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    आलू 50 रुपये और प्याज के दाम 100 के पार पहुंचे! नवरात्र के बाद और तेजी से बढ़ सकती हैं कीमतें

    हरी सब्जियां रिटेल बाजार में 60 से लेकर 200 रुपए प्रति किलो हो गई हैं.
    हरी सब्जियां रिटेल बाजार में 60 से लेकर 200 रुपए प्रति किलो हो गई हैं.

    Onion Price: त्योहारी सीजन में प्याज की कीमतें रिटेल में 100 रुपए के पार पहुंच चुकी हैं. आलू की कीमतें 50 रुपए प्रति किलो हो गई है. लहसुन 170 रुपए प्रति किलो हो गया है. हरी सब्जियां रिटेल बाजार में 60 से लेकर 200 रुपए प्रति किलो हो गई हैं.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 22, 2020, 2:10 PM IST
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    नई दिल्ली. आम आदमी की मुश्किलें रोजाना बढ़ती जा रही है. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में  प्याज के दाम 100 रुपए किलोग्राम के पार पहुंच गए हैं.  वहीं, दिल्ली में एक किलो प्याज की कीमत 70 से 80 रुपए हो गई है. कोलकाता में भी लगभग यही रेट है. चेन्नई में प्याज का खुदरा भाव 70 से लेकर 90 रुपए प्रति किलो पहुंच गया. मंगलवार को दूसरे मेट्रो शहरों के मुकाबले चेन्नई और मुंबई में प्याज सबसे महंगा बिका है. कारोबारियों का कहना है कि अगले 15 दिन तक सब्जियों की कीमतों में कमी आने के आसार नज़र नहीं आ रहे हैं. महाराष्ट्र (Maharashtra), मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात और राजस्थान प्याज के बड़े उत्पादक राज्य हैं. इनमें चार बड़े राज्यों आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और बिहार ने इस साल बाढ़ (Flood) झेली है. जबकि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और यूपी आदि के कई हिस्सों में भारी बारिश (Heavy Rain) ने तबाही मचाई है. इससे प्याज उगाने वाले किसानों का भारी नुकसान हुआ है. ऐसे में प्याज का उत्पादन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. यूपी के एक किसान ने बताया कि जो प्याज ओलावृष्टि की शिकार हुई है उसमें सड़न बहुत जल्दी आ रही है.

    दिवाली पर बिगड़ेगा आपकी रसोई का बजट!- त्योहारी सीजन में प्याज की कीमतें रिटेल में 100 रुपए के पार पहुंच चुकी हैं. आलू की कीमतें 50 रुपए प्रति किलो हो गई है. लहसुन 170 रुपए प्रति किलो हो गया है. हरी सब्जियां रिटेल बाजार में 60 से लेकर 200 रुपए प्रति किलो हो गई हैं. हरी मटर इस समय मुंबई के रिटेल बाजार में 200 रुपए किलो पर बिक रही है. ऐसे में आने वाला दिवाली का त्यौहार आपकी रसोई का बजट बिगाड़ सकता है.

    आजादपुर मंडी के कारोबारी बताते हैं कि इस सीजन में पहली बार नवरात्र के समय प्याज के भाव बढ़ गए हैं. दिल्ली में प्याज 50 से 60 रुपए प्रति किलो बिका, जो कि पिछले साल 46 रुपए था. कोलकाता में 60 से 70 रुपए प्रति किलो रहा, जो कि पिछले साल 55 रुपए पर था.



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    क्यों बढ़ रहे हैं दाम

    फसल खराब हुई- कृषि विशेषज्ञ बिनोद आनंद ने कहा कि प्याज की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह फसल का खराब होना है. महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश से इस समय खरीफ की प्याज बाजार में आती थी. लेकिन, इन राज्यों में भारी बारिश के चलते 40-45 फीसदी फसल खराब हो गई है. आमतौर पर नवरात्रि में प्याज की खपत कम हो जाती है इसलिए रेट घट जाता है, लेकिन इस बार बढ़ रहा है. हालात ऐसे ही बने रहे तो इस साल भी प्याज सस्ता नहीं होगा.

    जमाखोरी-बिनोद आनंद बताते हैं कि मौसम की मार को देखते हुए व्यापारियों ने इसकी जमाखोरी (Hoarding) करनी शुरू कर दी है. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट में संशोधन के बाद अब जमाखोरी लाइसेंसी हो गई है. पिछले साल 29 सितंबर को थोक विक्रेताओं को 50 मिट्रिक टन और खुदरा के लिए 10 मिट्रिक टन भंडारण का स्टॉक तय किया था. तब इससे ज्यादा जमाखोरी करते वक्त व्यापारी थोड़ा डरते थे.

    अब क्या करेगी सरकार-उपभोक्ता मंत्रालय का कहना है कि प्याज की कीमतों में पिछले दस दिनों में उछाल आया है. प्याज की कीमत 51.95 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई. यह इस अवधि में पिछले साल की कीमत के मुकाबले 12 फीसदी अधिक है. सरकार का कहना है कि प्याज की बढती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. इसमें निर्यात पर रोक भी शामिल है.

    सरकार का कहना है कि प्याज की कीमतों में अचानक हुई वृद्धि के कई कारण हैं. इनमें महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश के कई जिलो में हुई भारी बारिश भी एक बड़ी वजह है. क्योंकि, बारिश की वजह की वजह से खरीफ की फसल खराब हुई. इसके साथ प्याज के भंडारण को भी नुकसान पहुंचा है. मंत्रालय के मुताबिक वह बाजार में उपलब्धता बढाने पर जोर दे रही है.
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