सोने की जबरदस्त तेजी में क्या ज्वेलरी बेचना फायदेमंद होगा? आइए जानें ऐसे ही सवालों के जवाब

सोने की जबरदस्त तेजी में क्या ज्वेलरी बेचना फायदेमंद होगा? आइए जानें ऐसे ही सवालों के जवाब

चीन में फैले कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में सोने की कीमतों में बड़ा उछाल आया है. घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोने के दाम अब तक के सबसे ऊपरी शिखर 44,472 रुपये पर पहुंच गए है. ऐसे में क्या सोने की ज्वेलरी बेचना फायदेमंद है? एक्सपर्ट्स ने दिए ऐसे ही सवालों के जवाब...

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    नई दिल्ली. चीन में फैले कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में सोने की कीमतों में बड़ा उछाल आया है. घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोने के दाम अब तक के सबसे ऊपरी शिखर पर पहुंच गए हैं. दिल्ली में कीमत 44,472 रुपये प्रति दस ग्राम है. ऐसे में कई लोग कमोडिटी एक्सपर्ट्स से गोल्ड ज्वेलरी को लेकर सवाल पूछ रहे हैं कि क्या सोने की इस तेजी में ज्वेलरी या फिर गोल्ड में किए गए इन्वेस्टमेंट को बेचकर मुनाफा कमा लेना चाहिए. इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड में किए इन्वेस्टमेंट में एक बार मुनाफावसूली की जा सकती है. वहीं, अगर आपको पैसे की जरूरत है और आप सोना बेचने जा रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें. सोने की ज्यादा से ज्यादा कीमत पाने के लिए आपको थोड़ी समझदारी दिखानी होगी.

    क्या सोने की ज्वेलरी बेचने का सही समय है?
    केडिया कमोडिटी के एमडी अजय केडिया ने न्यूज18 हिंदी को बताया कि अगर किसी का इन्वेस्टमेंट है तो उसे मुनाफावसूली कर लेनी चाहिए और सोने की जगह अब चांदी में तेजी से पैसा बनाने का मौका मिल सकता है. क्योंकि गोल्ड-सिल्वर रेशियो बढ़ा है. अगर आसान शब्दों में कहें तो सोने-चांदी की कीमत का अनुपात साल 2010 में निचले स्तर पर जाने के बाद लगातार बढ़ा है. फिलहाल यह अनुपात 86 से अधिक है. अजय केडिया बताते हैं कि जब सोने-चांदी की कीमतों के अनुपात में बढ़ोतरी होती है, तो इससे किसी भावी संकट का पता चलता है.



    सामान्य तौर पर अगर अनुपात 80 से ऊपर है तो यह काफी अधिक माना जाता है और इस बार पिछले एक साल का औसत 82 से अधिक रहा है. यह अनुपात बताता है कि एक औंस सोने से कितनी औंस चांदी खरीदी जा सकती है. इसलिए यह अनुपात जितना अधिक होता है सोने की कीमत उतनी ही अधिक होती है और अनुपात कम होने का मतलब होता है कि चांदी में मजबूती आ रही है.

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    हालांकि, उनका कहना है कि सोने-चांदी की कीमत के अनुपात (गोल्ड-सिल्वर रेशियो बढ़ा) में तेजी ज्यादा समय तक नहीं रहेगी. लिहाजा सोने की कीमतों में फिर से गिरावट आने का अनुमान है. लिहाजा आप अगर किसी बहुत बड़ी इमरजेंसी में नहीं फंसे हैं तो सोने की ज्वेलरी में निवेश बरकरार रखना चाहिए.

    अगर ज्वेलरी बेचनी हैं तो कुछ बातों का आपको ध्यान रखना चाहिए?
    एक्सपर्ट्स बताते हैं कि वेस्टेज या मेल्टिंग चार्ज के नाम पर ज्वेलर्स पैसा काटते हैं. कई बार ऐसा होता है कि जब आप सोना बेचने जाते हैं तो दुकानदार या ज्वेलर्स आपसे अपनी शर्तों के मुताबिक सोना खरीदना चाहता है.

    इसके अलावा कई बार वह वेस्टेज या मेल्टिंग चार्ज के रूप में काफी पैसा काट लेता है. ऐसे में आपको आपके सोने की 60-65 प्रतिशत कीमत ही मिल पाती है. इन चीजों से अगर आप बचना चाहते हैं और सोने की सही कीमत पाना चाहते हैं तो सोना बेचने से पहले इन बातों का ध्यान जरूर रखें.

    (1) अजय केडिया बताते हैं कि जब भी आप सोना खरीदें तो उसका बिल जरूर संभाल कर रखें. इसमें आपके सोने की शुद्धता, कीमत इत्यादि के बारे में सारी जानकारियां होती हैं. ऐसे में ज्वेलर को आप कम से कम डिडक्शन में अपना सोना बेच सकते हैं. आपके पास बिल न होने की स्थिति में ज्वेलर मनमाने तरीके से सोना खरीद सकता है.

    (2) आपने जिस जगह से सोने की खरीदारी की है वहीं पर उसे बेचना ज्यादा सही होता है. ज्यादातर लोग सोना बेचने के लिए यही सलाह देते हैं. इससे आपको सोने की लगभग वही कीमत मिल सकती है जितने में आपने उसे खरीदा था.

    दुनिया में सबसे बड़ी खदान दक्षिण अफ्रीका में मौजूद है. साउथ डीप गोल्ड नाम की इस खदान में अनुमानित रूप से 3.28 करोड़ औंस सोना मौजूद है.
    दुनिया में सबसे बड़ी खदान दक्षिण अफ्रीका में मौजूद है. साउथ डीप गोल्ड नाम की इस खदान में अनुमानित रूप से 3.28 करोड़ औंस सोना मौजूद है.


    (3) सोना बेचने से पहले बाजार का भाव जरूर पता करें. क्योंकि अलग-अलग ज्वेलर के यहां सोने की अलग-अलग कीमत होती है. ऐसे में पहले से इस बात की जानकारी आपको सोने की ज्यादा से ज्यादा कीमत दिलाने में मदद कर सकती है.

    (4) आपके सोने की शुद्धता के बारे में आपको सही जानकारी होनी चाहिए. ज्यादातर ज्वेलर 91.6 फीसदी मात्रा वाले 22 कैरेट सोने को खरीदने को प्राथमिकता देते हैं. ऐसे सोने पर 915 हॉलमार्क का चिह्न लगा होता है. ऐसे में आप किसी नजदीकी केंद्र पर जाकर अपने गहने की शुद्धता की जांच कराएं और उससे प्रमाण पत्र लें. ऐसा न होने पर जूलर सोने की शुद्धता को कम बताकर पैसे में और कटौती कर सकता है.

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