देश के दिग्गज बिजनेसमैन ने मोदी सरकार को दिया रोजगार बढ़ाने का ये मंत्र!

दिग्गज कारोबारी और वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने मोदी सरकार को रोजगार सृजन के मामले में सुझाव देते हुए कहा कि, पांच माइनिंग कंपनियों का निजीकरण करने पर सरकार को हर साल 28 लाख करोड़ रुपये (400 अरब डॉलर) का फायदा हो सकता है.

News18Hindi
Updated: June 23, 2019, 4:37 PM IST
देश के दिग्गज बिजनेसमैन ने मोदी सरकार को दिया रोजगार बढ़ाने का ये मंत्र!
इस बिजनेसमैन ने मोदी सरकार को दिया रोजगार बढ़ाने का मंत्र!
News18Hindi
Updated: June 23, 2019, 4:37 PM IST
दिग्गज कारोबारी और वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने मोदी सरकार को रोजगार सृजन के मामले में सुझाव देते हुए कहा कि, पांच माइनिंग कंपनियों का निजीकरण करने पर सरकार को हर साल 28 लाख करोड़ रुपये (400 अरब डॉलर) का फायदा हो सकता है. सरकार इतनी रकम खनन उत्पादों के आयात पर हर साल खर्च कर रही है. दरअसल, मोदी सरकार ने इस बार बजट पेश होने से पहले 40 अर्थशास्त्रियों के साथ बैठक की थी. इस बैठक में तीन उद्योगपति भी शामिल हुए. जिनमें अनिल अग्रवाल के अलावा टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और आईटीसी के चेयरमैन संजीव पुरी शामिल थे.

5 सरकारी माइनिंग कंपनियों का तुरंत निजीकरण हो
वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने माइनिंग और प्राकृतिक संसाधनों पर अपने सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि, सरकार के पांच पीएसयू हिंदुस्तान जिंक, हिंदुस्तान कॉपर, कोलार गोल्ड, यूरेनियम कॉरपोरेशन, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और एनएमडीसी का निजीकरण तत्काल प्रभाव से करना चाहिए. नौकरियां कम किए बगैर निजीकरण करना बेहतरीन योजना है.

उन्होंने आगे कहा कि, हिंदुस्तान जिंक लि. का वेदांता ने जब टेकओवर किया तो वहां पांच हजार कर्मी थे, जो अब बढ़कर 25 हजार हो चुके हैं. वेदांता के इसमें 64.9% शेयर हैं. उन्होंने आगे कहा कि, सरकार HZL में 29.5 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसे कंपनी खरीदना चाहती है.

ये भी पढ़ें: किसानों को 8 हजार रुपये सालाना मिले आर्थिक मदद- रिपोर्ट

ऐसे खत्म हो सकता है चालू खाता घाटा
अग्रवाल ने कहा कि अगर भारत तेल और गैस, खनिज और मेटल्स के उत्पादन में बढ़ोतरी नहीं की तो 400 अरब डॉलर का आयात बिल जल्द ही एक ट्रिलियन डॉलर हो जाएगा. अग्रवाल के मुताबिक, अगर हम अपना तेल उत्पादन दोगुना कर लें और गोल्ड आउटपुट 300 टन कर लें तो चालू खाते का घाटा पूरी तरह से खत्म हो जाएगा.
Loading...

उनका कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और बैंकों को स्वायत्ता मिलनी जरूरी है. इनका संचालन ब्रिटिश एयरवेज की तर्ज पर होना चाहिए. इस कंपनी को बोर्ड चलाता है. उनका कहना है कि पीएसयू और पीएसबी में बहुत ज्यादा क्षमताएं हैं, लेकिन इनका प्रबंधन कोई फैसला लेने से हिचकिचाता है. उन्हें लगता है कि जांच के रूप में कोई नया बखेड़ा न खड़ा हो जाए. निर्णय लेने के लिए प्रबंधन को अधिकार मिलने जरूरी हैं, क्योंकि इन कंपनियों में बेशुमार टैलेंट है.

2 करोड़ नौकरियों हो सकती हैं पैदा
माइनिंग के 200 ब्लॉक तत्काल प्रभाव से स्वीकृत होने जरूरी हैं. कोयले, बक्साइट, कॉपर और लौह अयस्क के बड़े ब्लॉकों की नीलामी तत्काल प्रभाव से की जानी चाहिए. माइनिंग बढ़ने से सरकारी कोष में 30 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम आ सकती है और इससे दो करोड़ रोजगारों का सृजन होगा.

ये भी पढ़ें: पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम का पैसा नहीं मिला तो ये है समाधान

अग्रवाल का सुझाव है कि ऑयल ब्लॉक के कांट्रेक्ट को बढ़ाया जाना चाहिए. इन पर कोई नया टैक्स नहीं थोपना चाहिए. वन और पर्यावरण से जुड़ी स्वीकृति इन्हें 60 दिनों के भीतर मिले. कॉरपोरेट टैक्स को 30% से घटाकर 20% करना बेहद जरूरी है. उनका कहना है कि प्राकृतिक संसाधन और इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित किए जा सकते हैं.
First published: June 23, 2019, 4:37 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...