महंगाई से राहत: आरबीआई का अनुमान, सब्जियों की कीमतों में रहेगी नरमी

2020-21 की चौथी तिमाही में मुद्रास्फीति यानी महंगाई दर 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान

2020-21 की चौथी तिमाही में मुद्रास्फीति यानी महंगाई दर 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान

निकट भविष्य में सब्जियों की कीमतों में नरमी रह सकती है. शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास ने यह बात कही.

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  • Last Updated: February 5, 2021, 11:31 AM IST
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नई दिल्ली. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान आम आदमी के लिए राहत भरी खबर है. उन्हें सब्जियों के लिए ज्यादा कीमत नहीं चुकानी पड़ेगी. निकट भविष्य में सब्जियों की कीमतों में नरमी रह सकती है. शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी, MPC) की बैठक के बाद आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास (Shaktikant Das) ने यह बात कही. उन्होंने 2020-21 की चौथी तिमाही में मुद्रास्फीति (Inflation) यानी महंगाई दर को संशोधित किया गया है. मुद्रास्फीति के 5.2 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है.

आरबीआई गवर्नर दास ने कहा कि मुद्रास्फीति के लक्ष्य की व्यवस्था ने अच्छा काम किया है. मौद्रिक नीति के तहत लिक्विटिडी को लेकर रुख उदार बना हुआ है. आरबीआई यह सुनिश्चित करेगा कि सरकार का बाजार से उधार जुटाने का कार्यक्रम बिना किसी बाधा के चले. वहीं, एमपीसी की बैठक में यह तय किया गया कि रिजर्व बैंक धीरे-धीरे 27 मार्च 2021 तक बैंकों के नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर, CRR) को 3.5 प्रतिशत पर वापस लाएगा.

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मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत के संतोषजनक दायरे में
इससे पहले, आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 के लिए मौद्रिक नीति में उदार रुख को बरकरार रखा गया है. अगले वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 10.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है. मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत के संतोषजनक दायरे में आ गई है. गौरतलब है कि एमपीसी की पिछली तीन बैठकों में ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया था. अभी रेपो रेट 4 प्रतिशत के सबसे निचले स्तर पर है. रिवर्स रेपो दर भी 3.35 प्रतिशत है1 रिजर्व बैंक ने आखिरी बार 22 मई, 2020 में नीतिगत दरों संशोधन किया था. उस समय कोरोनावायरस की वजह से अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक ने एमपीसी की बैठक का इंतजार किए बिना ही दरों में कटौती की थी. रिजर्व बैंक पिछले साल फरवरी से अब तक रेपो दर में 1.15 प्रतिशत की कटौती की चुका है. छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति की यह 27वीं बैठक थी। इसमें तीन बाहरी सदस्य आशिमा गोयल, जयंत आर वर्मा और शशांक भिडे हैं. समिति की यह तीन दिवसीय बैठक तीन फरवरी को शुरू हुई थी.

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