दिग्गज निवेशक झुनझुनवाला ने बताई अपनी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजी, आप भी जानें उनके निवेश मंत्र

मार्केट किंग है और हमें इसे मानना और इससे सीखना होगाः राकेश झुनझुनवाला

मार्केट किंग है और हमें इसे मानना और इससे सीखना होगाः राकेश झुनझुनवाला

राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) कहा कि वह निवेश के लिए फंडामेंटल्स, वैल्यूएशन और फ्यूचर पर ध्यान देते हैं

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नई दिल्ली. शेयर मार्केट के दिग्गज राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) शेयर से कैसे पैसे कमाते हैं? वे किन शेयरों पर दांव खेलते हैं? उनका निवेश का तरीका क्या होता है? जैसे, कई सवालों को जवाब खुद राकेश झुनझुनवाला ने दिया है.

बिग बुल कहे जाने वाले झुनझुनवाला ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, "मैं हमेशा से भारत को लेकर बुलिश रहा हूं और मैंने देश के स्टॉक मार्केट में अच्छा फायदा कमाया है. पिछले कुछ दशकों में भारत ने तेजी से ग्रोथ की है." उनका कहना है कि सफल निवेश के लिए उन्होंने हमेशा सही वैल्यूएशन, फंडामेंटल्स और फ्यूचर पर ध्यान दिया है. उन्होंने बताया कि 1985 से उन्हें इससे कामयाबी मिली है.

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मार्केट किंग है और हमें इसे स्वीकार करना होगा.
झुनझुनवाला के मुताबिक, यह गलत धारणा है कि मार्केट गैर वास्तविक कारणों से चलता है. झुनझुनवाला का कहना था, "मार्केट किंग है और हमें इसे स्वीकार करना होगा. इससे सीखने की जरूरत है. मार्केट में कोई हर्षद मेहता नहीं है. यह इस तरह से नहीं ऑपरेट होता. ऐसी कहानी पूरी तरह नकली है.'

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स्टार्टअप्स में इनवेस्टमेंट के लिए एक ऑर्गनाइजेशन की जरूरत



झुनझुनवाला ने भारतीय स्टार्टअप्स पर लग रहे बड़े दाव की तुलना डर्बी से की. उन्होंने कहा, 'स्टार्टअप बिजनेस अटकलों वाला है. अगर आप रेस में 1,000 घोड़े दौड़ाते हैं, तो आप टॉप 10 में होंगे. हमें स्टार्टअप्स में इनवेस्टमेंट के लिए एक ऑर्गनाइजेशन की जरूरत है. मैं इन रेटिंग के साथ स्टार्टअप्स में इनवेस्टमेंट नहीं कर सकता.'

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कमजोर मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहुत अधिक दबाव पड़ा

कोरोना की दूसरी लहर के बारे में उन्होंने कहा कि यह दर्द वास्तविक लेकिन अस्थायी है. उन्होंने बताया, 'इससे कुछ कंपनियों के ऑपरेशन पर असर पड़ सकता है लेकिन इनवेस्टर्स अगले दशक पर ध्यान देना नहीं छोड़ सकते.' झुनझुनवाला ने कोरोना संकट को एक डर और निराशा के माहौल में बदलने के लिए मीडिया को जिम्मेदार बताया. उनका कहना था, 'यह जीतने के लिए एक लड़ाई है. इससे पहले से कमजोर मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहुत अधिक दबाव पड़ा है.'

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