UVC फूड को करता है वायरस और बैक्टीरिया मुक्त, जानिए कैसे देवाशीष को आया इसका आईडिया, जानें सबकुछ

यूवीसी फूड को रखता है वायरस और बैक्टीरिया मुक्त.

यूवीसी फूड को रखता है वायरस और बैक्टीरिया मुक्त.

Self-Driving Sanitary Robot का इस्तेमाल होटल, ऑफिस, हॉस्पिटल और सरकारी भवनों के साथ बड़े घर में किया जा सकता है. यह सिर्फ 5 मिनट में 120 sq ft की जगह को सैनिटाइज कर सकता है. इसके साथ ही इसमें GPS भी लगा हुआ है. जो यह जानने में मदद करता है कि किसी कमरे को सैनिटाइज किया गया था या नहीं.

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नई दिल्ली. कोरोना महामारी ने छोटे से वायरस और बैक्टीरिया प्रति लोगों को सजग कर दिया है. अब आम आदमी भी पूरी तरह हाईजिनिक खाना और अपने आसपास के माहौल चाहता है. इसी चीज को ध्यान में रखकर देवाशीष तालुकदार ने एक ऐसा प्रोडक्ट तैयार किया है जो फूड के साथ आसपास के माहौल काे वायरस और बैक्टीरिया मुक्त करता है. अपने इस प्रोडक्ट को देवाशीष ने UVC नाम दिया है जिसका निर्माण  Valetudo Systems कंपनी के बैनर तले किया जा रहा है. इसके अलावा देवाशीष ने सेल्फ-ड्राइविंग सैनिटरी रोबोट भी तैयार किया है जो खुद से ही हॉस्पीटल या ऑफिस को सैनेटाइज करता है. आइए जानते हैं. UVC के बारे में और ये कैसे काम करता है और सेल्फ ड्राइविंग सैनिटरी रोबोट के बारे में सबकुछ.

UVC फूड को करता है वायरस मुक्त - देवाशीष का पहला प्रोडक्ट हेलिओस एक ओवन के आकार की मशीन है जो फूड को साफ करने के लिए यूवीसी और मैग्नेट्रोन का उपयोग करती है. यह इन-बिल्ट कैमरा के साथ भी आता है. एक बार खाना तैयार हो जाने के बाद, शेफ इसे खाने में डाल देता है. सबसे पहले, यूवीसी भोजन की सतह पर कीटाणुओं को नष्ट करने का काम करता है और मैग्नेट्रॉन माइक्रोवेव एनर्जी का इस्तेमाल करके खाने के अंदर वाटर मॉलिक्यूल को एक्टिवेट कर देता है. और इस तरह से पूरे खाने को समान रूप से गर्म ऊर्जा का अहसास होता है. इस पूरी प्रोसेस को आप अपने मोबाइल पर भी देख सकते हैं. इसके लिए आपको https://valetudo.us/ की वेबसाइट पर जाकर एक ओटीपी जनरेट करना होता है. जिसके बाद आप इस पूरी प्रोसेस की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं.

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सेल्फ-ड्राइविंग सैनिटरी रोबोट - इसका उपयोग आमतौर पर होटल, ऑफिस, हॉस्पिटल और सरकारी भवनों के साथ बड़े घर में किया जा सकता है. यह सिर्फ 5 मिनट में 120 sq ft की जगह को सैनिटाइज कर सकता है. इसके साथ ही इसमें GPS भी लगा हुआ है. जो यह जानने में मदद करता है कि किसी कमरे को सैनिटाइज किया गया था या नहीं.
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ऐसे आया इसे बनाने का आईडिया - देवाशीष तालुकदार बताते है कि, कोरोना महामारी में होटल और ऑफिस का माहौल काफी डरावना था. लोग सार्वजनिक जगहों पर बड़ी मुश्किल से जाया करते थे. जिसके बाद उनके दिमाग में ऐसा प्रोडक्ट बनाने का ख्याल आया जो फूड के साथ आसपास के माहौल को भी वायरस और बैक्टीरिया मुक्त कर सके. जिसके बाद उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर UVC और सेल्फ-ड्राइविंग सैनिटरी रोबोट का निर्माण किया. 

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