यूपी सरकार फूड प्रो​सेसिंग सेक्‍टर के लिए जुटाएगी 15,000 करोड़ का नया निवेश! जल्‍द आएगी मेगापॉलिसी

योगी आदित्यनाथ.
योगी आदित्यनाथ.

उत्तर प्रदेश (UP) के कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा (APC Alok Sinha) ने बताया कि फूड प्रो​सेसिंग सेक्‍टर के लिए एक मेगापॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है. सीएम योगी आदित्‍यनाथ (CM Yogi Adityanath) जल्‍द ही इसकी घोषणा करेंगे. उन्‍होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में फूड प्रो​सेसिंग सेक्‍टर (Food Processing Sector) में अब तक 15,000 करोड़ का निवेश हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 9:21 PM IST
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नई दिल्‍ली. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्‍यनाथ सरकार (UP Government) राज्‍य के फूड प्रोसेसिंग सेक्‍टर (Food Processing Sector) में 15,000 करोड़ रुपये का नया निवेश जुटाने की तैयारी कर रही है. वहीं, इस सेक्‍टर के लिए योगी सरकार ने एक मेगापॉलिसी का ड्राफ्ट (Mega-Policy Draft) भी तैयार कर लिया है. इससे माइक्रो, स्‍मॉल व मझोले उद्योगों (MSMEs) से लेकर बड़ी कंपनियों को भी फायदा होगा. इसके तहत बड़े उद्योगों को 100 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी मिलना संभव हो जाएगा. यूपी के कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा (APC Alok Sinha) ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) जल्‍द ही इस मेगापॉलिसी की घोषणा कर सकते हैं.

पांच साल में 20 फीसदी फूड आइटम्‍स की होने लगेगी प्रोसेसिंग
सिन्‍हा ने कहा कि भारत की 70 फीसदी आबादी गांवों में रहती है, जबकि अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में उनका योगदान सिर्फ 27 फीसदी है. सरकार किसानों (Farmers) की आमदनी में वृद्धि कर उनका अर्थव्‍यवस्‍था में योगदान बढ़ाने के लिए हरसंभव पारदर्शी प्रयास कर रही है. पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के वेबिनार में उन्‍होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग के जरिये किसानों के उत्पादों (Farm Produces) की लागत बढ़ाकर इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. उन्‍होंने कहा कि आज यूपी में पैदा होने वाले फूड आइटम्‍स का सिर्फ 6 फीसदी हिस्‍सा ही प्रोसेस्ड हो पाता है, जिसे अगले पांच साल में 20 फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है.

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यूपी में हर साल बर्बाद हो जाता है 70,000 करोड़ रुपये का अनाज


कृषि उत्‍पादन आयुक्‍त ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फूड प्रो​सेसिंग सेक्‍टर में 15,000 करोड़ का निवेश हो चुका है. अब 15,000 करोड़ रुपये के नए निवेश को आकर्षित करने की तैयारी चल रही है. खाद्य प्रसंस्करण विभाग के प्रमुख सचिव बीएल मीणा ने बताया कि यूपी में कोल्ड चेन (Cold Storage) की कमी के कारण हर साल 70,000 करोड़ रुपये का अनाज बर्बाद हो जाता है. इसके लिए प्रदेश सरकार बड़े पैमाने पर सब्सिडी स्कीम चला रही है. 'ऑपरेशन ग्रीन' के तहत दो मीट्रिक टन से ज्यादा माल का परिवहन करने वाले उद्यमी 50 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी हासिल कर सकते हैं.

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'इंडस्‍ट्रीज के लिए लागू की जानी चाहिए सोलर एनर्जी की सुविधा'
पीएचडी चैंबर के सह-अध्‍यक्ष मनीष खेमका ने सोलर एनर्जी (Solar Energy) की सुविधा को इंडस्‍ट्रीज के लिए भी लागू करने की अधिकारियों से मांग की. इससे कोल्ड स्टोरेज व दूसरी फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स का बिजली खर्च घटाकर अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर प्रतिस्‍पर्धा के लिए तैयार किया जा सकेगा. गौरतलब है कि वर्तमान में औद्योगिक इकाइयों को सोलर एनर्जी के नेट मीटर लगाने की अनुमति नहीं है. इस कारण उनके लिए सोलर प्लांट लगाना संभव नहीं है. कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने बताया कि सरकार इस मांग पर विचार कर रही है. जल्द ही इस पर निर्णय होने की उम्‍मीद है. उन्होंने अपने स्तर से भी जनहित के इस मुद्दे की पैरवी करने का भरोसा दिलाया.
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