स्मॉल सेविंग स्कीम में पश्चिम बंगाल का योगदान सबसे ज्यादा, दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश

प्रतीकात्मक तस्वीर

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वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के तहत आने वाले राष्ट्रीय बचत संस्थान (National Savings Institute) के आंकड़ों के अनुसार पश्चिम बंगाल स्मॉल सेविंग स्कीम (Small Savings Schemes) में कलेक्शन में सबसे आगे है.

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नई दिल्ली. स्मॉल सेविंग स्कीम्स (Small Savings Schemes) में पश्चिम बंगाल का योगदान सबसे ज्यादा है. दरअसल, स्मॉल सेविंग स्कीम्स मसलन राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) और भविष्य निधि (PPF) में पश्चिम बंगाल का योगदान करीब 90 हजार करोड़ रुपये का है, जो सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे ज्यादा है. इन योजनाओं में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुल योगदान में पश्चिम बंगाल का हिस्सा करीब 15 फीसदी है.

दूसरे स्थान पर यूपी

आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश इन योजनाओं में 69,660.70 करोड़ रुपये के योगदान के साथ दूसरे स्थान पर है. वित्त मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय बचत संस्थान (National Savings Institute) द्वारा 2017-18 में जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार इन योजनाओं में सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों का योगदान 5.96 लाख करोड़ रुपये है. आखिरी बार 2017-18 में ही इन आंकड़ों का अपडेट किया गया था.

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ब्याज दरें घटाने का फैसला वापस

सरकार ने गुरुवार को स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर ब्याज में भारी कटौती के फैसले को वापस ले लिया था. एक दिन पहले ही ब्याज दरों में कटौती की घोषणा की गई थी.

12 से 15 फीसदी के बीच बना हुआ है स्मॉल सेविंग स्कीम में पश्चिम बंगाल का योगदान



वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के तहत आने वाले राष्ट्रीय बचत संस्थान के आंकड़ों के अनुसार पश्चिम बंगाल स्मॉल सेविंग स्कीम में कलेक्शन में सबसे आगे है. पिछले कुछ साल से इन योजनाओं में राज्य का योगदान 12 से 15 फीसदी के बीच बना हुआ है. जिन अन्य राज्यों में चुनाव हो रहे हैं उनमें असम का स्मॉल सेविंग स्कीम में हिस्सा 9,446.37 करोड़ रुपये, केरल का 14,763.01 करोड़ रुपये, पुडुचेरी का 1,082.40 करोड़ रुपये का तमिलनाडु का 28,598.18 करोड़ रुपये है.
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