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ICU में है वोडाफोन, अब सरकार से लाइफलाइन की उम्मीद

News18Hindi
Updated: February 5, 2020, 7:21 PM IST
ICU में है वोडाफोन, अब सरकार से लाइफलाइन की उम्मीद
वोडाफोन ने सरकार से राहत की मांग की

वोडाफोन (Vodafone Group Plc.) ने ​बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि कंपनी को केंद्र सरकार (Central Government) से राहत की उम्मीद है. इसके पहले आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला (Kumar Mangalam Birla) ने एक बयान में कहा था कि वोडाफोन-आइडिया को अगर सरकार से राहत नहीं मिलती है तो कंपनी को बंद करने की नौबत आ सकती है.

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  • Last Updated: February 5, 2020, 7:21 PM IST
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नई दिल्ली. भारत में कारोबार करने वाली यूनाइटेड किंग्डम की टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन ग्रुप (Vodafone Group Plc.) ने बुधवार को कहा कि वोडाफोन-आइडिया की स्थिति चिंताजनक है और कंपनी सरकार से कुछ राहत की उम्मीद कर रही है. वोडाफोन ग्रुप भारत में अपना कारोबार आदित्य बिड़ला ग्रुप (Aditya Birla Group) की आइडिया के सा​थ मिलकर कर रही है. दिसंबर तिमाही के नजीते जारी करते हुए कंपनी ने बुधवार को अपने एक बयान में कहा, 'अक्टूबर महीने में देश के सर्वोच्च न्यायालय ने एडजस्टेड ग्रॉस रिवेन्यू (Adjusted Gross Revenue) को लेकर जो फैसला सुनया, वो टेलिकॉम इंडस्ट्री के अनुकूल नहीं है.'

सरकार से राहत की उम्मीद
कंपनी ने बयान में आगे कहा कि कंपनी तत्परता से भारत सरकार से कई तरह के राहत की उम्मीद कर रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि विभिन्न दरें और ब्याज का पेमेंट समय रहते किया जा सके. ऐसा करने से कंपनी को समय रहते अपनी प्रतिबद्धता को पूरी करने में मदद मिल सकेगी.

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सुप्रीम कोर्ट ने 1 लाख करोड़ रुपये भुगतान करने का आदेश दिया हैगौरतलब है कि 24 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक आदेश में कहा कि टेलिकॉम विभाग (Department of Telecom) और टेलिकॉम कंपनी (Telecom Companies) के बीच करीब 14 साल पुराने विवाद को खत्म किया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने टेलिकॉम कंपनियों को आदेश दिया कि वे 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक भुगतान टेलिकॉम विभाग को करें. कोर्ट के इस आदेश के बाद इन कंपनियों के लिए चिंता की बात ये है कि वो पहले से ही वित्तीय संकट के दौर से गुजर रही हैं.

24 जनवरी तक बकाया चुकाने का आदेश
टेलिकॉम ऑपरेटर्स ने ​टेलिकॉम विभाग द्वारा AGR कैलकुलेट करने के लिए अपनाए गए तरीके को चुनौती दिया था. AGR के तहत लाइसेंस 8 फीसदी की दर से और स्पेक्ट्रम चार्ज 3-5 फीसदी की दर से कैलकुलेट किया जाता है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टेलिकॉम विभाग के तरीके को सही ठहराया और ऑपरेटर्स को 24 जनवरी 2020 तक बकाया रकम चुकाने का आदेश दिया था.

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किस कंपनी पर कितना बकाया
टेलिकॉम विभाग पर भारती एयरटेल का 35,586 करोड़ रुपये, वोडाफोन का 50 हजार करोड़ रुपये और टाटा टेलिसर्विसेज का 14 हजार करोड़ रुपये बकाया है. टाटा टेलिसर्विसेज ने मोबाइल सर्विस बिजनेस एयरटेल के हाथों बेच चुका है.

दिसंबर महीने में, आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ाल (Kumar Mangalam Birla) ने कहा था कि अगर उन्हें AGR मामले पर केंद्र सरकार की तरफ से कोई राहत नहीं मिलती है तो वोडाफोन-आइडिया को बंद करना पड़ सकता है.

कंपनियों ने मांगी मोहलत
बीते जनवरी महीने में ही वोडाफोन आइडिया, भारती एयरटेल और टाट टेलिसर्विसेज ने एजीआर बकाये के भुगतान करने के लिए और समय मांगा था. इस संबंध में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से एक याचिका भी दायर की थी. संभव है कि अगले सप्ताह कोर्ट इस मामले की सुनवाई करे.

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First published: February 5, 2020, 7:19 PM IST
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