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होम लोन और कंस्‍ट्रक्‍शन लोन में क्‍या है अंतर, क्‍या अलग-अलग रहती है ब्‍याज दर और कितनी मिलती है दोनों पर टैक्‍स छूट?

होम लोन और कंस्‍ट्रक्‍शन लोन में क्‍या है अंतर, क्‍या अलग-अलग रहती है ब्‍याज दर और कितनी मिलती है दोनों पर टैक्‍स छूट?

सिबिल अच्‍छा हो तो कम ब्‍याज पर लोन मिल जाता है.

सिबिल अच्‍छा हो तो कम ब्‍याज पर लोन मिल जाता है.

अगर आप नया मकान खरीदना चाहते हैं या फिर खुद की जमीन पर मकान बनवाने के लिए लोन लेना चाहते हैं तो बैंक में आवेदन से पहले जान लीजिए कि दोनों तरह के लोन में क्‍या अंतर होता है. बैंक से होम लोन लेना और मकान बनवाने के लिए लोन लेने में काफी अंतर है. इसकी ब्‍याज दरें भी अलग हो सकती हैं.

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हाइलाइट्स

होम लोन बने बनाए मकान को खरीदने के लिए लिया जाता है.
कंस्‍ट्रक्‍शन लोन लेकर आप खाली जमीन पर मकान बनाते हैं.
संपत्ति की बाजार कीमत का 90 फीसदी तक होम लोन मिल जाता है.

नई दिल्‍ली. होम लोन (Home Loan) के बारे में तो अमूमन सभी को पता है, लेकिन क्‍या आपको कंस्‍ट्रक्‍शन लोन के बारे में जानकारी है. यह होम लोन से किस तरह अलग होता है और क्‍या बैंक इसे भी होम लोन की तरह आसानी से पास कर देते हैं.

ऐसे ही तमाम सवाल हैं जो अक्‍सर मकान बनवाने के लिए लोन लेने वालों के मन में आते हैं. अगर बैंकिंग नियमों को देखें तो होम लोन और कंस्‍ट्रक्‍शन लोन में खास अंतर नजर नहीं आता, लेकिन दोनों के बीच एक जो सबसे बड़ा अंतर है वह ये है कि होम लोन बने बनाए मकान के एवज में लिया जाता है, जबकि कंस्‍ट्रक्‍शन लोन लेकर आप खाली जमीन पर मकान बनाते हैं. यही कारण है कि बैंक भी दोनों तरह के लोन के लिए अलग-अलग नियम व शर्तें लगाते हैं.

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पहले बात करते हैं होम लोन की
अगर किसी को होम लोन लेना है तो वह एक बने बनाए मकान को चुनता है और उसे खरीदने के एवज में बैंक से लोन का आवेदन करता है. इस मामले में बैंक उस संपत्ति को एक तरह के कोलैटरल मानकर आपका लोन स्‍वीकार करता है. हालांकि, इसके लिए आपका सिबिल स्‍कोर और आमदनी प्रूफ भी बेहतर होना चाहिए. अमूमन संपत्ति की बाजार कीमत का 90 फीसदी तक होम लोन मिल जाता है, लेकिन बैंक इसका निर्धारण आपकी ईएमआई चुकाने की क्षमता के आधार पर भी करते हैं.

कंस्‍ट्रक्‍शन लोन थोड़ा अलग मामला
अगर आपके पास खुद की जमीन है और उस पर मकान बनवाना चाहते हैं तो बैंक में कंस्‍ट्रक्‍शन लोन के लिए आवेदन करते हैं. आवेदन से पहले आपको बैंक को यह बताना होगा कि कितना बड़ा मकान बनवाना है और उसकी लागत कितनी आएगी. इसका एक कोटेशन बनाकर बैंक के पास जमा करना होगा. अगर आपकी आमदनी और सिबिल स्‍कोर बेहतर है तो बैंक आपको मकान बनाने में आने वाली लागत की 100 फीसदी राशि लोन के रूप में दे सकते हैं.

कई बैंक जिस जमीन पर आप मकान बनाना चाहते हैं, उसके कुल बाजार मूल्‍य का 90 फीसदी तक लोन स्‍वीकृत करते हैं. इसके लिए आपको जमीन के पुख्‍ता कागजात भी बैंक के पास दस्‍तावेज के रूप में जमा कराने होंगे. हालांकि, होम लोन और कंस्‍ट्रक्‍शन लोन दोनों ही आपको लंबी अवधि के लिए मिलते हैं. लिहाजा आपके पास इसे चुकाने के लिए 30 साल का लंबा समय हो सकता है. कंस्‍ट्रक्‍शन लोन थोड़ा जोखिम वाला होता है, लिहाजा इसकी ब्‍याज दरें होम लोन के मुकाबले थोड़ी ज्‍यादा रहती हैं.

टैक्‍स छूट के क्‍या नियम
होम लोन हो या कंस्‍ट्रक्‍श लोन, आपको टैक्‍स छूट दोनों पर ही समान रूप से मिल जाएगी. इसके तहत आयकर की धारा 80सी के जरिये आपको सालाना 1.5 लाख रुपये की टैक्‍स छूट लोन के ब्‍याज पर मिलेगी. वहीं, आयकर की धारा 24 के तहत लोन के मूलधन के भुगतान पर आपको सालाना 2 लाख रुपये तक की टैक्‍स छूट मिल जाएगी.

Tags: Bank interest rate, Bank Loan, Business news in hindi, Home loan EMI, Income tax exemption

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