बीते साल 25 लाख टन के मुकाबले इस साल यूपी में 41.56 टन तक खरीदा जा चुका है गेहूं

यूपी सरकार (UP Government)

यूपी सरकार (UP Government) ने गेहूं खरीद का एक नया रिकार्ड बनाया है. राज्य सरकार बीते साल के गेहूं खरीद (Wheat Purchaing) आंकड़े को इस साल डबल करने की कोशिश में है. और खास बात यह है कि सरकार गेहूं खरीद का 72 घंटे के अंदर किसानों को भुगतान भी कर रही है.

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    लखनऊ. एक तरफ तो कोरोना (Corona) महामारी और दूसरी तरफ लॉकडाउन (Lockdown). बावजूद इसके यूपी सरकार (UP Government) की गेहूं खरीद योजना पर कोई असर नहीं पड़ता. उल्टे बीते साल की खरीद के रिकार्ड को तोड़ते हुए किसानों से सीधे गेहूं खरीद का एक नया रिकार्ड बनाया है. यूपी सरकार बीते साल के गेहूं खरीद (Wheat Purchaing) आंकड़े को इस साल डबल करने की कोशिश में है. और इस कोशिश में वो अब मामूली नंबर से ही पीछे हैं. और खास बात यह है कि सरकार गेहूं खरीद का 72 घंटे के अंदर किसानों को भुगतान भी कर रही है. वहीं गेहूं खरीद में ई-पॉप मशीनों का इस्तेमाल होने से किसानों (Farmer) को भी बड़ी राहत मिली है.

    यूपी सरकार का दावा है कि मंडियों में किसानों के लिए पीने का पानी, बैठने के लिये छायादार व्यवस्था की गई है. वहीं गेहूं खरीद के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराया जा रहा है. इसके लिये गेहूं खरीद केन्द्रों पर ऑक्सीमीटर, इंफ्रारेड थर्मामीटर की व्यवस्था की गई है. किसानों को खेत से 10 किमी के दायरे में अनाज खरीद की सुविधा उपलबध कराई गई है.

    किसानों से अब तक 41.56 लाख मीट्रिक टन गेहूं की हुई खरीद

    यूपी सरकार ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया है कि योगी सरकार ने किसानों से अनाज खरीदने के लिए यूपी में 5617 केन्‍द्र बनाए हैं. इसमें सबसे अधिक 3254 केन्‍द्र यूपी सहकारी संघ के हैं, जहां अनाज की खरीद की जा रही है. यूपी में अब तक 883603 किसानों से 41.56 लाख मीट्रिक टन अनाज की खरीद की हो चुकी है. बीते साल किसानों से इस वक्त तक 24.76 लाख मी.टन अनाज की खरीद की गई थी. किसानों को उनके गेहूं का 6355.45 करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया गया है. सरकार 72 घंटे के भीतर किसानों को उनके अनाज का भुगतान कर रही है.

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    सरकार ने बताया, ऐसे हुई गेहूं की ज्यादा खरीद  

    यूपी की योगी सरकार किसानों के हित में पिछले चार साल से लगातार काम करती आ रही है. किसानों के लिए ई मंडियों की शुरूआत की गई जिससे उनको मंडी के चक्‍कर न लगाना पड़ें. किसानों को खेत से 10 किलोमीटर के दायरे में अनाज बेचने की सुविधा उपलब्‍ध कराई गई. प्रदेश सरकार ने देश में पहली बार कृषक उत्‍पादक संगठनों को शामिल कर किसानों को तोहफा दिया. प्रदेश के 115 से अधिक गेहूं केंद्रों पर एफपीओ खरीद प्रक्रिया का हिस्सा बनाए गए, जिससे किसानों को उनके खेत के 10 किमी के दायरे में गेहूं बेचने की सुविधा मिल सके.

    ऐसे मिला ई पॉप मशीनों का फायदा

    गेहूं खरीद में लगे किसानों को सरकार ने एक और बड़ा तोहफा दिया है. किसानों के साथ अनाज खरीद में धांधली और गड़बड़ी की गुंजाइश एकदम से खत्म कर दी गई है. सरकार की ओर से मंडियों में किसान इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ परचेज (ई-पॉप) डिवाइस का इस्‍तेमाल किया जा रहा है, जिससे किसानों को उनके दाने-दाने का भुगतान किया जा सके. ई-पॉप मशीन से खरीद करने पर किसानों को कुल तौल की गई गेहूं की मात्रा व गेहूं के मूल्य की प्रिंटेड रसीद तत्काल मिल जाएगी.