कच्चे तेल में ऐसा क्या हुआ जो मनी मैनेजर्स भी जमकर लगा रहे लगे दांव, जानें सबकुछ

एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन ने यह भी अनुमान लगाया है कि 2021 में अमेरिकी ईंधन की खपत में 1.48 मिलियन बीपीडी की वृद्धि होगी

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से निवेश के लिए उत्साहित हो रहे हैं निवेशक, महज एक हफ्ते में ही कच्चे तेल ने 11 फीसदी का मुनाफा दिया.

  • Share this:
नई दिल्ली. पेट्रोल-डीजल ( Petrol-Diesel) के बढ़ते दामों से आम-आदमी परेशान है लेकिन हेज फंड (Hedge fund) इसे एक मौके के रूप में ले रहे हैं. फंड्स के मनी मैनजर्स क्रूड पर जमकर दांव खेल रहे हैं. कई विश्लेषक मानते हैं कि कोरोना महामारी से उबर रही अर्थव्यवस्था में क्रूड की मांग बढ़ रही है. इसलिए क्रूड में निवेश करने के लिए लोग लालायित हैं.
एंजेल ब्रोकिंग (Angel Broking Ltd ) के नॉन एग्री कमोडिटीज एंड करेंसीज के एवीपी प्रथमेश माल्या (Prathamesh Mallya) बताते हैं कि 14 जून को जो तेल की कीमतें ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई (सीएमपी: $73.07 और 71.08/बीबीएल) थी, उसमें सप्ताह के दौरान ब्रेंट में 9.7% और डब्ल्यूटीआई में 11.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. यही नहीं, एमसीएक्स फ्यूचर्स पर इसी समयावधि में तेल की कीमतों में 11.5 फीसदी की तेजी आई. महज एक हफ्ते में इतनी तेजी किसी भी निवेश के बेहतरीन रिटर्न माना जाता है.
यह भी पढ़ें : कॉफी से लेकर खिलौने हो रहे हैं महंगे, वजह जानकार चौंक जाएंगे आप
पहली तिमाही के लिए तेल पर बढ़ रहा है दांव
मनी मैनेजर्स पहली तिमाही के लिए तेल पर अपना दांव बढ़ा रहे हैं. 11 मई 2021 को 3,81,947 अनुबंधों की तुलना में 8 जून को नेट लॉन्ग 4,24,476 अनुबंधों पर था. यह स्पष्ट रूप से कमोडिटी में वैश्विक फंड प्रबंधकों (Global fund managers) के आशावाद को दर्शाता है जिसे वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक बेंचमार्क माना जाता है. एजेंल ब्रोकिंग के माल्या बताते हैं कि उन्हें उम्मीद हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डब्ल्यूटीआई तेल की कीमतें (सीएमपी: $71/बीबीएल) एक महीने के नजरिए से $77/बीबीएल की ओर बढ़ेंगी, जबकि एक ही समयसीमा में एमसीएक्स ऑयल फ्यूचर्स (सीएमपी: 5214 रुपये/बीबीएल) अगले महीने में 5600 रुपये/बीबीएल मार्क की ओर बढ़ सकता है.
वैश्विक मांग बढ़ने की यह है वजह
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (International Energy Agency) का वैश्विक मांग के महामारी के पूर्व के स्तर पर लौटने के अनुमान है. अमेरिका में लॉकडाउन में छूट के कारण अधिक वाहनों का परिवहन और हवाई यातायात बढ़ने से तेल की मांग में वृद्धि हो रही है. जबकि, उत्तरी कनाडा और उत्तरी सागर में मेंटेनेंस का मौसम है. इसके अलावा, तेल बाजार में संतुलन के लिए ओपेक (OPEC)का कम्प्लायंस, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ तेहरान के परमाणु समझौते में शामिल होने पर बातचीत खींचने से ईरान से जल्द ही बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति आने की संभावना धूमिल हो गई है. इससे तेल की कीमतों में आशावाद बढ़ गया है.
यह भी पढ़ें : पीएफ अकाउंट को आधार से लिंक कराने में हो रही है दिक्कत तो पहले करें यह काम, जानें पूरी प्रोसेस
ओपेक बढ़ाएगा उत्पादन
माल्या बताते हैं कि एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (Energy Information Administration)ने यह भी अनुमान लगाया है कि 2021 में अमेरिकी ईंधन की खपत में 1.48 मिलियन बीपीडी की वृद्धि होगी, जो 1.39 मिलियन बीपीडी के पिछले पूर्वानुमान से भी अधिक है इसके अलावा, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने अपनी मासिक रिपोर्ट में कहा है कि पेट्रोलियम निर्यातक देशों और सहयोगियों के संगठन, जिन्हें ओपेक+ के रूप में जाना जाता है, को 2022 के अंत तक महामारी के पहले के स्तर पर पहुंचने के लिए निर्धारित मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन को बढ़ावा देने की जरूरत होगी. ओपेक ने भी स्वस्थ मांग के आउटलुक को मजबूत किया है. उसका मानना है कि 2021 में मांग 5.95 मिलियन बैरल प्रति दिन बढ़ेगी, जो एक साल पहले की तुलना में 6.6% अधिक है.
यह भी पढ़ें : चीनियों को भारतीयों ने दिया करारा जवाब, 43 फीसदी लोगों ने नहीं खरीदा चीनी सामान
तेल के लिए आगे क्या?
अमेरिका में बढ़ती मुद्रास्फीति ने फेड में पहले ही इस बात पर बहस शुरू कर दी है कि कैसे और कब बड़े पैमाने पर संपत्ति-खरीद कार्यक्रम का लाभ उठाना शुरू किया जाए जिसने महामारी में अमेरिकी अर्थव्यवस्था को सपोर्ट किया था. वहीं, श्रम बाजार से मुद्रास्फीति को बढ़ावा मिल सकता है, जहां छंटनी कम हो रही है. नियोक्ता मजदूरी में वृद्धि कर रहे हैं क्योंकि वे श्रमिकों की कमी का सामना कर रहे हैं. लिहाजा, रॉयटर्स के हालिया सर्वेक्षण के अनुसार 2021 में तेल की मांग 5.5 मिलियन बैरल प्रति दिन बढ़कर 6.5 एमबीपीडी हो जाने की उम्मीद है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.