अपना शहर चुनें

States

Budget 2021: केंद्र किसानों की आमदनी बढ़ाने को लेगा अहम फैसला! कृषि कर्ज का लक्ष्य किया जा सकता है 19 लाख करोड़

केंद्र सरकार ने हर साल बजट में तय किए गए लक्ष्‍य से ज्‍यादा एग्री लोन बांटे हैं.
केंद्र सरकार ने हर साल बजट में तय किए गए लक्ष्‍य से ज्‍यादा एग्री लोन बांटे हैं.

केंद्र सरकार हर साल कृषि क्षेत्र के लिए कर्ज (Agri Loan) का लक्ष्य बढ़ाती रही है. ऐसे में इस बार भी बजट 2021-22 (Budget 2021) में इसे बढ़ाने की उम्‍मीद की जा रही है. वहीं, अब तक सरकार ने बजट में कृषि कर्ज को लेकर जो भी लक्ष्य रखे हैं, वितरण उससे ज्‍यादा ही रहा है. वित्‍त वर्ष 2017-18 में किसानों (Farmers) को 11.68 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया, जबकि बजट में 10 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य ही रखा गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 26, 2021, 10:24 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2021-22 (Budget 2021) में किसानों के पक्ष में बड़ा फैसला ले सकती हैं. केंद्र सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी (Double Income) करने के मकसद को ध्यान में रखते हुए कृषि कर्ज (Agriculture Loan) का लक्ष्य बढ़ाकर करीब 19 लाख करोड़ रुपये कर सकती है. वित्त मंत्री सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी 2021 की सुबह 11 बजे संसद में केंद्रीय बजट पेश करेंगी. चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने एग्रीकल्‍चर लोन का लक्ष्य 15 लाख करोड़ रुपये रखा है.

हर साल बजट में बढ़ा दिया जाता है कृषि कर्ज का लक्ष्‍य
केंद्र सरकार हर साल कृषि क्षेत्र के लिए कर्ज का लक्ष्य बढ़ाती रही है. ऐसे में इस बार भी 2021-22 के लिए इस लक्ष्य को बढ़ाकर 19 लाख करोड़ रुपये तक किया जा सकता है. वित्त मंत्री सीतारमण ने 2020-21 का बजट पेश करते हुए कहा था कि कृषि क्षेत्र को कर्ज देने के मामले में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) और सहकारी बैंक (Co-Operative Banks) सक्रिय रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, राष्‍ट्रीय कृषि व ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) पुनर्वित्त योजना (Re-Finance Scheme) का विस्तार किया जाएगा. सूत्रों का कहना है कि कृषि कर्ज प्रवाह में साल-दर-साल वृद्धि हुई है.

ये भी पढ़ें- IMF ने कहा, China समेत कई देशों को पीछे छोड़ेगी Indian Economy! दर्ज करेगी रिकॉर्ड 11.50 फीसदी विकास दर
हर साल लक्ष्‍य से ज्‍यादा बांटा गया है एग्रीकल्‍चर लोन


सरकार ने बजट में कृषि कर्ज को लेकर अब तक जो भी लक्ष्य रखे हैं, कर्ज वितरण उनसे ज्‍यादा ही रहा है. वित्‍त वर्ष 2017-18 में किसानों को 11.68 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया, जबकि बजट में 10 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य ही रखा गया था. इसी तरह वित्‍त वर्ष 2016-17 में 10.66 लाख करोड़ रुपये क्रॉप लोन बांटा गया था. यह 9 लाख करोड़ रुपये के बजटीय लक्ष्य से कहीं ज्‍यादा था. दरअसल, कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए कर्ज जरूरी है. संस्थागत स्रोतों से कर्ज आसानी से मिलने पर किसानों को महाजनों और सूदखोर से कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती. इससे उन्‍हें ज्‍यादा ब्याज भी नहीं चुकाना पड़ता.

ये भी पढ़ें- 27 स्‍टॉक्‍स ने पिछले गणतंत्र दिवस से अब तक दिया 800% तक मुनाफा, देखें आपके पास भी है इनमें कोई शेयर

केंद्र 2 फीसदी की ब्‍याज पर उपलब्‍ध कराता है कर्ज
बैंक सामान्य तौर पर कृषि कर्ज पर 9 फीसदी की दर से ब्याज वसूलते हैं, लेकिन सरकार ब्याज सहायता उपलब्ध कराती है ताकि अल्पकाल के लिए खेती की जरूरतें पूरी करने को लिए गए कर्ज सस्ती दरों पर किसानों को उपलब्ध हो सकें. इससे किसानों की आमदनी में भी इजाफा होता है. सरकार किसानों को महज 2 फीसदी ब्याज दर पर कर्ज सहायता उपलब्ध कराती है ताकि उन्हें छोटी अवधि के लिए 3 लाख रुपये तक का लोन प्रभावी रूप से 7 फीसदी ब्याज पर मिल सके. इसके अलावा 3 फीसदी की सहायता उन किसानों को दी जाती है, जो कर्ज का भुगतान समय पर करते हैं. इससे प्रभावी रूप से ब्याज 4 फीसदी बैठता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज