प्लीज सारे पैसे ले लो लेकिन मुझे चोर मत कहो: माल्या

माल्या मार्च 2016 में देश छोड़कर ब्रिटेन चले गये थे. उसके भारत प्रत्यर्पण पर यूके की अदालत 10 दिसंबर को फैसला सुना सकती है.

News18Hindi
Updated: December 6, 2018, 11:04 AM IST
प्लीज सारे पैसे ले लो लेकिन मुझे चोर मत कहो: माल्या
विजय माल्या (फाइल फोटो)
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Updated: December 6, 2018, 11:04 AM IST
भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने प्रत्यर्पण पर फैसला आने से 4 दिन पहले कहा है कि वह पूरा कर्ज चुकाने को तैयार है. माल्या ने ट्वीट के जरिये भारतीय बैंकों और सरकार से अपील करते हुए कहा कि उसका प्रस्ताव मान लिया जाए. माल्या ने एक बार फिर कहा, 'प्लीज मेरे पैसे ले लीजिए.' इसके साथ ही माल्या ने कहा कि वह उन किस्सों को खत्म करना चाहते हैं कि वे बैंकों का पैसा लेकर भाग गए हैं.

वहीं विजय माल्या ने अगस्ता वेस्टलैंड चॉपर डील मामले के बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण का खुद से किसी तरह के कनेक्शन होने से साफ इनकार किया है. माल्या ने ट्वीट किया कि उनके मामले और कर्ज चुकाने के ऑफर को आपस में जोड़कर न देखा जाए. बता दें कि इसके पहले माल्या ने भारत सरकार को पूरा पैसे लौटाने का ऑफर दिया था.

विजय माल्‍या की बैंकों से गुजारिश- पूरा पैसा लौटाने को तैयार, प्लीज़ मान जाएं

विजय माल्या पर भारतीय बैंकों के 9,000 करोड़ रुपये बकाया हैं. यह कर्ज उसकी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस को दिया गया था. माल्या ने मार्च 2016 में देश छोड़ दिया था. उसके भारत प्रत्यर्पण पर यूके की अदालत 10 दिसंबर को फैसला सुना सकती है.


विजय माल्या ने ट्वीट किया, 'आदरपूर्वक, मुझ पर टिप्पणी करने वालों से कहना चाहता हूं कि मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि मेरे प्रत्यर्पण के फैसले और कर्ज चुकाने के प्रस्ताव को हालही में दुबई से हुए प्रत्यर्पण से कैसे जोड़ा जा रहा है. चाहें मैं कहीं भी रहूं, मेरी अपील यही है, 'प्लीज पैसा ले लीजिए'. मैं इस किस्से को खत्म करना चाहता हूं कि मैंने बैंकों का पैसा चोरी किया है.'

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माल्या ने आगे लिखा, 'जनता के पैसे सबसे जरूरी चीज है और मैं 100 प्रतिशत पैसे वापस करने की पेशकश कर रहा हूं. मैं बैंकों और सरकार से अनुरोध करता हूं कि वो इस पेशकश को स्वीकार करें.'



शराब कारोबारी का कहना है कि किंगफिशर तीन दशक तक भारत का सबसे बड़ा एल्कोहॉलिक ब्रेवरेज ग्रुप था. इस दौरान हमने सरकारी खजाने में हजारों करोड़ रुपये का योगदान दिया. किंगफिशर एयरलाइंस को खोने के बाद भी मैं बैंकों के नुकसान की भरपाई के लिए तैयार हूं.
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