसिंग (Rental Housing) को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में रियायतों समेत कई अहम ऐलान हो सकते हैं. इतना ही नहीं सीएनबीसी आवाज को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक अफोर्डबल हाउसिंग (Affordable Housing) की शर्तों में भी ढील दी जा सकती है.

ये बजट हाउसिंग सेक्टर (Housing Sector) के लिए अच्छा साबित हो सकता है. बजट में रेंटल हाउसिंग के लिए रियायतों का ऐलान मुमकिन है. रेंटल हाउसिंग की बुनियादी सुविधाओं को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा मिलना संभव है.

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इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा मिलने से क्या होगा फायदा
सूत्रों के मुताबिक, इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा मिलने से सस्ते में कर्ज मिल सकेगा. छोटे मझोले घरों से मिलने वाले किराये पर टैक्स की दरें घटाई जा सकती हैं.

>> सिर्फ किराये के मकसद से बनाए जाने वाले प्रोजेक्ट को कैपिटल गेंस टैक्स से छूट संभव है.
>> रेंटल प्रोजेक्ट के लिए विदेशी निवेश यानी FDI की शर्तों में ढील दी जा सकती है.
>> इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 IBA के तहत टैक्स छूट का दायरा बढ़ाया जा सकता है.
>> सेक्शन 80 IBA के तहत अफोर्डबल हाउसिंग की कीमत और साइज में बढ़ोतरी की जा सकती है
>> सेक्शन 80 IBA के तहत​ 100 परसेंट डिडक्शन मिलता है.

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सूत्रों का ये भी कहना है कि हाउसिंग मिनिस्ट्री ने बजट को लेकर भेजी वित्त मंत्रालय को सिफारिशे भेजी हैं. वित्त मंत्रालय गंभीरता से इन पर विचार कर रहा है.

2022 तक हाउसिंग फॉर ऑल की योजना
केंद्र सरकार ने 2022 तक सबको घर मुहैया कराने (हाउसिंग फॉर ऑल) का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है. इसके लिए सरकारी कंपनी एनबीसीसी को लैंड मैनेजमेंट एजेंसी बनाया गया है. एनबीसीसी पीएसयू की जमीन की बिक्री करेगी. इसके लिए बिक्री पर आधा फीसदी की फीस उसे मिलेगी. हालांकि, वह 1 करोड़ से ज्यादा फीस नहीं वसूल पाएगी. कुछ बैंकों का कहना है कि सरकार को इस जमीन का सस्ते घरों के अलावा मिश्रित इस्तेमाल करना चाहिए.

(लक्ष्मण रॉय, इकॉनोमिक पॉलिसी एडिटर, CNBC Awaaz)
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