कर्ज की बोझ में डूबी एअर इंडिया पर सरकार का 500 करोड़ रुपये बकाया

अगले वित्त वर्ष तक सरकार ने एअर इंडिया का विनिवेश पूरा करने का लक्ष्य रखा है.

एअर इंडिया पर विभिन्न सरकार विभागों का बकाया करीब 500 करोड़ रुपये का है. नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में इस बारे में जानकारी दी है. विनिवेश के बाद एअर इंडिया के कर्मचारियों को लेकर सरकार ने कहा है कि उनके हितों का ख्याल रखा जाएगा.

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    नई दिल्ली. एअर इंडिया (Air India) को विभिन्न सरकारी विभागों से करीब 500 करोड़ रुपये का बकाया लेना है. इन सरकारी विभागों ने कई दौरों के लिए एअर इंडिया के VVIP चार्टर्ड फ्लाइट की सेवा ली है. इसके बाद इन विभागों की तरफ से इस सरकारी विमान कंपनी को अभी तक भुगतान नहीं किया गया है, खासतौर पर एक ऐसे समय में जब यह कंपनी फंड की कमी से जूझ रही है. नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने बुधवार को राज्यसभा (Rajya Sabha) में इस बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एअर इंडिया के वीवीआई फ्लाइट्स के किराये पर कुल 498.17 करोड़ रुपये बकाया है. यह आंकड़ा 31 दिसंबर 2022 तक का है.

    पुरी ने राज्य सभा में बताया, ‘आमतौर पर विभिन्न सरकारी विभागों का क्रेडिट पीरियड 15 से 30 दिनों का होता है. इस क्रेडिट पीरियड के अंदर पेमेंट नहीं करने पर कोई ब्याज भी नहीं देना पड़ता है.’ एअर इंडिया ने हाल ही में एक घरेलू उधारकर्ता से छोटी अवधि के लिए 225 करोड़ रुपये का लोन लिया है ताकि वो अपने पुराने लोन को रिफाइनेंस करा सके.



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    एअर इंडिया के पास करीब 46 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति
    वित्त वर्ष 2019-20 के लिए प्रोविजनल आंकड़ों की मानें तो एअर इंडिया पर कुल 38,366.39 करोड़ रुपये का कर्ज (Total Debt on Air India) है. वित्त वर्ष 2019-20 में ही एअर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड के स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) को एयरलाइन द्वारा 22,064 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के बाद की यह रकम है. 31 मार्च 2020 तक एअर इंडिया की कुल फिक्स्ड संपत्ति करीब 45,863.27 करोड़ रुपये है. इसमें एअर इंडिया की ज़मीन, बिल्डिंग्स, एयरक्राफ्ट फ्लीट और इंजन शामिल हैं.

    बता दें कि एअर इंडिया के विनिवेश की तैयारी लंबे समय से चल रहा है. आम बजट 2021-22 में भी सरकार ने विनिवेश (Air India Disinvestment) के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है, जिसमें एअर इंडिया के विनिवेश के जरिए आने वाली रकम का बड़ा योगदान होगा.

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    विनिवेश के बाद कर्मचारियों के हितों का ख्याल रखा जाएगा
    हाल ही में जब यह पूछा गया कि क्या विनिवेश के बाद एअर इंडिया के कर्मचारी बने रहेंगे या नहीं तो सरकार ने अपने जवाब में कहा कि दीपम (DIPAM) के गाइडेंस के आधार पर एअर इंडिया कर्मचारियों के सुरक्षित रखा जाएगा. वर्तमान विनिवेश प्रक्रिया शुरुआती चरण में है. वित्त वर्ष 2020 में एअर इंडिया को करीब 7,982.83 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है.

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