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एक Bitcoin की कीमत 14.89 लाख रुपये: रिकॉर्ड तोड़ तेजी जारी, क्यों आ रही तेजी और कैसे कर सकते हैं खरीदारी

Bitcoin ने फिर बनाया ऑल टाइम हाई
Bitcoin ने फिर बनाया ऑल टाइम हाई

दुनियाभर में क्रिप्टोकरेंसी (CryptoCurrency) बिटकॉइन (Bitcoin) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. कोरोना महामारी के कारण आर्थिक अनिश्चितता के दौर में भी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन एक बार फिर ऑल टाइम रिकॉर्ड बनाया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 1, 2020, 9:21 AM IST
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नई दिल्ली: दुनियाभर में क्रिप्टोकरेंसी (CryptoCurrency) बिटकॉइन (Bitcoin) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. कोरोना महामारी के कारण आर्थिक अनिश्चितता के दौर में भी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन एक बार फिर ऑल टाइम रिकॉर्ड बनाया है. दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी 8.7 फीसदी से बढ़कर $19,857.03 (करीब 14.89 लाख रुपये) हो गई, जिससे इसकी साल-दर-साल बढ़त 177 फीसदी पर पहुंच गई है. बता दें नवंबर महीने में बिटकॉइन का भाव 18 हजार डॉलर के स्तर को पार चुका था.

क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी?
यहां बता दें कि क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल करेंसी होती है, जो ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है. इस करेंसी में कूटलेखन तकनीक का प्रयोग होता है. इस तकनीक के जरिए करेंसी के ट्रांजेक्शन का पूरा लेखा-जोखा होता है, जिससे इसे हैक करना बहुत मुश्किल है. यही कारण है कि क्रिप्टोकरेंसी में धोखाधड़ी की संभावना बहुत कम होती है. क्रिप्टोकरेंसी का परिचालन केंद्रीय बैंक से स्वतंत्र होता है, जो कि इसकी सबसे बड़ी खामी है.

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कैसे होती है बिटकॉइन में ट्रेडिंग? (How to trade in bitcoin?)


बिटकॉइन ट्रेडिंग डिजिटल वॉलेट (Digital wallet) के जरिए होती है. बिटकॉइन की कीमत दुनियाभर में एक समय पर समान रहती है. इसलिए इसकी ट्रेडिंग मशहूर हो गई. दुनियाभर की गतिविधियों के हिसाब से बिटकॉइन की कीमत घटती बढ़ती रहती है. इसे कोई देश निर्धारित नहीं करता बल्कि डिजिटली कंट्रोल (Digitally controlled currency) होने वाली करंसी है. बिटकॉइन ट्रेडिंग का कोई निर्धारित समय नहीं होता है. इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बहुत तेजी से होता है.

क्या है बिटकॉइन का नुकसान?
बिटकॉइन करेंसी से सबसे बड़ा नुकसान यह है कि अगर आपका कंप्यूटर हैक हो गया तो फिर यह वापस नहीं होगी यानी रिकवर नहीं होगी. इतना ही नहीं इसकी चोरी होने की आप पुलिस में या कहीं भी शिकायत दर्ज नहीं करा सकते हैं.

कब हुई थी बिटकॉइन की शुरुआत?
बिटकॉइन की शुरुआत 2009 में हुई थी. शुरुआती कुछ सालों में बिटकॉइन धीरे-धीरे बढ़ रही थी, लेकिन, 2015 के बाद से इसमें बड़ी तेजी देखने को मिली और यह दुनिया की नजरों में आ गई. कई देशों में इस वर्चुअल करंसी में ट्रेडिंग (Virtual Currency trading) को लीगल माना गया और बिटकॉइन की कीमत लगातार बढ़ती गई. मौजूदा वक्त में इसकी कीमत 19000 डॉलर के पार निकल चुकी है.

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आपको बता दें इसकी शुरुआत सतोशी नाकामोतो (Satoshi Nakamoto) नाम के शख्स ने की थी. भारत में भी गुपचुप तरीके से बिटकॉइन ट्रेडिंग (Bitcoin me trading kaise karein) की जा रही है. हालांकि, सरकार ने अब तक इसे लेकर नीतियां नहीं बनाई हैं. वहीं, सुप्रीम कोर्ट से इसकी मंजूरी मिल चुकी है.
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