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Budget Special: यकीनन आप नहीं जानते होंगे भारत के बजट का ये इतिहास

Budget Special: यकीनन आप नहीं जानते होंगे भारत के बजट का ये इतिहास

बजट सरकार द्वारा सालभर का देश की आय और खर्च का लेखा-जोखा होता है. इसे पेश करने की शुरुआत ब्रिटेन में हुई थी.

बजट सरकार द्वारा सालभर का देश की आय और खर्च का लेखा-जोखा होता है. इसे पेश करने की शुरुआत ब्रिटेन में हुई थी.

Union budget 2022 : हम आपको आज कुछ ऐसे तथ्य बताने जा रहे हैं, जो भारतीय बजट के इतिहास से जुड़े हुए हैं जैसे कि किस वित्त मंत्री ने कितने बजट पेश किये हैं और भारत का पहला बजट कब और किसने पेश किया.

नई दिल्ली. Union budget 2022: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी 2022 को बजट पेश करेंगी. इस साल बजट सत्र 29 जनवरी से शुरू होगा और 8 अप्रैल 2022 को समाप्त होगा. आगामी बजट सत्र पर सभी की नजरें टिकी हुई है कि इस साल का बजट आम लोगों को महामारी की तीसरी लहर से बचाने और इकोनॉमी को बूस्ट देने वाला होगा.

इसके अवाला, बजट के बाद 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव भी हैं, तो समझा जा रहा है कि बजट काफी लोक-लुभावन रहेगा. हालांकि ये तो तभी पता चलेगा, जब बजट पेश हो जाएगा. मगर हम आपको आज कुछ ऐसे तथ्य बताने जा रहे हैं, जो भारतीय बजट के इतिहास से जुड़े हुए हैं. बहुत से लोग इन तथ्यों को नहीं जानते कि पहला बजट कब और कहां पेश हुआ था.

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कब पेश हुआ पहला बजट?

बजट सरकार द्वारा सालभर का देश की आय और खर्च का लेखा-जोखा होता है. इसे पेश करने की शुरुआत ब्रिटेन में हुई थी. ब्रिटिश काल में पहली बार भारत में 7 अप्रैल 1860 को बजट पेश किया गया था. ये बजट (First Colonial Budget) स्कॉटिश अर्थशास्त्री और राजनेता जेम्स विल्सन ने पेश किया था.
भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भारत का बजट पेश करने वाले शीर्ष पद पर पहले व्यक्ति थे, जब उन्होंने 1958-59 में वित्त विभाग संभाला था. केसी नियोगी भारत के अकेले ऐसे वित्त मंत्री हुए, जिन्होंने एक भी बजट पेश नहीं किया. वे 35 दिनों तक 1948 में वित्त मंत्री रहे और उनके बाद जॉन मथाई भारत के तीसरे वित्त मंत्री बने.

11 बजे ही क्यों पेश होता है बजट?

अब बजट दोपहर में 11 बजे पेश किया जाता है. इससे पहले ब्रिटिश काल में बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था. ऐसा इसलिए किया जाता था, ताकि रात भर बजट पर काम करने वाले अधिकारियों को थोड़ा आराम मिल सके. 1955 तक बजट सिर्फ अंग्रेजी में प्रकाशित किया जाता था, लेकिन 1955-56 से सरकार ने इसे हिंदी में भी प्रकाशित करना शुरू कर दिया.

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किस वित्त मंत्री ने ज्यादा बार पेश किया बजट

सबसे अधिक बार भारत का बजट मोरारजी देसाई ने पेश किया है. मोरारजी देसाई ने वित्त मंत्री के रूप में दस बार देश का बजट पेश किया है. इसमें आठ बजट और दो अंतरिम बजट शामिल हैं. इसके बाद यूपीए में वित्त मंत्री रहे पी. चिदंबरम ने 9 बार और प्रणब मुखर्जी ने 8 बार बजट पेश किया. यशवंत सिन्हा 8 बार और मनमोहन सिंह ने 6 बार बजट पेश किया था.

बजट पेश करने वाली महिलाएं
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) आजाद भारत का बजट पेश करने वाली पहली महिला बनीं. प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने वित्त विभाग भी संभाला. हालांकि, 5 जुलाई, 2019 को निर्मला सीतारमण देश का बजट पेश करने वाली भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनीं. मतलब निर्मला सीतारमण से पहले कोई ऐसी महिला नहीं थीं, जो केवल वित्त मंत्री रही हों.

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चमड़े का लाल बैग
सबसे पहले जब ब्रिटेन के वित्त मंत्री संसद में सरकार का खर्च और आय की जानकारी देते थे और इसे चमड़े के लाल बैग में लेकर आया जाता था, लेकिन भाजपा सरकार ने लाल बैग की परंपरा को खत्म किया. निर्मला सीतारमण ने साल 2019 में ब्रीफकेस के बजाय बही-खाता (पारंपरिक लाल कपड़े में लिपटे कागज) में बजट डॉक्यूमेंट्स को ले जाने की प्रथा शुरू की.

पेपरलेस हुआ बजट
भारतीय इतिहास में पहली बार 2021 में बजट पूरी तरह से पेपरलेस हो गया. इसकी छपाई नहीं की गई. सभी सांसदों और सरकारी अधिकारियों को आधिकारिक वेबसाइट के जरिये इसे प्राप्त किया. यहां तक​कि साल 2021 में जारी किया गया आर्थिक सर्वेक्षण भी पूरी तरह से पेपरलेस था.

Tags: Budget

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