पैसों की तंगी से जूझ रहा वेनेजुएला, भारत को बेचना चाहता है कच्चा तेल

वेनेजुएला नकदी में भुगतान करने वाले खरीददारों की तरफ अपना रुख कर रहा है. भारत पर उसका खास फोकस है.

रॉयटर्स
Updated: February 14, 2019, 11:58 AM IST
पैसों की तंगी से जूझ रहा वेनेजुएला, भारत को बेचना चाहता है कच्चा तेल
वेनेजुएला के राष्‍ट्रपति निकोलस मादुरो. (Photo: REUTERS/Carlos Jasso)
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Updated: February 14, 2019, 11:58 AM IST
वेनेजुएला अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच भारत को कच्‍चा तेल बेचने की संभावनाओं को तलाश रहा है. निकोलस मादुरो के दोबारा राष्‍ट्रपति बनने के बाद से इस दक्षिण अमेरिकी देश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है. अमेरिका सहित कई देशों ने विपक्षी दल के नेता जुआन गुआडो को राष्‍ट्रपति के रूप के मान्‍यता दी है. साथ ही मादुरो के पद पर बने रहने तक वेनेजुएला के कच्‍चे तेल के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं. इसके चलते 28 जनवरी के बाद से उसका तेल निर्यात 1.40 मिलियन बैरल प्रतिदिन से घटकर 1.15 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया है.

ऐसे में वेनेजुएला नकदी में भुगतान करने वाले खरीददारों की तरफ अपना रुख कर रहा है. भारत पर उसका खास फोकस है. अमेरिका के बाद भारत वेनेजुएला का दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीददार है. प्रतिबंध लगने से पहले वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी पीडीवीएसए अमेरिका को रोजाना पांच लाख बैरल तेल प्रतिदिन भेजता था. वहीं, भारत को तीन लाख बैरल प्रतिदिन तेल भेजा जाता था. इन दोनों देशों के बाद चीन की बारी आती है.

वेनेजुएला ने अपने तेल मंत्री मेन्‍युअल क्‍वेवेडो को भारत भेजा, ताकि वे रिलायंस इंडस्‍ट्रीज और नयारा एनर्जी जैसे रिफाइनर्स को तेल खरीदने के लिए मना सके. उन्‍होंने सोमवार को दिल्‍ली में कहा था कि वे भारतीय खरीददारों को 6 लाख बैरल प्रतिदिन कच्‍चे तेल बेचना चाहते हैं. वेनेजुएला नकद धन के बदले भारत को तेल की सप्‍लाई करने को तैयार है.




सोमवार को बगदाद और फोलेगेंड्रोस 1 नाम के दो सुपरटैंकर वेनेजुएला के जोस टर्मिनल से भारतीय बंदरगाहों के लिए रवाना हुए. इसी तरह के कई अन्‍य टैंकर भी एशियाई देशों के लिए रवाना हुए हैं. हालांकि, वेनेजुएला के लिए कच्‍चे तेल के खरीददार ढूंढ पाना मुश्किल काम होगा, क्‍योंकि अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते कोई देश खतरा उठाना नहीं चाहता.

अमेरिका ने वेनेजुला की मादुरो सरकार की आमदनी को रोकने के लिए तेल सप्‍लाई पर रोक लगाई है. अमेरिकी बैंक गोल्‍डमैन सैक्‍स ने बुधवार को कहा कि प्रतिबंधों के चलते गैर अमेरिकी रिफाइनर्स के लिए वेनेजुएला के भारी कच्‍चे तेल को खरीदना आसान नहीं होगा. हालांकि, चीन और भारत ऐसा करने में सक्षम है.

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