इस साल अमीर बनने के लिए अपनाए 7 अचूक नुस्खे! ज़िंदगी भर रहेंगे टेंशन फ्री

नए साल के साथ अपनी आदतों में कुछ बदलाव करें तो आपके लिए अमीर बनना आसान हो सकता है. पैसे का इस्‍तेमाल कैसे कि‍या जाए और जीवन में आगे कैसे बढ़ा जाए, यही बात और सोच एक अरबपति‍ को एक औसत कमाई वाले व्‍यक्‍ति‍ से अलग कर देती है. आज हम आपको नए साल में अमीर बनने के कुछ तरीके बता रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 3, 2020, 12:03 PM IST
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नई दिल्ली. अमीर बनने के लिए जरूरी नहीं है कि आपकी सैलरी बहुत ज्यादा हो या फिर आप हमेशा मुनाफे का बिजनेस करते हों. कम सैलरी और थोड़ी बचत के जरिए भी अमीर बना जा सकता है. इसके लिए जरूरी है कि आप सही जगह और सही समय पर पैसा लगाएं. हालांकि, ऐसे कुछ ही लोग होते हैं जो सही फाइनेंशियल प्लानिंग का रास्ता चूज कर पाते हैं. इसीलिए, नए साल में अच्छी फाइनेंशियल प्लानिंग के बारे में बता रहे हैं. देश के बड़े फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स बताते हैं कि खून पसीने की कमाई को इन्वेस्ट करने से पहले...हर महीने की आवश्यकताओं, उम्र, सैलरी, रिस्क प्रोफाइल और इन्वेस्टमेंट के प्लान को जरूर जानना चाहिए.

अगर आप हर महीने 3200 रुपये की बचत करते हैं और इस राशि पर आपको 10 फीसदी की दर से रिटर्न मिलता है तो 30 साल के बाद आपके पास लगभग 72 लाख 94 हजार रुपये हो जाएंगे. इसीलिए बचत की राशि को सैलरी अकाउंट में रखने के बजाए दूसरे सेविंग अकाउंट में रखें. उस पैसे को अलग-अलग जगह निवेश करें.

पोस्ट आफिस और बैंकों की विभिन्न सेविंग स्कीम इसका सबसे आसान और सेफ विकल्प हैं. इसके साथ ही शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड, पीपीएफ, इंश्योरेंस और एलआईसी अच्छे रिटर्न देने वाले विकल्प हैं.



आज हम आपको ऐसे ही 7 ऑप्शन्स के बारे में बता रहे हैं, जहां इन्वेस्टमेंट कर आप अमीर बन सकते हैं.
(1) शेयर बाजार (Stock Market)- शेयर बाजार में तेजी का दौर जारी है. सेंसेक्स और निफ्टी इस तेजी में लगातार नई ऊंचाइयां छू रहे हैं. लेकिन बाजार की तेजी में अक्सर रिटेल निवेशक शिकायत करते हैं कि वो बाजार की रैली में पैसा कमाने से चूक गए.

अब सवाल उठता है कि आम निवेशक कम रिस्क में कौन सी स्ट्रैटेजी से पैसा बना सकते हैं. हालांकि अगर गारंटेड रिटर्न की बात करें तो शेयर बाजार में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती.

लेकिन सही निवेश का चुनाव किया जाए तो बेहद कम समय में आपका पैसा दूसरे एसेट क्लास के मुकाबले तेजी से बढ़ सकता है.

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जब भी इक्विटी में निवेश करें इस बात का ध्यान रखें कि पैसा एक ही जगह लगाने की बजाए आपका निवेश डाइवर्सिफाई होना चाहिए. इससे जोखिम कम हो जाता है.



अगर आप एग्रेसिव इन्वेस्टर हैं तो शेयर बाजार बेहतर विकल्प हो सकता है. इसमें डीमैट अकाउंट खुलवाना जरूरी है.

शेयर बाजार में पैसा कमाना सबसे मुश्किल माना जाता है, लेकिन एक शख्स ने 5000 रुपये की पूंजी से 10 हजार करोड़ रुपये का बड़ा नेटवर्थ बना दिया है. ये भारतीय वॉरेन बफेट के नाम से मशहूर राकेश झुनझुनवाला हैं.

राकेश झुनझुनवाला बाय राइट एंड होल्ड टाइट थ्योरी पर काम करते हैं. वो अक्सर कहते हैं कि व्यापार में निवेश करना चाहिए, न कि किसी कंपनी में. साथ ही, अपने लाभ से खुश रहें, लेकिन नुकसान को मुस्कुराते हुए स्वीकारें. बाजार को ठीक से पढ़ें और इतिहास को जानें.

इक्विटी इंटेलीजेंस इंडिया के पोरिंजू वेलियथ की जिन्होंने पिछले 12 साल में 33 फीसदी की सालाना दर से रिटर्न दिए हैं. मतलब साफ है कि सन 2002 में 10 लाख रुपये लगाए होते तो आज उनके पास 3 करोड़ रुपये होते.

यहीं वजह है कि फोर्ब्स ने पोरिंजू को वेल्थ विजार्ड की सूची में शामिल किया है. पोरिंजू ने पिछली तिमाही में बालकृष्ण पेपर के शेयर खरीदे है. उनकी कंपनी में हिस्सेदारी 1.02 फीसदी से बढ़कर 1.06 फीसदी हो गई है. वहीं, इन्होंने IZMO में हिस्सेदारी 1.23 फीसदी से घटाकर 1.18 फीसदी कर ली है.

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(2) म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds)

शेयर बाजार की तेजी हर किसी निवेशक को अपनी ओर आकर्षित करती है. लेकिन शेयर बाजार के जोखिम से उनकी घबराहट बढ़ जाती है.

ऐसे में निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना अच्छा विकल्प हो सकता है. एक्सपर्ट्स कहते है कि म्यूचुअल फंड का पैसा भी बाजार में ही लगता है लेकिन इसमें ये काम आपके लिए एक जानकार करता है जिससे बाजार का जोखिम कम हो जाता है.

मौजूदा दौर में दौलत बढ़ाने के लिए म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) बेहतर और सुरक्षित विकल्प है. म्यूचुअल फंड के जरिए निवेशक के पास अलग अलग इक्विटी या एसेट क्लास में पैसा लगाने का मौका मिलता है.

इससे निवेशकों का पोर्टफोलियो डाइवर्सिफाई हो जाता है. म्यूचुअल फंड में निवेश कुशल फंड मैनेजर की देखरेख में किया जाता है, इसलिए रिस्क कम होता है. इक्विटी, डेट और हाइब्रिड इसमें 3 सेग्मेंट होते हैं.

सही म्यूचुअल फंड का चुनाव करने के लिए सबसे पहले तो आपको ये तय करना है कि आपके निवेश का मकसद क्या है, आप कितना निवेश कर सकते हैं और कितने समय के लिए इसमें बने रह सकते हैं.

अगर आपको साल-दो साल के लिए निवेश करना है, तो उसके लिए अलग म्यूचुअल फंड होंगे. अगर आपको 5, 7, 10 साल या इससे भी ज्यादा समय के लिए निवेश करना है, तो उसके लिए दूसरे म्यूचुअल फंड होंगे.

मतलब साफ है कि सही म्यूचुअल फंड का चुनाव इसी बात पर निर्भर करता है कि आपकी निवेश अवधि क्या है. मिसाल के लिए, अगर आप छोटी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं, तो आप डेट फंड या लिक्विड फंड चुन सकते हैं. वहीं अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं, तो फिर आपके लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड सही रहेंगे.


सरकारी गारंटीड मुनाफे वाली स्कीम


शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स में निवेश आपको रिस्की लगता है तो आप सरकार की छोटी बचत योजनाओं का फायदा उठा सकते हैं.

(3) पोस्ट आफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS)
पोस्ट आफिस मंथली इनकम स्कीम निवेश का बेहतर विकल्प है, जिससे मंथली कमाई का मौका मिलता है. इसमें रिटर्न की गारंटी होती है, जहां एक तय ब्याज के हिसाब से आपका पैसा बढ़ता है. इसमें 7.6 फीसदी सालाना के हिसाब से ब्याज मिल रहा है. इसमें एक शख्स 1500 से 4.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकता है, जबकि ज्वॉइंट अकाउंट के तहत निवेश की लिमिट 9 लाख रुपये है.

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(4)  नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)
नेशनल पेंशन सिस्टम को पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) द्वारा मैनेज किया जा रहा है. यह रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए बेहतर विकल्प है, जिसमें निवेश के जरिए जहां मंथली पेंशन का इंतजाम कर सकते हैं, वहीं एकमुश्त फंड भी मिलता है. यहां आपके निवेश को एफडी, इक्विटी, कॉरपोरेट बांड, गवर्नमेंट फंड और लिक्विड फंड में लगाया जाता है. इसमें किए गए निवेश से इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट का लाभ भी ले सकते हैं.

(5)  पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)
PPF भारत में निवेश के सबसे लोकप्रिय साधनों में एक है. PPF अकाउंट बैंक या डाकघर में खोला जा सकता है. इसमें मेच्योरिटी पीरियड 15 साल का होता है. यह अकाउंट 500 रुपये से खोला जा सकता है और इसमें एक फाइनेंशियल ईयर में अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किया जा सकता है. इसे आगे भी 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. PPF अकाउंट पर अभी 7.9 फीसदी सालाना के हिसाब से ब्याज मिल रहा है.

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(6) FD- फिक्सड डिपॉजिट
बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट भारत में निवेश का बेहद लोक​प्रिय माध्यम है. एफडी अकाउंट किसी भी बैंक या डाकघर में खुलवाया जा सकता है. इसमें 7 दिन से 10 साल तक निवेश का विकल्प होता है. इसमें एक तय ब्याज पर आपका पैसा जमा हो जाता है. इसे लो रिस्क इन्वेस्टमेंट कटेगिरी में रखा गया है, जहां रिस्क बेहद कम होता है. ज्यादातर बैंक 5 साल की एफडी पर 6%-8% के बीच ब्याज दे रहे हैं.

(7) सोने में लगाएं पैसे (Gold Investment)
पोर्टफोलियो का कम से कम 5 फीसदी सोने में रखें. अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर और कई बदलावों की वजह से 2019 में सोने की कीमतें 22 फीसदी चढ़ीं. हालांकि, अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर को लेकर स्थितियां सुधरने से हाल में सोने की कीमतों में कमी भी आई है. लेकिन कई और बुनियादी कारणों से सोने में तेजी बने रहने के आसार हैं.

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