आज से कोई भी खरीद सकता है Electoral Bond, आपके पैसा लगाने से मिलता है राजनीतिक पार्टियों को फायदा

बिहार चुनाव से पहले चुनावी बॉन्ड की 14वीं श्रृंखला को मंजूरी  मिल गई है.
बिहार चुनाव से पहले चुनावी बॉन्ड की 14वीं श्रृंखला को मंजूरी मिल गई है.

Electoral Bond: चुनावी बांड से मतलब एक ऐसे बांड से होता है जिसके ऊपर एक करंसी नोट की तरह उसकी वैल्यू या मूल्य लिखा होता है. चुनावी यानी इलेक्टोरल बांड का इस्तेमाल व्यक्तियों, संस्थाओं और संगठनों द्वारा राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए किया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 19, 2020, 8:56 AM IST
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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बिहार चुनाव से पहले चुनावी बॉन्ड (Electoral Bond) की 14वीं श्रृंखला को मंजूरी दे दी है. ये बॉन्ड 19 अक्टूबर 2020 को सेल के लिए ओपन होंगे और 28 अक्टूबर 2020 को बंद हो जाएंगे. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) को ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक, चुनाव आयोग ने कुछ शर्तों को ध्यान में रखते हुए आचार संहिता के नजिरये से चुनावी बांड (What Is Electoral Bond) को 15 अक्टूबर 2020 को मंजूरी दे दी थी. निर्वाचन आयोग ने कहा है कि जो आचार संहिता जारी की है उसका सभी को सख्ती से पालन करना होगा.

चुनाव आयोग ने कहा बॉन्ड के बारे में नहीं होगी चर्चा
चुनाव आयोग के मुताबिक, कोई भी राजनीतिक पदाधिकारी या कार्यकर्ता उन क्षेत्रों में सार्वजनिक भाषण या किसी प्रकार की सूचना के जरिए प्रेस या लोगों से इस बॉन्ड के बारे में कोई चर्चा नहीं करेंगे, जहां चुनाव होने जा रहे हैं. इसके अलावा नियमों का अच्छे से पालन करना सभी के लिए जरूरी है.

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कब होंगे बिहार में चुनाव?


इस साल बिहार में तीन चरणों में चुनाव हो रहा है. पहला चरण 28 अक्टूबर को होगा. दूसरा चरण तीन नवंबर और तीसरा चरण सात नवंबर को है. इसके अलावा वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी. चुनावी बॉन्ड से राजनीतिक दलों को मिलने वाले नकद चंदा को विकल्प के रूप में लाया गया है. सरकार की इस पहले से राजनीतिक कामों में और राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले चंदे में पारदर्शिता रहेगी.

कहां से खरीद सकते हैं बॉन्ड?
मंत्रालय की ओर से जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) को अपनी 29 शाखाओं के जरिए 19 अक्टूबर से 28 अक्टूबर के दौरान चुनावी बांड की 14वीं श्रृंखला को सेल के लिए अपलब्ध कराना है. एसबीआई की ये विशेष शाखाएं पटना, नई दिल्ली, चंडीगढ़, शिमला, श्रीनगर, देहरादून, गांधीनगर, भोपाल, रायपुर, मुंबई और लाखनऊ जैसे शहरों में हैं.

क्या है चुनावी बॉन्ड?
केंद्र सरकार ने देश के राजनीतिक दलों के चुनावी चंदे में पारदर्शी बनाए रखने के लिए वित्त वर्ष 2017-18 के बजट में चुनावी बांड (Electoral Bond) शुरू करने का ऐलान किया था. चुनावी बॉन्ड से मतलब एक ऐसे बॉन्ड से होता है जिसके ऊपर एक करंसी नोट की तरह उसकी वैल्यू या मूल्य लिखा होता है.

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क्या होता है चुनावी बॉन्ड का इस्तेमाल?
चुनावी यानी इलेक्टोरल बॉन्ड का इस्तेमाल व्यक्तियों, संस्थाओं और संगठनों द्वारा राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए किया जा सकता है.
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