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AGR मामला: Vodafone Idea कारोबार को लेकर चिंतित, कहा- कुछ दिन में चुका देंगे बकाया

पीटीआई
Updated: February 15, 2020, 8:06 PM IST
AGR मामला: Vodafone Idea कारोबार को लेकर चिंतित, कहा- कुछ दिन में चुका देंगे बकाया
अगले कुछ दिन में एजीआर बकाया चुका देगी वोडाफोन आइडिया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के ओदश के बाद शनिवार को वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (Vodafone Idea Limited) ने कहा कि वो बकाया भुगतान करने के लिए आंकलन कर रही है. कंपनी पर कुल 53,038 करोड़ रुपये का एजीआर बकाया है.

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नई दिल्ली. भारी कर्ज के बोझ से जूझ रही प्राइवेट सेक्टर की टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea Limited) ने शनिवार को कहा कि वो बकाया रकम भुगतान करने से पहले एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (Adjusted Gross Revenue) का आंकलन कर रही है. कंपनी को भारत में अपने कारोबार को आगे बढ़ाने को लेकर चिंता बढ़ गई है. कंपनी ने शनिवार को जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश के बाद वो बकाया रकम का भुगतान करने की प्रक्रि​या पर काम कर रही है.

हालांकि, कंपनी ने साथ में यह भी कहा कि भारत में कंपनी के कारोबार को आगे जारी रखना इस बात पर निर्भर करेगा कि सुप्रीम कोर्ट से उसके पक्ष में राहत भरा कोई फैसला लिया जाए.

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एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने दी जानकारी



वोडाफोन-आइडिया ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) फाइलिंग में कहा, 'कंपनी फिलहाल आंकलन कर रही है कि टेलिकॉम विभाग को AGR बकाये के तौर पर कितना भुगतान किया जा सकता है. यह आंकलन 24 अक्टूबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले में कुल बकाये के आधार पर है. आंकलन के बाद अगले कुछ दिन में कंपनी भुगतान की प्रक्रिया को पूरी कर देगी.'

वोडाफोन आइडिया पर कुल 53 हजार करोड़ रुपये बकाया
बता दें कि वोडाफोन आइडिया लिमिटेड पर कुल 53,038 करोड़ रुपये एजीआर बकाया है. इसमें 24,729 करोड़ रुपये स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज के तौर पर है. जबकि, बाकी 28,309 करोड़ रुपये लाइसेंस फीस के तौर पर बकाया है. कंपनी ने पहले ही हाथ खड़े हुए कह चुकी है कि अगर उसे कोई राहत नहीं मिलती है तो मजबूरन अपना कारोबार बंद करना पड़ सकता है.



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कंपनी ने आगे क्या कहा
कंपनी ने कहा, '31 दिसंबर 2019 को समाप्त हुए तिमाही के लिए जारी वित्तीय स्टेटमेंट में कंपनी द्वारा जो जानकारी दी गई है, कंपनी का कारोबार आगे जारी रहना इस बात पर निर्भर होगा कि उसकी याचिका में क्या राहत मिलती है.' कंपनी ने सप्लीमेंटरी आदेश में मोडीफिकेशन के लिए आवेदन किया है.

सुप्रीम कोर्ट में टेलिकॉम कंपनियों के AGR बकाये को लेकर अगली सुनवाई 17 मार्च 2020 को होनी है.

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First published: February 15, 2020, 6:49 PM IST
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