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    Vedanta में निवेश करने वालों को होगा फायदा, कंपनी देगी प्रति शेयर 9.5 रुपये डिविडेंड

    वेदांता लिमिटेड ने प्रति शेयर 1 रुपये की फेस वैल्‍यू पर 950 फीसदी अंतरिम लाभांश की घोषणा की है.
    वेदांता लिमिटेड ने प्रति शेयर 1 रुपये की फेस वैल्‍यू पर 950 फीसदी अंतरिम लाभांश की घोषणा की है.

    वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) ने 10 अक्‍टूबर 2020 को बताया था कि शेयर बाजारों से डिलिस्‍ट होने की कोशिश फेल (Delisting Fails) हो गई है. अब कंपनी अपने शेयरधारकों को वित्‍त वर्ष 2020-21 के लिए 9.5 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से अंतरिम लाभांश (Interim Dividend) देने की घोषणा की है, जो फेस वैल्‍यू का 950 फीसदी है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 25, 2020, 8:15 AM IST
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    नई दिल्‍ली. वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) के बोर्ड ने शेयर बाजार से डिलिस्‍ट होने की कोशिश नाकाम (Delisting Fail) रहने के दो हफ्ते बाद शेयरधारकों को अंतरिम लाभांश (Interim Dividend) देने की घोषणा की है. बोर्ड के मुताबिक, शेयरधारकों को 9.5 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश दिया जाएगा. कंपनी ने स्‍टॉक एक्‍सचेंज को दी जानकारी में बताया कि बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स ने वित्‍त वर्ष 2020-21 के लिए 1 रुपये प्रति शेयर फेस वैल्‍यु (Face Value) पर 950 फीसदी का अंतरिम लाभांश देने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है, जो 3,500 करोड़ रुपये होगा.

    कानून के मुताबिक तय समय पर किया जाएगा लाभांश का भुगतान
    अंतरिम लाभांश का भुगतान 31 अक्‍टूबर 2020 से किया जाएगा. वेदांता लिमिटेड ने कहा कि कानून के मुताबिक तय समय के भीतर शेयरधारकों को लाभांश का भुगतान कर दिया जाएगा. वेदांता ने 10 अक्‍टूबर को घोषणा की थी कि उसकी डिलिस्‍ट होने की कोशिया नाकाम हो गई है. बता दें कि किसी भी कंपनी को पूंजी बाजार (Capital Markets) से डिलिस्‍ट होने के लिए कम से कम 90 फीसदी की जरूरत होती है. वेदांता लिमिटेड सिर्फ 83 फीसदी शेयर ही जुटा पाई थी यानी डिलिस्‍ट होने के लिए जरूरी शेयर में 7 फीसदी कमी रह गई थी.

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    वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड को चुकाना है 40,000 करोड़ का कर्ज


    वेदांता की पेरेंट कंपनी वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड (Vedanta Resources Ltd.) सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज (Singapore Stock Exchange) में लिस्टेड है. बता दें कि उस पर 40,000 करोड़ रुपये (6.7 अरब डॉलर ) से अधिक का कर्ज है. वेदांता का डिलिस्टिंग ऑफर (Delisting Offer) फेल होने के बाद अनिल अग्रवाल अब इस कर्ज को चुकाने के लिए भारत में अपनी दूसरी सहायक कंपनियों से फंड जुटाना चाहते हैं. इसी के मद्देनजर डिविडेंड से मिलने वाले राजस्व और इंटर-कॉर्पोरेट लोन के सरप्लस कैश से वीआरएल का कर्ज चुकाना चाहते हैं.

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    पिछले सप्‍ताह हिंदुस्‍तान जिंक ने की थी डिविडेंड की घोषणा
    वेदांता लिमिटेड की मालिकाना हक वाली कंपनी हिंदुस्‍तान जिंक (Hindustan Zinc) ने सितंबर 2020 तिमाही के नतीजे घोषित होने के बाद अपने निवेशकों को प्रति शेयर 21.30 रुपये डिविडेंड देने की घोषणा की है. यह राशि 9,000 करोड़ रुपये के करीब है. इसमें डिविडेंड का अधिकतर हिस्सा वेदांता को ही मिला, क्योंकि हिंदुस्‍तान जिंक में वेदांता के मालिक अनिल अग्रवाल का 65 फीसदी शेयर है. हिन्दुस्तान जिंक में वेदांता के प्रमोटर अनिल अग्रवाल के 274.31 करोड़ शेयर हैं, जिसकी वैल्यू 30 सितंबर के हिसाब से 5,843 करोड़ रुपये है.
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