Small Finance Banks: क्या इनमें अकाउंट खुलवाना सेफ है? जानिए इससे जुड़े ऐसे ही अहम सवालों के जवाब

स्‍मॉल फाइनेंस बैंक जमा पर पीएसयू और बड़े प्राइवेट बैंकों से ज्‍यादा ब्‍याज की पेशकश करते हैं.
स्‍मॉल फाइनेंस बैंक जमा पर पीएसयू और बड़े प्राइवेट बैंकों से ज्‍यादा ब्‍याज की पेशकश करते हैं.

Equitas Small Finance Bank आज यानी 20 अक्‍टूबर 2020 को आईपीओ (IPO) लेकर आ रहा है. इसमें निवेश से पहले जानते हैं स्‍मॉल फाइनेंस बैंकों से जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब...

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 20, 2020, 8:16 AM IST
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नई दिल्‍ली. बैंकिंग सेक्‍टर (Banking Sector) में पिछले कुछ साल में हुई बड़ी-बड़ी उठापटक के कारण आम लोगों के सामने इन पर भरोसे की कमी की समस्‍या खड़ी हो गई है. ऐसे में जब कोई बैंक जमा पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) से ज्‍यादा ब्‍याज की पेशकश करता है तो विश्‍वास करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. इस समय देश का सबसे बड़ा कर्जदाता स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) बचत पर 3 फीसदी से भी कम ब्‍याज दे रहा है. वहीं, देश के कुछ स्‍मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Banks) सेविंग अकाउंट पर 7 फीसदी तक का ब्‍याज दे रहे हैं. अब सवाल उठता है कि क्‍या इन बैंकों में अकाउंट खुलवाना सेफ है? क्‍या इसमें जमा हमारी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहेगी? कल यानी 20 अक्‍टूबर 2020 को Equitas Small Finance Bank आईपीओ (IPO) लेकर आ रहा है. इसमें निवेश से पहले जानते हैं स्‍मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब...

स्‍मॉल फाइनेंस बैंक क्‍या हैं और ये कहां निवेश करते हैं?
केंद्र सरकार ने 2015 में 10 स्मॉल फाइनेंस बैंकों को लाइसेंस दिया था. हालांकि, बड़े आकार के कारोबारी बैंकों के मुकाबले स्मॉल फाइनेंस बैंकों की कारोबारी गतिविधियां सीमित ही होती हैं. ऐसे बैंकों का 50 फीसदी लोन पोर्टफोलियो 25 लाख रुपये तक की श्रेणी में होना चाहिए. आसान शब्‍दों में समझें तो इन बैंकों को बड़े लोन देने पर रोक रहती है. इससे इनके सामने बड़ी समस्‍याएं खड़ी होना करीब-करीब असंभव है. अकसर देखा गया है कि बैंकों की ओर से दिए गए बड़े लोन की वसूली या धोखाधड़ी की समस्याएं ज्‍यादा सामने आती हैं.

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स्‍मॉल फाइनेंस बैंकों की निगरानी कौन करता है?


रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) स्‍मॉल फाइनेंस बैंकों की निगरानी करता है. केंद्रीय बैंक की ओर से इन बैंकों के लिए कई कड़े दिशानिर्देश तय किए गए हैं. इन दिशानिर्देशों के लिहाज से स्‍मॉल फाइनेंस बैंक में बचत खाता खुलवाना या निवेश करना काफी हद तक सुरक्षित माना जा सकता है.

अकाउंट में जमा कितनी रकम रहेगी सुरक्षित?
स्मॉल फाइनेंस बैंकों में पांच लाख रुपये तक की रकम उतनी ही सुरक्षित रहती है, जितनी एसबीआई या दूसरे सरकारी बैंकों या प्राइवेट बैंकों में सेफ है. दरअसल, स्मॉल फाइनेंस बैंक सीधे आरबीआई की निगरानी में होते हैं. स्‍मॉल फाइनेंस बैंक भी पीएसयू और अन्य प्राइवेट बैंकों की तरह केंद्रीय बैंक की ओर से अनुसूचित बैंकों के तौर पर क्‍लासीफाइड होते हैं. इसलिए स्‍मॉल फाइनेंस बैंक में 5 लाख रुपये तक की राशि डिपॉजिट इंश्‍योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के डिपॉजिट इंश्योरेंस प्रोग्राम के तहत बीमित होती है.

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कितना सुरक्षित है इन बैंकों में निवेश करना?
स्‍मॉल फाइनेंस बैंकों में फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट या कोई भी दूसरा निवेश पीएसयू और निजी क्षेत्र के दूसरे बैंकों की तरह ही सुरक्षित रहता है. अगर आप एफडी में पैसा लगा रहे हैं तो एक ही बैंक में अपनी सारी पूंजी नहीं लगाएं. बेहतर होगा कि अलग-अलग स्मॉल फाइनेंस बैंकों की एफडी स्कीम्स में पैसा लगाएं. स्‍मॉल फाइनेंस बैंक में भी 5 लाख रुपये तक की राशि डीआईसीजीसी के डिपॉजिट इंश्योरेंस प्रोग्राम के तहत इंश्‍योर्ड होती है. इसलिए एक बैंक में पांच लाख रुपये तक की पूंजी निवेश करना सुरक्षित रहता है.

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स्‍मॉल फाइनेंस बैंक क्‍यों देते हैं ज्‍यादा ब्‍याज?
पीएसयू या बड़े निजी बैंकों के पास बड़ी संख्‍या में नकदी मौजूद रहती है. इसलिए वे अधिक जमा हासिल करने में कम रुचि दिखाते हैं. वहीं, स्मॉल फाइनेंस बैंकों के साथ इसका उलटा होता है. इसलिए स्मॉल फाइनेंस बैंक ज्‍यादा से ज्‍यादा जमा हासिल करने के लिए डिपॉजिट पर ज्‍यादा ब्याज की पेशकश करते हैं. इसलिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों में निवेश करने में कोई दिक्‍कत नहीं है.
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