UP बनेगा देश की आर्थिक गतिविधियों का केंद्र, निवेशकों को आकर्षित करने के लिए योगी सरकार ने बनाई विशेष नीति

सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

हाल ही में उत्तर प्रदेश ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) रैंकिंग में पिछले 3 वर्षों में 12 स्थानों की प्रगति करते हुए देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 30, 2020, 8:43 PM IST
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लखनऊ. कोरोना संकट के बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) उद्योगों को बढ़ावा देने और प्रदेश के नागरिकों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए नए कदम उठा रही है. हाल ही में उत्तर प्रदेश ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) रैंकिंग में पिछले 3 वर्षों में 12 स्थानों की प्रगति करते हुए देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है.

यूपी के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग आयुक्त अलोक टंडन ने कोरोना महामारी के बाद पनपे हालातों के बीच राज्य के औद्योगिक विकास के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि कोविड संकट से लड़ते हुए उत्तर प्रदेश तेजी से भारत के प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रहा है. पिछले 6 महीनों में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में निवेश परियोजनाओं के लिए लगभग 420 एकड़ आवंटित किए गए है, जिसमें लगभग 6,700 करोड़ रुपये का निवेश होगा. इन परियोजनाओं से लगभग 1,35,362 लोगों को रोजगार मिलेगा.

यूपी में 45 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेंगी कंपनियां
टंडन ने बताया कि प्रदेश सरकार ने निवेश की प्रक्रियाओं का सरल बनाया है. भारत के सबसे बड़े डिजिटल सिंगल विंडो पोर्टल निवेश मित्र के माध्यम से उद्यमियों की 90 प्रतिशत शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया है. जिसके फलस्वरुप राज्य सरकार ने 40 से अधिक निवेश आशयों को आकर्षित करने में सफलता प्राप्त की है, जिसमें लगभग 10 देशों, जैसे- जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, जर्मनी, दक्षिण कोरिया आदि की कंपनियों के लगभग 45 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सम्मिलित है.
इन कंपनियों को निवेश प्रस्तावित


हीरानंदानी ग्रुप द्वारा डाटा सेंटर में 750 करोड़, ब्रिटानिया इण्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा एकीकृत खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने में 300 करोड़, एसोसिएटेड ब्रिटिश फूड पीएलसी द्वारा खमीर मैन्यूफैक्चरिंग में 750 करोड़, डिक्सन टेक्नोलॉजीज द्वारा कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में 200 करोड़, वॉन वेलिक्स द्वारा फुटवियर निर्माण में 300 करोड़, सूर्या ग्लोबल पलेक्सी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पीओपीपी, बीओपीईटी मेटालाइज्ड फिल्म्स प्रोडक्शन प्लांट में 953 करोड़, मैक सॉफ्टवेयर (यूएस) द्वारा सॉफ्टवेयर विकास में 200 करोड़, एकैग्रेटा इंक (कनाडा) द्वारा अनाज अवसंरचना उपकरणों में 746 करोड़, एडिसन मोटर्स (दक्षिण कोरिया) द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों में 750 करोड़ तथा याजाकी (जापान) द्वारा वायरिंग हारनेस तथा कम्पोनेंट्स में रु. 2,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है.

उन्होंने बताया राज्य सरकार ने कोविड-19 काल खंड के बाद 'पिछड़े क्षेत्रों के लिए त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020' घोषित की है. इसके अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के पूर्वाचल, मध्यांचल और बुंदेलखंड क्षेत्रों में नई औद्योगिक इकाइयों को फास्ट ट्रैक मोड में आकर्षक प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं. इन्हीं क्षेत्रों में अधिकतर प्रवासी मजदूरों व कामगारों की वापसी हुई है. विभिन्न नए स्वदेशी और विदेशी निवेश प्रस्तावों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने 'इन्वेस्ट यूपी' में हेल्पडेस्क स्थापित किया है. 'मेक-इन-यूपी' को प्रोत्साहित करने के लिए एक्सप्रेसवे के किनारे कई औद्योगिक पार्को के विकास की योजना है. फिरोजाबाद, आगरा, उन्नाव, चित्रकूट, मैनपुरी और बाराबंकी जिलों से लगभग 22 हजार एकड़ भूमि चिन्हित की गई है.

कोविड-19 के बाद 14,900 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में परिवर्तित कर उत्तर प्रदेश सरकार अब तक 43 प्रतिशत हस्ताक्षरित एमओयू का कार्यान्वयन करवाने में सफल हुई है.
सरकार द्वारा नए प्रकार के उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जैसे- बल्क ड्रग तथा मेडिकल डिवाइस मैन्यूफैक्चरिंग,लॉजिस्टिक्स, डिफेंस, डेटा सेंटर आदि. सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को आवेदन की तिथि से 15 दिनों के भीतर भूमि प्रदान करने के लिए निर्देशित किया गया है.

ग्रेटर नोएडा में फिल्म सिटी प्रस्तावित
ग्रेटर नोएडा में बन रहे जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से 6 किमी दूर 1,000 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल की फिल्म सिटी बन रही है. इसके अतिरिक्त एमएसएमई पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स पार्क, परिधान पार्क, हस्तशिल्प पार्क और खिलौना पार्क भी इस क्षेत्र में प्रस्तावित हैं. इन योजनाओं में 40,000 करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 2.5 से 3 लाख लोगों को रोजगारों मिलने की संभावना है.
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