Budget 2019 में आम आदमी को क्या मिला, 6 प्वाइंट्स में जानें

वित्त मंत्री का पूरा भाषण ग्रामीण और शहरी, कॉर्पोरेट और किसान व महिला और यूथ के बीच में बंटा हुआ था.

News18Hindi
Updated: July 6, 2019, 12:20 PM IST
Budget 2019 में आम आदमी को क्या मिला, 6 प्वाइंट्स में जानें
वित्त मंत्री का पूरा भाषण ग्रामीण और शहरी, कॉर्पोरेट और किसान व महिला और यूथ के बीच में बंटा हुआ था.
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Updated: July 6, 2019, 12:20 PM IST
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने शुक्रवार को संसद में अपना पहला बजट पेश किया. उनका पूरा भाषण ग्रामीण और शहरी, कॉर्पोरेट और किसान व महिला और यूथ के बीच में बंटा हुआ था. वैसे तो वित्त मंत्री ने काफी घोषणाएं कीं लेकिन हम आपको बताते हैं कि आम आदमी के लिए बजट में क्या था-

1. इनकम टैक्स- सैलरी वाले आम आदमी को कोई नया टैक्स नहीं देना पड़ेगा. जैसा कि इस साल फरवरी में प्रस्तावित अंतिरम में बजट की तरह ही जिन लोगों की आय पांच लाख रुपये से कम है उन्हें कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा और जिनकी आय 5 लाख से ऊपर है उनके लिए टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
लेकिन सुपर-रिच लोगों के लिए यह बजट बहुत अच्छा नहीं रहा. जिन लोगों की सालाना इनकम 2 करोड़ रुपये से ज्यादा है उनके लिए टैक्स को बढ़ा दिया गया है. 2 से 5 करोड़ के बीच की इनकम वाले लोगों के लिए इफेक्टिव टैक्स रेट 3 फीसदी बढ़ाया गया है, वहीं 5 करोड़ से ऊपर की इनकम वालों के लिए इफेक्टिव टैक्स रेट में 7 फीसदी का इज़ाफा हुआ है. इसलिए जिन लोगों की इनकम सालाना 5 करोड़ से ज्यादा है उनके लिए इफेक्टिव टैक्स रेट 40 फीसदी तक हो गया है.(ये भी पढ़ें: हर महीने हो सकती है 1 लाख रुपये तक कमाई, शुरू करें ये बिजनेस)



टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में सिर्फ डेढ़ लाख लोग ऐसे हैं जिनकी इनकम 1 करोड़ सालाना से अधिक है, और जिन लोगों को वित्त मंत्री ने टारगेट किया है उनकी संख्या और भी कम है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ नए कैटेगरी के लोगों को भी टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा-

- एक लाख से ऊपर बिजली बिल होने पर
- विदेश यात्रा पर दो लाख रुपये से ज्यादा खर्च करने पर
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- चालू खाते में एक करोड़ रुपये या उससे ज़्यादा जमा करने पर
- इनकम टैक्स ऐक्ट के सेक्शन 54 के तहत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को लेकर टैक्स माफी का लाभ क्लेम करने पर

2. कॉर्पोरेट टैक्स- 400 करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर वाली कंपनियों को अब सिर्फ 25 फीसदी तक ही टैक्स देना पड़ेगा. इसका मतलब ये है कि भारत के करीब 99 फीसदी कंपनियां इस टैक्स स्लैब में आ जाएंगी. लेकिन इससे बहुत फायदा नहीं होने वाला है क्योंकि भारत में ज्यादा टैक्स देने वाली कंपनियों को अभी भी 30 फीसदी का टैक्स देना होगा.

3. पेट्रोल-डीज़लः  संसाधनों को बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री ने पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी और सेस बढ़ा दिया. इसकी वजह से अब पेट्रोल और डीज़ल दो रुपये महंगा हो जाएगा. जो कि आम आदमी को शायद ही पसंद आएगा.

4. इलेक्ट्रिक वाहन- वित्त मंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इसे आम आदमी के लिए एफोर्डेबल बनाने पर काफी जोर दिया गया. इसके लिए इलेक्ट्रिक वाहन पर जीएसटी को 5 फीसदी कर दिया और कस्टम ड्यूटी को खत्म कर दिया गया. इसके अलावा वाहन खरीदने पर लिए गए लोन में भी छूट दी जाएगी. इसके लिए सरकार ब्याज में डेढ़ लाखा का अतिरिक्त छूट देगी. ये छूट ब्याज में 2 लाख की छूट दी जा रही है उसके अलावा होगा.



5. एंजेल टैक्स- बजट में कहा गया है कि जो स्टार्ट-अप अपने इनकम के बारे में उचित सूचना देंगे उनके शेयर के प्रीमियम की स्क्रूटिनी नहीं की जाएगी और इन्वेस्टर्स की ई-वेरीफिकेशन के दवारा पहचान की जाएगी.

6. किसान- वित्त मंत्री ने 2022 तक किसानों की इनकम को डबल करने के अपने वादे को फिर से दोहराया. हालांकि, किसानों द्वारा अपने उत्पादों को बेचने को लेकर उन्होंने कुछ ही घोषणाएं कीं. बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने ट्विटर पर लिखा, 'बजट में किसानों की इनकम को 2022 तक बेस इयर 2018 से डबल करने की बात कही गई है. इसका मतलब हुआ कि चार सालों में इसे डबल करना है. ऐसा करने के लिए हर साल 18 फीसदी की दर से ग्रोथ होनी चाहिए. मौजूदा समय में किसानों के इनकम की ग्रोथ रेट 2 फीसदी सालाना है.'

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First published: July 6, 2019, 11:50 AM IST
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