Maruti Suzuki के चेयरमैन आरसी भार्गव ने बताया कैसे लौटेगी ऑटो सेक्टर में रफ्तार! दी ये सलाह

Maruti Suzuki के चेयरमैन आरसी भार्गव ने बताया कैसे लौटेगी ऑटो सेक्टर में रफ्तार! दी ये सलाह
मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव

मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India) के चेयरमैन आरसी भार्गव, ने कहा कि उत्पादन लागत को बढ़ाने के लिए प्रत्येक निर्माता को इसकी गुणवत्ता और लागत के संदर्भ में देखना होगा, सबसे उपयुक्त विनिर्माण प्रणाली क्या है और उसे कितनी कम लागत वाली स्वचालन को अपनाना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 12, 2020, 9:21 AM IST
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नई दिल्ली. मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव (Maruti Suzuki Chairman RC Bhargava) ने कहा कि अगर देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में मैन्यूफैक्चरिंग  का योगदान 2025 तक 25 फीसदी तक पहुंचना है, तो कार की बिक्री तेजी से बढ़ाने की जरूरत है, उन्होंने 2019-20 के लिए कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा. उन्होंने कहा कि बिक्री को बढ़ाने के लिए उत्पादन लागत नीतियों पर सबसे अधिक ध्यान देने की जरूरत है.

भार्गव ने बताया कैसे बढ़ाएं बिक्री-
भार्गव ने कहा, कोरोना के कारण अर्थव्यवस्था में आई मंदी एक अस्थाई समस्या है, जिसके कारण ऑटो सेक्टर में भी नुकसान हुआ है. इस समस्या से उबरने के लिए इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए की कैसे डिमांड को बढ़ाया जाए. बल्कि उपयुक्त विनिर्माण प्रणाली को अपनाना चाहिए. निर्माता को गुणवत्ता और लागत के संदर्भ में ज्यादा ध्यान देना चाहिए.

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हर दृष्टिकोण पर देना होगा ध्यान-


मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India) की कुल बिक्री जुलाई में 1.1 प्रतिशत घटकर 1,08,064 इकाई रह गई. पिछले साल के समान महीने में कंपनी ने 1,09,264 वाहन बेचे थे. कंपनी ने शनिवार को बयान में कहा कि घरेलू बाजार में उसकी बिक्री हालांकि 1.3 प्रतिशत बढ़कर 1,01,307 इकाई पर पहुंच गई. जुलाई, 2019 में यह आंकड़ा 1,00,006 इकाई का रहा था. उन्होंने कहा कि इसे बेहतर बनाना इस बात पर निर्भर करता है कि आपके पास क्या दृष्टिकोण है और आप क्या देख रहे हैं और आप क्या करना चाहते हैं.

ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ी मांग-
फिर से यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस स्तर की माँग की तुलना कर रहे हैं. शहरी मांग की तुलना में ग्रामीण मांग तेजी से बढ़ी है. लेकिन अर्थव्यवस्था में जो हो रहा है, वह रोजगार सृजन या जीडीपी वृद्धि की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है. हमें जो कुछ हो रहा है, उससे ज्यादा कुछ करने की जरूरत है. यदि आप पिछले कई वर्षों में विनिर्माण वृद्धि को देखते हैं, यदि आप 5 वर्ष, 10 वर्ष, 15 वर्ष पीछे जाते हैं, तो हम कभी भी 10% में भी लगातार विनिर्माण वृद्धि तक नहीं पहुंचे हैं और हमें विकास की उच्च दर की आवश्यकता है क्योंकि सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि जीडीपी का 25% विनिर्माण से आना चाहिए. हम इसके पास कहीं नहीं हैं. हमने 14-15-16% किया से अधिक नहीं बढ़ रहा.
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