क्या है SIP? जानिए एसआईपी से जुड़ी पूरी जानकारी

म्युचुअल फंड में निवेश करने का सबसे सुरक्षित और पॉपुलर माने जाने वाले तरीकाे में से एक है एसआईपी

म्युचुअल फंड में निवेश करने का सबसे सुरक्षित और पॉपुलर माने जाने वाले तरीकाे में से एक है एसआईपी

शेयर बाजार में निवेश काे लेकर कई बार सलाह दी जाती है कि इसके लिए किसी जानकार से जरूर सलाह मशविरा करना चाहिए. लेकिन पैसा कमाने के लिए एसआईपी एक ऐसे विकल्प के ताैर पर सामने आया है जाे पसंद के म्युचुअल फंड में अपनी सुविधा के हिसाब से अलग-अलग किश्तों में एक निश्चित धनराशि जमा करने की आजादी देता है.

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नई दिल्ली. म्युचुअल फंड (mutual funds) में निवेश करने का सबसे सुरक्षित और पॉपुलर माने जाने वाले तरीकाे में से एक है एसआईपी यानि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (systematic investment plan). जैसा की नाम से ही समझ में आ जाता है कि एसआईपी में हमें अपनी पसंद के म्युचुअल फंड में अपनी सुविधा के हिसाब से अलग-अलग किश्तों में एक निश्चित धनराशि जमा करने की आजादी देता है. यह प्लान खासताैर से उन लाेगाें के लिए सबसे बेहतर विकल्प है जाे सीधे ताैर पर शेयर बाजार (share market)में पैसा लगाने से डरते है या फिर एकमुश्त पैसा नहीं निवेश करना चाहते. आइए हम यहां जानते है कि कैसे ऑनलाइन एसआईपी लिया जा सकता है और आप किस तरह से इससे पैसा कमा सकते है . बाजार में ऐसी बहुत सी एसआईपी स्कीम है जिनमें निवेशक 500 रुपये से अपना निवेश शुरु कर सकते हैं.



एसआईपी के लिए जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया



एसआईपी(SIP) शुरु करने के लिए जाे दस्तावेज आपके पास हाेना जरूरी है उनमें पैनकॉर्ड, एड्रेसप्रूफ, पासपोर्ट आकार के फोटोग्रॉफ और चेकबुक शामिल है. ऐसा इसलिए क्याेंकि म्युचुअल फंड में निवेश करने के लिए KYC की प्रक्रिया अनिवार्य होती है. ऑनलाइन एसआईपी शुरु करने के लिए आप किसी फंड हाउस के वेबसाइड पर जाकर अपने पसंद की एसपीआई चुन सकते हैं. इसके लिए पहले आपके  KYC के नियम पूरे करने होते हैं. 



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 नए अकाउंट के लिए Register Now लिंक पर जाना होगा. फॉर्म सब्मिट करने के पहले आपको यहां अपनी सभी पर्सनल डिटेल और कॉन्टैक्ट इनफार्मेशन भरने होगें. ऑनलाइन ट्रांसजैक्शन के लिए आपको एक यूजर नेम और पॉसवर्ड बनाना होगा. इसके अलावा SIP पेमेंट के डेबिट के लिए आपको बैंक अकाउंट डिटेल भी देने होंगे. इसके बाद आप अपने यूजर नेम के साथ  लॉगइन करने के बाद अपने पसंद की स्कीम चुन सकते है.  रजिस्ट्रेशन कम्प्लीट होने और फंड हाउस से इसका कंन्फर्मेशन भेजने के बाद SIP शुरु हो सकता है. सामान्य तौर एसपीआई 15 से 40 दिन के गैप के बाद शुरु होती है.


अब जान लीजिए इसके फायदें भी 



एसआईपी इक्विटी या डेट फंड में निवेश शुरु करने वाले ऐसे नए या पुराने निवेशकों के लिए एक बेहतर विकल्प है जो बाजार की जोखिम को कम करना चाहते हैं. इसके जरिए बिना किसी परेशानी के हम बाजार में छोटी राशि के साथ और आसान किश्तों में भी निवेश कर सकते हैं.





इसके तहत फंड हाउस को SI (स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन) देकर बैंक अकाउंट से ऑटो डेबिट की सुविधा भी ले सकते हैं जिससे हर महीने आपके बैंक अकाउंट से अपने आप किश्त की राशि कट जाएगी.



एसआईपी में आपको कम्पाउंडिग (चक्रवृद्धि ब्याज) का फायदा मिलता है यानी अगर आप किसी म्युचुअल फंड में  1000 रुपये , 10 फीसदी के रिटर्न रेट पर निवेश करते हैं तो एक साल में आपके द्वारा कमाया हुआ ब्याज 100 रुपये होगा। तो अगले साल आपकी ब्याज की कमाई 1100 रुपये के आधार पर होगी. 




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