म्यूचुअल फंड: डायरेक्ट और रेगुलर प्लान में कौन सा बेहतर, जानिए इसके बारे में सबकुछ

म्यूचुअल फंड: डायरेक्ट और रेगुलर प्लान में कौन सा बेहतर, जानिए इसके बारे में सबकुछ
म्यूचुअल फंड: डायरेक्ट और रेगुलर प्लान में कौन सा बेहतर, जानिए इसके बारे में सबकुछ

Paisabazaar.com के को-फाउंडर नवीन कुकरेजा कहते है कि म्यूचुअल फंड में छोटी बचत पर मोटा मुनाफा पाना बेहद आसाना है. लेकिन सही जानकारी के साथ म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2018, 8:41 AM IST
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शेयर बाजार का भारी उतार-चढ़ाव ज्यादातर लोगों को डराता है.  इसीलिए निवेशक इससे दूर भागते है. ऐसे में निवेशकों के पास म्यूचुअल फंड के जरिए पैसा कमाने का मौका होता है. Paisabazaar.com के को-फाउंडर नवीन कुकरेजा कहते है कि म्यूचुअल फंड में छोटी बचत पर मोटा मुनाफा पाना बेहद आसाना है. लेकिन सही जानकारी के साथ म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना चाहिए. आपको बता दें कि आमतौर पर म्यूचुअल फंड के दो प्लान होते है. एक डायरेक्ट प्लान दूसरा रेगुलर प्लान. आइए जानें इसके बारे में... (ये भी पढ़ें-म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों के लिए बड़ी खबर: अब घटेगा खर्च, मिलेगा ज्यादा मुनाफा)

डायरेक्ट Vs रेगुलर  प्लान-नवीन कुकरेजा का कहना है कि डायरेक्ट प्लान अक्सर म्युचुअल फंड हाउस वेबसाइट से लेते हैं, जबकि रेगुलर प्लान एडवाइजर, ब्रोकर या डिस्ट्रीब्यूटर से लेते हैं. डायरेक्ट प्लान का एनएवी रेगुलर के मुकाबले ज्यादा होता है. दोनों स्कीम का निवेश एक समान होता है. (ये भी पढ़ें-VIDEO: बुरे वक्त में भी रहेंगे हाथ में लाखों रुपये, बस आज से करें ये 4 काम)

कौन सा प्लान लेना बेहतर?
(1) नवीन कुकरेजा बताते है कि रेगुलर प्लान, फंड हाउस डिस्ट्रीब्यूटर को कमीशन देता है. एक्सपेंस रेश्यो के तौर पर निवेशक से खर्च की वसूली की जाती है. रेगुलर प्लान का एक्सपेंस रेश्यो ज्यादा होता है.  बाजार की जानकारी कम होने पर रेगुलर प्लान लें. ब्रोकर या एडवाइजर से फंड लेने पर बेहतर सलाह होगी. (ये भी पढ़ें-Paytm पर अगले महीने से खरीद पाएंगे ये स्कीम, जो देंगी बैंकों से ज्यादा मुनाफा)
 (2) डिस्ट्रीब्यूटर ना होने से डायरेक्ट प्लान प्लान में खर्च कम होता है. इसका एक्सपेंस रेश्यो रेगुलर के मुकाबले कम होता है. रेगुलर प्लान की तुलना में बेहतर रिटर्न मिलता है. सालाना रिटर्न 0.5 फीसदी -1.5 फीसदी तक ज्यादा होता है. डायरेक्ट प्लान में सीधे एएमसी के जरिए निवेश किया जाता है.



बाजार की समझ होने पर डायरेक्ट प्लान लें. निवेशक को खुद रिसर्च कर फंड चुनने होते हैं. ऑनलाइन खरीदा हर फंड डायरेक्ट प्लान नहीं होता है. ऑनलाइन पोर्टल डायरेक्ट प्लान पर चार्ज लेते हैं. कई ऑनलाइन पोर्टल रेगुलर प्लान भी देते हैं. एएमसी वेबसाइट से डायरेक्ट प्लान ले.
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