महिलाओं को व्‍यापार-उद्योगों की बागडोर सौंपने की तैयारी, देश में चलेगा विशेष अभियान

देश में उद्योगों की कमान महिलाओं को सौंपने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और कैट अभियान चलाएंगे. सांकेतिक तस्‍वीर,

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने महिला सुरक्षा एवं महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और कैट की ओर से मिलकर एक अभियान शुरू करने की बात कही है. लिहाजा 16 जुलाई को चुनिंदा व्‍यापारी मंत्री स्मृति ईरानी के साथ बैठक करेंगे और अभियान की रणनीति तय करेंगे.

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नई दिल्‍ली. केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने एक बड़ी पहल करते हुए देश भर के व्यापारियों से आग्रह किया है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और महिला उद्यमिता अभियान की बागडोर संभालें और देश में महिलाओं की आर्थिक एवं सामजिक सुरक्षा के सशक्त पैरोकार बनें. इसके साथ ही विदेशी कंपनियों से देश के व्यापार को बचाने के लिए ई कॉमर्स को अपनाने में कोई संकोच न करें और इसमें महिलाओं को अवश्य प्रमुखता दें.

स्‍मृति ईरानी ने कहा कि महिलाएं घर की जिम्मेदारी भी पूरी करेंगी और व्यापार एवं उद्योग भी चलाएंगी, यह अद्भुत क्षमता केवल महिलाओं में ही है. ईरानी ने यह बात कन्‍फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की ओर से हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन में कही. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि सभी को मिलकर देश में आर्थिक और सामजिक विकास का एक नया अध्याय लिखना चाहिए.

भारत का व्यापार देश के आठ करोड़ व्यापारियों और उनसे जुड़े 40 करोड़ से अधिक लोगों के लिए जीवन जीने और रोटी कमाने का जरिया है न कि बड़ी कंपनियों की तरह वैल्युएशन का गेम सेट करने का. ईरानी ने महिला सुरक्षा एवं  महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और कैट की ओर से मिलकर एक अभियान शुरू करने की बात कही. लिहाजा 16 जुलाई को चुनिंदा व्‍यापारी मंत्री स्मृति ईरानी के साथ बैठक करेंगे और अभियान की रणनीति तय करेंगे.

ऑनलाइन शॉपिंग और ई कॉमर्स को मिले बढ़ावा

स्‍मृति ईरानी ने भारत में महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए कैट के साथ अभियान शुरू करने की बात कही है. साथ ही व्‍यापारियों को सभी लड़कियों और महिलाओं का अभिभावक बनने का आग्रह किया है.
स्‍मृति ईरानी ने भारत में महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए कैट के साथ अभियान शुरू करने की बात कही है. साथ ही व्‍यापारियों को सभी लड़कियों और महिलाओं का अभिभावक बनने का आग्रह किया है.


ईरानी ने देश में ई कॉमर्स व्यापार से बुरी तरह से प्रताड़ित व्यापारियों को केंद्र सरकार का हर तरीके से सहयोग मिलने का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि भारत के व्यापारियों का अनुभव और ग्राहकों के साथ आत्मीयता और ‘पड़ोस की बनिये की दुकान’ का भाव और आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग दुनिया की किसी भी बड़ी से बड़ी कम्पनी को टक्कर दे सकता है. अभी देश  62 करोड़ लोग इंटरनेट यूजर है जिसमें 60% ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हैं. उसमें से 57%  पुरुष और 33% महिला ऑनलाइन शॉपिंग कर रही हैं. यह आंकड़े बताते हैं की लोगों की रूचि अब धीरे धीरे ऑनलाइन शॉपिंग की तरफ बढ़ती जा रही है.  ऐसे में हर गली मोहल्ले में रहने वाले लोगों की पड़ोस की बनिये की दुकान भी अगर ऑनलाइन व्यापार करे तो फिर दुनिया भर की विदेशी कंपनियों को यह समझ लेना चाहिए की अब यह वो भारत नहीं है जहां कोई भी  ईस्ट इंडिया कंपनी बन कर हम पर आकर राज कर सके या भारत के व्यापार पर कब्ज़ा करने बारे में सोच भी सके. अब भारत के दुकानदार उनका मुहंतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं.



कारोबारी बनें महिलाओं और बेटियों के अभिभावक

देश में व्यापार कर रहे आठ करोड़ से ज्यादा व्यापारियों से आर्थिक के साथ सामजिक परिवर्तन में भी बड़ी भूमिका निभाने का आग्रह करते हुए उन्‍होंने कहा कि देश के हर गली मोहल्ले में रहने वाली महिला और बेटियों के लिए उसी मोहल्ले के दुकानदार उनके अभिभावक बन जाएं तो किसी भी रोड रोमियों की क्या मजाल जो किसी भी बेटी के साथ छेड़-छाड़ कर सके. अब व्यापारियों को देश में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को उद्यमी बनाने का एक विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए. महिलाओं ने समय-समय पर विभिन्‍न क्षेत्रों में ऊंचाई हासिल कर अपनी योग्यता और क्षमता का परिचय दिया है ऐसे में व्यापार एवं उद्योग में भी महिला क्यों पीछे रहें.

बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ आंदोलन का बनें हिस्‍सा

अपील करते हुए उन्‍होंने कहा कि सभी भारत सरकार के बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ आंदोलन का हिस्सा बने और अपने गली मोहल्ले और अपने बाजारों में यह सुनिश्चित करें कि कोई भी महिला या कोई भी बालिका के साथ किसी भी तरीके का दुर्व्यवहार ना हो. देश का हर व्यापारी संगठन अपने यहां एक ऐसी टीम बनाए जो इस तरह की हरकतों पर अंकुश लगा सके. देश भर में इस तरह का अभियान एक सामाजिक क्रान्ति का सूत्रपात करेगा.

हमारी लड़ाई उन लोगों से है जो गर्भ में ही एक भ्रूण की हत्या करने से गुरेज नहीं करते जब उन्हें पता चलता है कि वह एक बेटी है. इतनी गंभीर लड़ाई को हम सबको मिलकर लड़ना होगा. उन्होंने कहा की वो देश भर के व्यापारी संगठनों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर इसके प्रति जागरूकता पैदा करने और इसे रोकने के लिए देश भर के गली मोहल्लों में घूमने के लिए सदैव तत्पर हैं.

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