अगर ट्रंप ने किया ये ऐलान तो आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगी तेल की कीमत!

अगर ट्रंप ने किया ये ऐलान तो आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगी तेल की कीमत!
अमेरिका भारत के लिए और कई टेंशन बढ़ा दी है. अमेरिका ने कहा कि वह भारत को ईरान के सस्ते तेल का आयात रोकने से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए रियायती दर पर अपना कच्चा तेल बेचने का भरोसा नहीं दे सकता है.

अमेरिका भारत के लिए और कई टेंशन बढ़ा दी है. अमेरिका ने कहा कि वह भारत को ईरान के सस्ते तेल का आयात रोकने से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए रियायती दर पर अपना कच्चा तेल बेचने का भरोसा नहीं दे सकता है.

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भारत ने ईरान से अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद इस महीने से तेल खरीदना बंद कर दिया है. इसके बाद अब अमेरिका भारत के लिए और कई टेंशन बढ़ा दी है. अमेरिका ने कहा कि वह भारत को ईरान के सस्ते तेल का आयात रोकने से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए रियायती दर पर अपना कच्चा तेल बेचने का भरोसा नहीं दे सकता है. ट्रेड फोरम में हिस्सा लेने भारत आए अमेरिकी कॉमर्स सेक्रटरी विल्बर रॉस ने यह बात कही. रॉस ने कहा कि तेल पर मालिकाना हक निजी हाथों में है इसलिए सरकार दाम में छूट देने के लिए लोगों पर दबाव नहीं बना सकती. आपको बता दें कि ईरान से कच्चा तेल मंगाना भारतीय रिफाइनरीज के लिए फायदेमंद होता है. ईरान खरीदारों को भुगतान के लिए 60 दिन का समय देता है. यह सुविधा अन्य देशों जैसे सऊदी अरब, कुवैत, इराक, नाइजीरिया और अमेरिका के साथ उपलब्ध नहीं है.

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अमेरिका ने भारत को आश्वस्त करते हुए यह भी कहा है कि वह सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात जैसे देशों से बातचीत कर रहा है जिससे भारत को अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट न बढ़ने के बावजूद तेल की सप्लाई मिल सके. इस बीच तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारतीय रिफाइनरीज की जरूरत के मुताबिक तेल की सप्लाई के लिए एक मजबूत योजना तैयार है.



रॉस और जस्टर ने कहा कि सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों के साथ अमेरिका बातचीत कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भारत को तेल सप्लाई ठीक तरह से हो. रॉस ने कहा कि अगर आपने हालिया आतंकी घटनाएं देखी हैं, तो आपको पता होगा कि ईरान एक समस्या है और हमें वह सब करना चाहिए जो आतंक के खिलाफ किया जा सकता है.
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आपको बता दें कि अमेरिका द्वारा ईरान से तेल आयात करने वाले देशों पर प्रतिबंधों में छूट न देने के बाद, भारत को भी 2 मई से ईरान से क्रूड ऑइल का आयात बंद करना पड़ा है. ट्रंप प्रशासन ने प्रतिबंधों पर मिलने वाली छूट आगे न बढ़ाने का फैसला किया जिससे भारत जैसे देशों को अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान से तेल का आयात बंद करना पड़ा.

उम्मीद की जा रही थी कि भारत सरकार ईरानी तेल सप्लाई के लिए अमेरिकी सरकार पर दबाव बनाएगी. चीन के बाद ईरान से क्रूड ऑइल खरीदने वाला भारत दूसरा सबसे बड़ा देश है. 31 मार्च को खत्म हुए वित्त वर्ष (2018-19) में भारत ने ईरान से करीब 24 मिलियन टन क्रूड ऑइल खरीदा. ईरान ने भारत की तेल जरूरत के 10% से ज्यादा की आपूर्ति की. अब तेल सप्लाई की इस कमी को सऊदी अरब, कुवैत, यूएई और मेक्सिको जैसे देशों से पूरा किया जाएगा. 2018-19 में इराक और सऊदी अरब के बाद ईरान दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश है.

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