• Home
  • »
  • News
  • »
  • business
  • »
  • क्या है शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट, जिसके तहत आने वाली दुकानों को लॉकडाउन में खोलने की मिली मंजूरी

क्या है शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट, जिसके तहत आने वाली दुकानों को लॉकडाउन में खोलने की मिली मंजूरी

केंद्र की गाइडलाइन के अनुसार ग्रामीण इलाकों में मॉल को छोड़कर नेबरहुड शॉप ही खुलेंगी. (सांकेतिक फोटो)

केंद्र की गाइडलाइन के अनुसार ग्रामीण इलाकों में मॉल को छोड़कर नेबरहुड शॉप ही खुलेंगी. (सांकेतिक फोटो)

देश में जारी लॉकडाउन (Lockdown Part 2) के बीच शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट (What is Shop & Establishment Act) के तहत रजिस्टर्ड दुकानों को खोलने की मंजूरी मिल गई है. आइए जानें इसके बारे में सबकुछ

  • Share this:
    नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Covid19) के मद्देनज़र लागू लॉकडाउन (Lockdown Part2) में छूट की दूसरी किश्त शन‍िवार से लागू हो गई है. इसके तहत शर्तों के साथ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में गैरजरूरी सामानों की दुकानें भी खुल जाएंगी. गृहमंत्रालय ने शुक्रवार को देर रात जारी आदेश में सभी रजिस्टर्ड दुकानें खोलने की अनुमति दे दी है. सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट (Shops & Establishment Act) ) में रजिस्टर्ड दुकानों को खोलने की मंजूरी है.

    शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट (What is (Shops & Establishment Act) )- टैक्स एक्सपर्ट गौरी चड़ढा कहती हैं कि अगर आप कोई भी बिजनेस करते हैं या दुकान खोलते है तो उसके लिए ये लाइसेंस जरूरी है. अगर आप घर पर बैठकर यानी वर्क फ्रॉर्म होम करते हैं तो भी ये लाइसेंस जरूरी है. दुकान, सभी तरह की कॉमर्शियल गितिविधियां, रेस्ट्रोरेंट, होटल, थिएटर, सार्वजनकि मनोरंजन, रिटेल व्यापार या फिर भी किसी तरह का कोई बिजनेस हो.

    यह एक ऐसा एक्ट है. जिसे मजदूरी का भुगतान, छुट्टियां, सर्विस के नियम, अवकाश और काम की अन्य चीजों की तय करना है. यह सरकार के लेबर डिपार्टमेंट के अंतर्गत आता है. इस एक्ट के दायरे में वो सभी बिजनेस आते है जहां किसी भी प्रकार का बिजनेस का फिर व्यवसाय किया जा रहा है.

    इसके अलावा इसमें सोसाइटी, चेरिटेबल ट्रस्ट, शैषणिक संस्थाएं (जिन्हें पैसा कमाने लिए चलाया जा रहा है) भी आते है. हालांकि, ये नियम फैक्ट्री पर लागू नहीं होता है.

    एक्ट में दी गए बिजनेस और दुकानों की परिभाषा
    >> कोई भी व्यावसायिक क्षेत्र, जैसे कि बैंकिंग, ट्रेडिंग या इंश्योरेंस के लिए लाइसेंस लेना जरूरी है.
    >> कोई भी शॉप्स जहां लोग काम करते हैं या कार्यालय का काम करने या सर्विस देने के लिए लगे हुए हैं.
    >> होटल, रेस्टोरेंट और बोर्डिंग हाउस या एक छोटा कैफे या चाय की दुकान के लिए
    >> मनोरंजन के लिए खोली दुकान, सिनेमाघर और सिनेमा हॉल या मनोरंजन पार्क के लिए
    >> इस एक्ट की परिभाषा हर राज्य में अलग-अलग हो सकती है. क्योंकि राज्य सरकार अपने क्षेत्र और >> समय-समय पर इसमें बदलाव करती रहती है. अगर आसान शब्दों में कहें तो जिन्हें राज्य में अपना >> व्यवसाय चलाने के लिए अधिनियम के तहत रजिस्टर करने की आवश्यकता होती है.

    इससे जुड़ी जरूरी बातें

    (1) अगर आप दुकान शुरू कर रहे हैं, तो आपको अपनी स्थापना के शुरू होने के 30 दिनों के भीतर आपको इस अधिनियम के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल करना होगा.इसके लिए बैंक में चालू खाता खोलने सहित कई कारणों से यह रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है. यह लाइसेंस, भारत में व्यवसाय चलाने के लिए आवश्यक अन्य रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने के लिए एक मूल लाइसेंस और आपके व्यवसाय के प्रमाण के रूप में बनता है.

    (2) रोजाना और साप्ताहिक कामों के घंटे का ब्यौरा रखना जरूरी है.

    (3) महिलाओं और बच्चों के काम के लिए नियम

    (4) इसमें बिजनेस और उसमें काम करने वालों के लिए सभी नियम तय किए गए है.

    (5) जब कोई व्यक्ति दुकान खोलता या फिर कोई भी बिजनेस करता है तो वो कानूनी तौर पर अपने कर्ज़ और नुकसान के लिए उत्तरदायी होता है. लेकिन शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट में रजिस्ट्रेशन के बात आपकी निजी संपत्ति को उस बिजनेस में शामिल नहीं किया जाता है. मतलब साफ है कि अगर कोई नुकसान होता है तो आपके घर और अन्य प्रॉपर्टी पर कोई असर नहीं होगा.

    ये भी पढ़ें-लॉकडाउन में आपकी जरूरत का सामान घर पहुंचाने के लिए सरकार ने बनाया खास प्लान!

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज