बड़ी खुशखबरी! अब यहां छोटी इंडस्ट्री लगाने के लिए सिर्फ 72 घंटे में मिल जाएगी मंजूरी

बड़ी खुशखबरी! अब यहां छोटी इंडस्ट्री लगाने के लिए सिर्फ 72 घंटे में मिल जाएगी मंजूरी
UP सरकार का बड़ा फैसला! अब छोटी इंडस्ट्री शुरू करने के लिए कुछ ही घंटो मंजूरी

अगर आप उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) यानी की यूपी में कोई कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो अब आपके लिए खुशखबरी है. यूपी सरकार ने माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) के लिए नियमों को बहुत आसान बना दिया है.

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  • Last Updated: August 20, 2020, 11:56 AM IST
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नई दिल्ली. अगर आप उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) यानी की यूपी में कोई कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो अब आपके लिए खुशखबरी है. यूपी सरकार ने माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) के लिए नियमों को बहुत आसान बना दिया है. अब आपको सिर्फ 72 घंटे में ही यूपी में एमएसएमई यूनिट (MSME Unit) लगाने की मंजूरी मिल जाएगी.

उत्तर प्रदेश सरकार ने MSME यूनिट शुरू करने के लिए नया नियम बनाया है जिसमें किसी भी निवेशक को जरूरी क्लीयरेंस पाने के लिए 1,000 दिन का समय दिया जाएगा. उत्तर प्रदेश सरकार के एमएसएमई इस्टेब्लिशमेंट एंड ऑपरेशन एक्ट 2020 के मुताबिक किसी व्यक्ति को यूपी में उद्योग लगाने के लिए जिला स्तर के एक नोडल एजेंसी की मदद लेनी है.

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72 घंटे के अंदर मिल जाएगी मंजूरी 
जब आप इस नोडल एजेंसी के पास उद्योग लगाने से संबंधित अपना आवेदन जमा करेंगे तो 72 घंटे के अंदर अंदर आपको इसका एक्नॉलेजमेंट मिल जाएगा. उसके आधार पर आप अपनी यूनिट लगा सकते हैं.

उत्तर प्रदेश में कोई छोटी इकाई लगाने के लिए 29 अलग-अलग विभाग से मंजूरी लेना पड़ता है और इसकी मंजूरी मिलने के बाद ही आप उद्यम लगा सकते हैं. उत्तर प्रदेश के पास अब तक एमएसएमई से संबंधित कोई कानून नहीं था और उत्तर प्रदेश में अब तक केंद्रीय कानून के हिसाब से कामकाज हो रहा था.

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नए उद्यम लगाने से संबंधित मसलों का जल्द ही निपटान होगा 
छोटे उद्यम स्थापित करने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा लैंड यूज और सीलिंग थी. जिला स्तरीय नोडल एजेंसी बनाने और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की निगरानी में यह काम देने के बाद अब रेवेन्यू डिपार्टमेंट, पोलूशन कंट्रोल जैसे विभाग के सभी अधिकारी नए उद्यम लगाने से संबंधित मसलों का त्वरित निपटान करेंगे.

नोडल अधिकारी के पास पहुंचने वाले आवेदन खारिज भी किए जा सकते हैं, लेकिन कानून बनाने का आईडिया यह है कि नए प्रोजेक्ट लगाने की स्पीड बढ़े. यह जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार के विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एमएसएमई) नवनीत सहगल ने दी है.
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