बड़े संकट में फंसी Vodafone-Idea! बेच सकती अपना फाइबर कारोबार, मिलेंगे 18000 करोड़ रुपए

बड़े संकट में फंसी Vodafone-Idea! बेच सकती अपना फाइबर कारोबार, मिलेंगे 18000 करोड़ रुपए
वोडाफोन आइडिया को लगातार हो रहा है घाटा

फाइबर एसेट बिक्री से Vodafone-Idea को 15,000 करोड़ से 18,000 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है. इसके अपना कंपनी PE फंड्स को डेटा सेंटर यूनिट भी बेचने पर विचार कर रही है.

  • Share this:
नई दिल्ली. टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया (Vodafone-Idea) फंड जुटाने के लिए अपना फाइबर एसेट बेच सकती है. इसके लिए कंपनी पीई फंड केकेआर (KKR) ने ड्यू डेलीजेंस पूरा किया है. केकेआर ने इस हफ्ते अपनी पूरी छानबीन पूरी कर ली है. फाइबर एसेट बिक्री से कंपनी को 15,000 करोड़ से 18,000 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है. इसके अपना कंपनी PE फंड्स को डेटा सेंटर यूनिट भी बेचने पर विचार कर रही है.

सूत्रों के मुताबिक, कंपनी का फाइबर एसेट्स लगभग डेढ़ से पौने दो लाख किलोमीटर की फाइबर लाइन है. इसका रिप्लेसमेंट कॉस्ट करीब 10 लाख रुपए प्रति किलोमीटर होता है. इसकी बिक्री से वोडा-आइडिया करीब 18 हजार करोड़ रुपए जुटा सकता है. बहुत जल्द ही प्राइवेट इक्विटी फंड के साथ ये डील जल्द पूरा हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने टावर एसेट, फाइबर एसेट और डेटा सेंटर को बेचने की तैयारी बहुत तेजी से शुरू कर दी है.

यह भी पढ़ें- पैसे को रखना है सेफ तो मान लें SBI की ये सलाह, वरना खाता हो जाएगा खाली





वोडाफोन पर 58 हजार करोड़ रुपये बकाया
बता दें कि एजीआर बकाये मामले में टेलीकॉम विभाग (Department of Telecommunications) के मुताबिक, वोडाफोन-आइडिया ने बीते शनिवार को ही 1,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया है. इसके पहले कंपनी ने तीन बार में 6,845 करोड़ रुपये का भुगतान किया था. इस प्रकार वोडाफोन आइडिया ने अब तक करीब 7,845 करोड़ रुपये का कुल भुगतान किया है. इस टेलीकॉम कंपनी पर कुल 58,000 करोड़ रुपये का बकाया है.

वोडाफोन-आइडिया ने कहा कि इन सालों में उसने जो भी कमाई की थी, उसे वो खो चुकी है. यह खर्च टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर (Telecom Infrastructure) को सुचारू रूप से चलाने में हुआ है और अब वह बकाये का भुगतान करने की हालत में नहीं है. कंपनी ने कहा कि बीते एक दशक में उसे रेवेन्यू के तौर पर 6.27 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए है, जिसमें से 4.95 लाख करोड़ रुपये ऑपरेशन पर ही खर्च हुए हैं. टेलीकॉम कंपनी ने कहा कि उसकी वास्तविक संपत्ति बैंकों के पास सिक्योर्ड हैं और अब कोई लेंडर लोन को आगे नहीं बढ़ाएगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज