कोरोना में नौकरियाें का संकट, सिर्फ 707 जॉब्स के लिए चार लाख से ज्यादा ने किए आवेदन

एमएसएमई संपर्क अपना रिज्यूमे शेयर कर सकते हैं और रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं

एमएसएमई संपर्क अपना रिज्यूमे शेयर कर सकते हैं और रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं

एमएसएमई संपर्क (MSME SAMPARK) पोर्टल पर नौकरी की तलाश करने वाले लोग कर रहे हैं आवेदन.

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नई दिल्ली. छोटे और मझोल उद्योगों में रोजगार को एक प्लेटफार्म पर लाने के मकसद से शुरू किए गए एमएसएमई संपर्क (MSME SAMPARK) स्कीम के आंकड़े की बानगी देखिए. यहां 21 मई तक 707 वैकेंसी के लिए वर्तमान में 4,71,922 लोगों ने आवेदन दिया है.

एमएसएमई संपर्क को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जून 2018 में लॉन्च किया था. लेकिन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) SAMPARK से मिला डेटा नौकरी चाहने वालों और रिक्तियों की संख्या के बीच एक साफ अंतर को दर्शाता है. बेरोजगारी (unemployment) का आलम देश में क्या है, वो इन आंकड़ों से पता लग सकता है. गौरतलब है कि MSME SAMPARK एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसमें छोटे उद्योग 18 एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर्स से छात्रों और ट्रेनी को काम पर रख सकते हैं.

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वैकेंसी के लिए खुद को रजिस्टर्ड कर सकते हैं
पोर्टल पर नौकरी की तलाश करने वाले लोग अपना रिज्यूमे शेयर कर सकते हैं और नौकरियां और वैकेंसी के लिए खुद को रजिस्टर्ड कर सकते हैं. दूसरी तरफ नौकरी देने वाली संस्था या कंपनी पोर्टल से सही उम्मीदवार को चुन कर, उससे कॉन्टैक्ट कर लेते हैं.

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ट्रेनीज की संख्या में साल दर साल 148 प्रतिशत की बढ़ोतरी



नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (NI-MSME) के तहत तैयार किए गए ट्रेनीज की संख्या में साल दर साल 148 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है. FY20 में, ट्रेनीज की संख्या 3,999 थी, जिसमें 154 ट्रेनिंग प्रोग्राम शामिल थे, जबकि FY21 में, ये ट्रेनिंग प्रोग्राम की संख्या में 95 की गिरावट के बावजूद ट्रेनीज की संख्या 9,935 तक पहुंच गई.

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सेंटर से सालाना लगभग 1.5 लाख छात्रों को ट्रेनिंग मिल रही

पोर्टल के अनुसार, सेंटर सालाना लगभग 1.5 लाख छात्रों को ट्रेनिंग देते हैं और उनमें से ज्यादातर को देश के साथ-साथ विदेशी कंपनियों द्वारा नौकरी के लिए हायर किया जा रहा है. तैयार किए गए ट्रेनी और वैकेंसी में बड़े अंतर के कारणों को देखते हुए, पेरोल आउटसोर्सिंग टीमलीज सर्विसेज के उपाध्यक्ष और बिजनेस हेड प्रशांत सिंह ने कहा कि 2020 में COVID-19 लॉकडाउन और इस साल फिर से बढ़ते संक्रमण और प्रतिबंधों ने भर्ती योजनाओं की लय को बिगाड़ दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी कंपनियों के मुकाबले, जिनके पास एक अच्छी भर्ती प्रक्रिया है. छोटे उद्योग और एंटरप्रेन्योर्स अपनी पहुंच, ज्ञान और विजिबिलिटी के कारण सही प्रतिभा और कौशल प्राप्त करने के लिए ज्यादा संघर्ष करते हैं.

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