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ट्रंप की नई 'वॉर' से दुनियाभर के शेयर बाजारों में मचा कोहराम, सेंसेक्स 500 अंक टूटा

News18Hindi
Updated: March 23, 2018, 12:24 PM IST
ट्रंप की नई 'वॉर' से दुनियाभर के शेयर बाजारों में मचा कोहराम, सेंसेक्स 500 अंक टूटा
अमेरिका-चीन के बीच शुरू हुई ट्रेड वॉर से दुनियाभर के बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है. शुक्रवार को सेंसेक्स 500 अंक टूट गया

अमेरिका-चीन के बीच शुरू हुई ट्रेड वॉर से दुनियाभर के बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है. शुक्रवार को सेंसेक्स 500 अंक टूट गया

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  • Last Updated: March 23, 2018, 12:24 PM IST
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अमेरिका और चीन के बीच छिड़ी ट्रेड वॉर ने दुनियाभर के शेयर बाजारों को हिला कर रख दिया है. एशियाई बाजारों में भारी गिरावट के बाद अब भारत के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी भी लुढ़क गए है. फिलहाल (12:00 PM) बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 500 अंक गिरकर 32,511 के स्तर पर है. वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 155 अंक की कमजोरी के साथ निफ्टी 10 हजार के नीचे फिसल गया है. यह 9,975 के स्तर पर आ गया है.

निवेशकों के 2 लाख करोड़ रुपये डूबे
इस गिरावट से निवेशकों के 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा डूब गए. गुरुवार को बीएसई पर लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 1,40,87,911.54 करोड़ रुपए था. वहीं शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 1,82,339.54 करोड़ रुपए घटकर 1,39,05,572 करोड़ रुपए हो गया.

क्या करें निवशक



एयूएम कैपिटल के राजेश अग्रवाल का कहना है कि बाजार की चाल एक दायरे में अटक गई है. साथ ही बाजार के लिए कोई ट्रिगर भी नजर नहीं आ रहा है. लिहाजा बाजार पर दबाव बना हुआ है. हालांकि, अगले महीने से बाजार में तेजी का एक रुझान बनता नजर आ सकता है. बाजार की नजर अब चौथी तिमाही के नतीजों पर रहने वाली है. कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे अच्छे रहने की उम्मीद है. राजेश अग्रवाल के मुताबिक बाजार की मौजूदा गिरावट में 2-3 महीने की अवधि के लिहाज से खरीदारी करने की सलाह होगी. नाल्को में करेक्शन आने पर खरीदारी की जा सकती है. एचसीसी जैसी कर्ज के बोझ वाली कंपनियों से दूर रहने में ही समझदारी है.

चीन पर लगाई 60 अरब डॉलर की इम्पोर्ट ड्यूटी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से चीन पर 60 अरब डॉलर की इम्पोर्ट ड्यूटी लगाई गई है. आने वाले दिनों में ट्रंप प्रशासन और भी कई कदम उठा सकता है. अमेरिका की ओर से 15 दिनों में उत्पादों की सूची जारी की जाएगी और इस सूची में 1300 चीनी उत्पाद शामिल हो सकते हैं. इसके बाद चीन ने पलटवार करते हुए 128 अमेरिकी उत्पादों की सूची जारी की है. चीन की ओर से वाइन, फल, स्टील पर ड्यूटी लगाई जा सकती है. अमेरिका से सहमति नहीं बनने पर चीन ड्यूटी लगा सकता है. चीन की ओर से आए बयान में कहा गया है कि ट्रेड वॉर को आखिरी तक लेकर जाएंगे, लेकिन उम्मीद ये भी है कि अमेरिका से ट्रेड वॉर खत्म हो सकता है.

चीन ने दी पलटवार की धमकी
चीन ने अमेरि‍का को चेतावनी दी है कि‍ वह 'ट्रेड वार' से नहीं डरता. चीन ने धमकी दी है कि‍ वह इंपोर्ट के खि‍लाफ उठाए गए डोनाल्ड ट्रम्प के कदम के बदले 3 अरब डॉलर की लागत वाले अमेरि‍की गुड्स पर टैरि‍फ लगाएगा. वाशिंगटन डीसी में चीनी दूतावास द्वारा दिए गए एक बयान में चीन ने चीनी वस्तुओं पर ट्रेड टैरिफ लागू करने के ट्रंप के फैसले की कड़ी निंदा की और दोनों देशों को ट्रेड वार के कगार पर आने का आरोप लगाया.

ट्रेड वार से अमेरिकी बाजार टूटे
गुरुवार के कारोबार में अमेरिकी बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए. डाओ जोंस 724 अंक की कमजोरी के साथ 23,958 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं नैस्डैक 179 अंक टूटकर 7,167 के स्तर पर बंद हुआ. इसके अलावा एसएंडपी 500 इंडेक्स 68 अंक लुढ़ककर 2,644 के स्तर पर बंद हुआ.

अब आगे क्या
दुनिया की बड़ी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने ट्रेड वॉर पर अपनी राय देते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन आगे भी व्यापार संबंधी कड़े फैसले ले सकता है. हालांकि ट्रेड पॉलिसी पर पिछले हफ्ते के फैसलों से जोखिम कम हुआ है. इनका कहना है कि चीन से 50 अरब डॉलर तक के इंपोर्ट पर 25 फीसदी ड्यूटी उम्मीद से कम है.

मॉर्गन स्टैनली ने ट्रेड वॉर पर अपनी राय रखते हुए कहा कि इससे करीब 50 फीसदी स्टील, एल्युमिनियम इंपोर्ट पर ड्यूटी लगना बाकी है. ईयू (यूरोपीय यूनियन), अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया के प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी नहीं है. चीन पर इंपोर्ट ड्यूटी लगाने का असर सेक्शन 301 के बराबर बताया है.

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First published: March 23, 2018, 12:23 PM IST
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