‘विवाद से विश्वास’ की मुहिम ला रही है रंग, विवादित कर से केंद्र सरकार काे अब तक मिले हैं 53,346 करोड़ रुपये

अनुराग ठाकुर (फोटे- पीटीआई)

अनुराग ठाकुर (फोटे- पीटीआई)

‘विवाद से विश्वास’ योजना का मकसद लंबित कर विवादों का समाधान करना है. तमाम अदालतों में प्रत्यक्ष कर से जुड़े 9.32 लाख करोड़ रुपये के करीब 4.83 लाख मामले लंबित हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 8, 2021, 10:22 PM IST
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नई दिल्ली. बजट 2020-21 में शुरू की गई ‘विवाद से विश्वासयाेजना रंग ला रही है. विवादित कर के लिए लाई गई इस याेजना में सरकार काे 22 फरवरी 2021 तक 53,346 करोड़ रुपये मिले हैं. केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने लाेकसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि याेजना शुरू करने के बाद आयकर विभाग विवादित मामलों को निपटाने में सक्षम रहा है. इस योजना के तहत 98,328 करोड़ के विवादित कर के तहत 1.28 लाख से अधिक डिक्लेयरेशन दर्ज की गई हैं. इसमें से सरकार को विवादित कर के खिलाफ भुगतान के रूप में  53,346 करोड़ मिले हैं. इसमें से 27,720 कराेड़ की राशि सेंट्रल पब्लिक सेक्टर यूनिट्स (PSU) से, 1023 कराेड़ रुपये स्टेट पीएसयू से और 24603 कराेड़ अन्य से प्राप्त हुए हैं.


ठाकुर ने बताया कि COVID-19 के कारण प्रत्यक्ष कर संग्रह कम हुआ है. वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 10,50,711 करोड़ रुपये रहा. काेविड पैंडमिक काे ध्यान में रखते हुए प्रत्यक्ष कर कलेक्शन के टार्गेट काे वित्त वर्ष 2020-21 के लिए घटाकर 9,05,000 करोड़ किया गया था. इसका कलेक्शन अप्रैल 2020 से 28 फरवरी तक 7,32,388.72 कराेड़ हुआ है.


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ठाकुर ने पिछले तीन सालाें में फाइल हुआ इनकम टैक्स रिटर्न की जानकारी भी दी. उन्हाेंने बताया कि वर्ष 2017-18 में जहां 6.87 कराेड़ आईटीआर फाइल हुए थे, वहीं 2018-19 में 6.78 कराेड़ ताे वहीं 2019-20 में इसमें बढ़ाेत्तरी हुई है और यह 6.78 कराेड़ आईटीआर फाइल हुए. उन्हाेंने कहा कि पिछले महीने IT विभाग ने डिक्लेयरेशन फाइल करने और विवादित कर काे लेकर चल रही याेजना विवाद से विश्वास तक की समयसीमा बढ़ाकर 31 मार्च से 30 अप्रैल तक बढ़ाई. यह योजना विवादित कर, विवादित ब्याज, विवादित जुर्माना या विवादित फीस के आकलन या पुनर्मूल्यांकन आदेश के संबंध में प्रदान करती है. विवादित कर के 100% और विवादित दंड या ब्याज या शुल्क के 25% के भुगतान पर विवाद का निपटारा किया जाता है.


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विवाद से विश्वास योजना के तहत प्रत्यक्ष कर के विवादित टैक्स मामलों को निपटाने की व्यवस्था जाती है. जिसमे करदाताओं को सिर्फ विवादित करों की राशि का भुगतान ही करना होता है और उन्हें टैक्स पर लगे ब्याज (Interest) और दंड (Penalty) में पूरी छूट दी जाती है.
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