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WTO से भारत को झटका! निर्यात प्रोत्साहन मामले में अमेरिका से मुकदमा हारा, अपील का मौका

भाषा
Updated: October 31, 2019, 10:47 PM IST
WTO से भारत को झटका! निर्यात प्रोत्साहन मामले में अमेरिका से मुकदमा हारा, अपील का मौका
विश्व व्यापार संगठन

WTO की विवाद निपटान समिति ने गुरुवार को कहा कि ये योजनाएं अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों (International Trade Rules) के अनुरूप नहीं है. अब इस फैसले के बाद भारत को प्रोत्साहन योजनाओं को इस रूप से तैयार करना होगा जिससे वह डब्ल्यूटीओ व्यवस्था के अनुरूप हो.

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नई दिल्ली. भारत अपनी कुछ निर्यात प्रोत्साहन की योजनाओं के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (WTO) में अमेरिका द्वारा दायर मुकदमे में हार गया है. WTO की विवाद निपटान समिति ने गुरुवार को कहा कि ये योजनाएं अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों (International Trade Rules) के अनुरूप नहीं है. इस बीच, भारत ने कहा है कि वह WTO की विवाद निपटान समिति के निर्णय के खिलाफ अपील करेगा.

भारत के पास अपील करने का मौका
इस फैसले के बाद भारत को प्रोत्साहन योजनाओं को इस रूप से तैयार करना होगा जिससे वह WTO व्यवस्था के अनुरूप हो. हालांकि वह WTO विवाद निपटान प्रणाली के अपीलीय निकाय की व्यवसथा के खिलाफ अपील दायर कर सकता है. अमेरिका ने पिछले साल 14 मार्च को भारत की भारत वस्तु निर्यात योजना (MEIS), निर्यात उन्मुख इकाइयां तथा निर्यात संवर्द्धन पूंजीगत सामान (EPCG) योजना तथा शुल्क मुक्त आयात योजना जैसी निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं को लेकर उसे डब्ल्यूटीओ की विवाद निपटान प्रणाली घसीटा था.

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क्या था अमेरिका का आरोप
अमेरिका का आरोप था कि ये योजनाएं अमेरिकी कंपनियों के हितों को नुकसान पहुंचा रही है. विवाद निपटान समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ईओयू, इलेक्ट्रानिक्स हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क स्कीम, ईपीसीजी और एमईआईएस सब्सिडी और प्रतिपूरक उपायों पर डब्ल्यूटीओ समझौता के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है. समिति ने कहा है कि भारत को रिपोर्ट स्वीकार के 90 दिनों के भीतर प्रतिबंधित सब्सिडी को वापस लेना चाहिए.
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भारत की दलील
इस बीच, भारत ने कहा है कि वह डब्ल्यूटीओ की विवाद निपटान समिति के निर्णय के खिलाफ अपील करेगा. एक अधिकारी ने कहा,कि भारत चार योजनाओं के संदर्भ में समिति के निर्णय को डब्ल्यूटीओ के अपीलीय निकाय में अपील करेगा. समिति ने कहा है कि भारत को इस प्रकार की योजनाओं को समाप्त करने के लिये अन्य विकासशील देशेां की आठ साल की मोहलत नहीं मिलेगी.

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First published: October 31, 2019, 10:47 PM IST
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