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शेयर बाजार के ऊपर भागने का 'असली खेल' कब शुरू होगा? जानिए दिग्गज निवेशक की राय

पिछले दो सत्रों में FIIs ने खरीदारी की है, मगर DIIs (Domestic Institutional Investors) ने अभी तक पूरी तरह से खरीदारी की तरफ रुख नहीं किया है.

पिछले दो सत्रों में FIIs ने खरीदारी की है, मगर DIIs (Domestic Institutional Investors) ने अभी तक पूरी तरह से खरीदारी की तरफ रुख नहीं किया है.

विजय केडिया ने इसी तरह की चर्चाओं के बीच एक ट्वीट किया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, “असली खेल तब शुरू होगा जब F ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. पिछले दो सत्रों में FIIs (Foreign Institutional Investors) द्वारा भारतीय शेयर बाजार में नेट बायर्स (खदीदारी की तरफ रुझान) बनने से चर्चाएं होने लगी हैं कि बाजार फिलहाल बॉटम (निचला स्तर) से बाहर आ चुका है. यह भी कहा जा रहा है कि FIIs के नेट बायर्स बनने से सोमवार को भी बाजार में अच्छा उछाल आ सकता है, क्योंकि FIIs भारतीय बाजार में और पैसा डालेंगे.

तो क्या मान लिया जाना चाहिए कि बाजार अब नीचे नहीं जाएगा और यहीं से खरीदारी के मौके मिलने शुरू हो जाएंगे? यदि आप ऐसा ही सोच रहे हैं तो ठहरिए. भारतीय शेयर बाजार के एक दिग्गज निवेशक विजय केडिया इस बारे में कुछ अलग सोचते हैं. उन्होंने बताया कि भारतीय बाजार में कब खरीदारी का ‘असली खेल’ शुरू होगा.

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DIIs भी खरीदेंगे तो दौड़ेगा बाजार

विजय केडिया ने इसी तरह की चर्चाओं के बीच एक ट्वीट किया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, “असली खेल तब शुरू होगा जब FIIs खरीदार बन जाएंगे और DIIs भी जॉबर (कभी कभार काम करने वाले) से खरीदार हो जाएं.”

इस ट्वीट का मतलब ये है कि बेशक पिछले दो सत्रों में FIIs ने खरीदारी की है, मगर DIIs (Domestic Institutional Investors) ने अभी तक पूरी तरह से खरीदारी की तरफ रुख नहीं किया है. वे रूस-यूक्रेन संकट के दौरान आई भारी बिकवाली के बाद थोड़े रक्षात्मक (डिफेंसिव) बने हुए हैं. जैसे-जैसे भू-राजनीतिक परिस्थितियां सुधरेंगी, वैसे-वैसे FIIs और DIIs दोनों खरीदार होंगे, तब बाजार में असली बाइंग (Buying in the market) होगी.

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क्या कहता है FIIs और DIIs का डेटा

DIIs जब थोक में खरीद रहे थे, तब FIIs अक्टूबर 2021 से भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध विक्रेता बने हुए थे. मार्च 2022 में, FIIs ने ₹121,023.61 करोड़ के शेयर खरीदे हैं, जबकि उन्होंने इस अवधि में ₹162,640.79 करोड़ के शेयर बेचे. इसलिए, FIIs मार्च 2022 में अभी तक शुद्ध विक्रेता बने रहे, क्योंकि उन्होंने मार्च 2022 में भारतीय द्वितीयक बाजार (Indian secondary market) से ₹41,617.18 करोड़ निकाले हैं.

हालांकि, पिछले दो दिनों में, FIIs शुद्ध खरीदार के रूप में सामने आए हैं. मतलब उन्होंने खरीदारी ज्यादा की है. 16 मार्च 2022 को उन्होंने ₹311.99 करोड़ का निवेश किया, जबकि 17 मार्च 2022 को उन्होंने सेकंडरी मार्केट में ₹2800.14 करोड़ का निवेश किया.

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FIIs की तुलना में, मार्च 2022 में, DIIs ने ₹113,271.75 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि उन्होंने ₹81,651.73 करोड़ के शेयर बेचे. इसका मतलब ये है कि DIIs भी शुद्ध खरीदारों के रूप में सामने आए और उन्होंने भारतीय बाजारों में 31,620.02 करोड़ रुपये का निवेश किया. DIIs ने फरवरी 2022 में ₹42,084 करोड़, जनवरी 2022 में ₹21,928 करोड़, दिसंबर 2021 में ₹31,231 करोड़ और नवंबर 2021 में ₹30,560 करोड़ का निवेश किया था.

पिछले हफ्ते में रही तेजी

पिछले हफ्ते NSE Nifty ने सकारात्मक शुरुआत की और सोमवार को 16,800 के स्तर को पार कर गया. सप्ताह के मध्य में कुछ मामूली मुनाफावसूली के बाद, सूचकांक ने फिर से तेजी पकड़ी और फेड इवेंट (Fed Event) से पहले 17,000 अंक के आसपास समाप्त हुआ. बाजार ने रेजिस्टेंस को गैपअप ओपनिंग के साथ तोड़ा, जिसके कारण पार्टिसिपेशन में बढ़ोतरी हुई और निफ्टी ने लगभग 4 प्रतिशत के साप्ताहिक लाभ के साथ 17,300 से नीचे छोटा सप्ताह समाप्त किया. बीएसई सेंसेक्स भी पिछले हफ्ते करीब 4.15 फीसदी चढ़ा और 57,863 के स्तर पर बंद हुआ. निफ्टी बैंक इंडेक्स 5.44 फीसदी साप्ताहिक बढ़त के साथ 36,428 के स्तर पर बंद हुआ.

Tags: Share market, Stock market

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