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गोल्ड इन्वेस्टमेंट में क्या हैं जोखिम, विशेषज्ञ रिस्क के बावजूद क्यों देते हैं सोने में निवेश की सलाह?

सोने में निवेश के जोखिम होने के बावजूद विशेषज्ञ देते हैं इसमें इन्वेस्टमेंट की सलाह.

सोने में निवेश के जोखिम होने के बावजूद विशेषज्ञ देते हैं इसमें इन्वेस्टमेंट की सलाह.

हर तरह के निवेश किसी न किसी तरह के जोखिम के साथ आते हैं. गोल्ड में निवेश करना भी जोखिमों से भरा है. आप चाहें भौतिक गोल्ड में निवेश करें या गोल्ड म्यूचुअल फंड में, दोनों के अपने-अपने रिस्क हैं.

    नई दिल्ली. सोने के भारत में आभूषण और संपत्ति के रूप में देखा जाता है. इसके साथ ही यह एक बेहतरीन निवेश विकल्प भी है. पहले सोने को केवल भौतिक रूप में ही बेचा जा सकता था लेकिन अब इसमें निवेश के लिए गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेड फंड , सरकार द्वारा जारी सॉवरिन ट्रेड बॉन्ड और गोल्ड म्यूचुअल फंड्स हैं.

    हालांकि, निवेश चाहे म्यूचुअल फंड में हो, इक्विटी में हो या प्रॉपर्टी में हो हर निवेश का अपना रिस्क होता है. इसी तरह सोने में निवेश में जोखिम है. सोने से निवेश से जुड़े यह रिस्क क्या हैं इसी बारे में आज हम आपके बताएंगे.

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    भौतिक गोल्ड
    जब आप सोने के आभूषण, कॉइन या बार खरीदते हैं तो इसकी कीमत में जीएसटी, मेकिंग चार्जेस भी जुड़े होते हैं जो अपरिवर्तनीय होते हैं. इसके अलावा किसी भी कीमती सामान, विशेषकर गोल्ड, के चोरी हो जाने की आशंका अधिक होती है. साथ ही इसकी शुद्धता को लेकर संदेह और भंडारण की समस्याएं भी होती हैं.

    गोल्ड म्यूचुअल फंड
    विशेषज्ञों के अनुसार, गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करना काफी जोखिम भरा काम होता है. इसका कारण है कि गोल्ड म्यूचुअल फंड रियल टाइम गोल्ड प्राइस पर आधारित होते हैं और मार्केट की अनिश्चितता द्वारा संचालित होते हैं. इसलिए यह पता लगाना मुश्किल होता है कि इससे आपको लाभ होगा या हानि.

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    सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड
    इसमें निवेश करने में कैपिटल लॉस का खतरा है क्योंकि सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड सीधे अतंरर्राष्ट्र गोल्ड प्राइस से जुड़े होते हैं. जिस कीमत पर निवेशक ने बॉन्ड को खरीदा है अगर वह उसके द्वारा बॉन्ड पर रीडीम किए प्राइस से अधिक है तो उसे घाटा हो सकता है.

    गोल्ड एक्सचेंज
    गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स वास्तविक भौतिक गोल्ड से भी अधिक महंगे हो सकते हैं. क्योंकि इसमें अतरिक्त प्रबंधन फी जुड़ी होने के साथ अन्य कई जोखिम होते हैं. इन्हें केवल कैश की फॉर्म में ही रीडीम किया जा सकता है गोल्ड में नहीं. यह गोल्ड के कॉन्ट्रेक्ट और डेरिवेटिव होते हैं.

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    विशेषज्ञ देते हैं निवेश की सलाह
    कई जोखिमों के बावजूद विशेषज्ञ गोल्ड को खरीदने की सलाह देते हैं. इसके पीछे कुछ मुख्य वजहें हैं. पहला तो यह कि गोल्ड एक मूल्यवान संपत्ति है. इसके अलावा गोल्ड आपको मुद्रास्फीति में समर्थन देता है और मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितताओं के दौर में आपको वित्तीय समर्थन दे सकता है.

    Tags: Business news, Business news in hindi, Gold, Gold investment, Gold price

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