क्या है फ्लैटेड फैक्ट्री कॅन्सेप्ट जिसके आधार पर UP में खुलेगा मेडिकल डिवाइस पार्क

नोएडा में बनने वाल मेडिकल डिवाइस पार्क फ्लैटेड फैक्ट्री कॉन्सेप्ट के आधार पर तैयार किया जा रहा है.

नोएडा में बनने वाल मेडिकल डिवाइस पार्क फ्लैटेड फैक्ट्री कॉन्सेप्ट के आधार पर तैयार किया जा रहा है.

यमुना एक्सप्रेसवे इं​डस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) उत्तर प्रदेश के नोएडा में मेडिकल डिवाइस पार्क खोलने की तैयारी में है. 6 महीने पहले ही यूपी सरकार ने इसके लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया था. इस पार्क फ्लेटेड फैक्ट्री के विदेशी कॉन्सेप्ट पर तैयार किया जाएगा.

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नोएडा. उत्तर प्रदेश में पहला मेडिकल डिवाइस पार्क खुलने जा रहा है. यमुना एक्सप्रेस-वे (Yamuna Expressway) के किनारे यमुना एक्सप्रेस इंडस्ट्रियल डवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) इसकी तैयारी कर रही है. अथॉरिटी की एक टीम विशाखापट्टनम में पहले से ही बने मेडिकल डिवाइस पार्क (Medical Divice Park) को देखने के लिए गई हुई है. खास बात यह है कि मेडिकल डिवाइस पार्क फ्लैटेड फैक्ट्री कॅन्सेप्ट में शुरु किया जाएगा. यह एक विदेशी कॅन्सेप्ट है. इस कॅन्सेप्ट से ज़मीन और फैक्ट्री के लिए मोटी रकम का इंवेस्टमेंट नहीं करना होता है. प्रोजेक्ट के हिसाब से फ्लैटेड फैक्ट्री (Flated factory) में स्ट्राक्चर तैयार मिल जाता है. अच्छी बात यह भी है कि इस तरह की फैक्ट्री किराए पर भी मिल जाती हैं.

गौरतलब रहे 6 महीने पहले यूपी सरकार ने यीडा को मेडिकल डिवाइस पार्क और बल्क ड्रग्स पार्क के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया था. पार्क के लिए सेक्टर-28 में करीब 250 ज़मीन के लिए तैयारियां भी की जा रही हैं. अथॉरिटी के अधिकारियों की एक टीम विशाखापट्टनम गई हुई है. टीम वहां पहले से फ्लैटेड फैक्ट्री कॅन्सेप्ट में चल रहे मेडिकल डिवाइस पार्क को देखेगी.

फ्लैटेड फैक्ट्री में होते हैं इस तरह के काम



जानकारों की मानें तो फ्लैटेड फैक्ट्री का कॅन्सेप्ट विदेशी है. इसके तहत फ्लैटनुमा बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाता है. इमारत के हर फ्लोर पर काम के हिसाब से स्ट्राक्चर तैयार किया जाता है. जैसे जूता सिलाई, रेडीमेड गारमेंट, इलेक्ट्रॉनिक-इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट, हैंडीक्राफ्ट, फैशन डिजाइन, आईटी सेक्टर से जुड़े केपीओ, बीपीओ, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डिजाइनिंग, असेंबलिंग की छोटी फैक्ट्रियां आदि. खास बात यह है कि फ्लैटेड फैक्ट्रियों में काम से जुड़े जरूरी संसाधन पहले से ही स्थापित होते हैं.
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संसाधनों के साथ किराए पर मिल जाती है फैक्ट्री

जानकारों की मानें तो फ्लैटेड फैक्ट्री कॉन्सेप्ट से ऐसे कारोबारी भी कारोबार शुरु कर सकते हैं जिनके पास कम पूंजी है. ज़मीन खरीदने और फैक्ट्री बनवाने से लेकर उसका स्ट्राक्चर तक तैयार कराने लायक लागत नहीं है. ऐसे में फ्लैटेड फैक्ट्री कॅन्सेप्ट बहुत ही काम आता है. इसके तहत अपने काम के हिसाब से फैक्ट्री में पहले से तैयार फ्लोर किराए पर लेकर काम शुरु किया जा सकता है.
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