निवेशकों ने म्यूचुअल फंड्स से 2 महीने में निकाले 57 हजार करोड़ रुपए, अब क्या करें नए इन्वेस्टर्स

निवेशकों ने म्यूचुअल फंड्स से 2 महीने में निकाले 57 हजार करोड़ रुपए, अब क्या करें नए इन्वेस्टर्स
निवेशकों ने म्यूचुअल फंड्स से 2 महीने में निकाले 57 हजार करोड़ रुपए, अब क्या करें इन्वेस्टर्स

निवेशकों ने म्यूचुअल फंड्स से 2 महीने में निकाले 57 हजार करोड़ रुपए, अब क्या करें इन्वेस्टर्स

  • Share this:
अप्रैल महीने में 1.5 लाख करोड़ रुपए निवेश करने के बाद अब निवेशकों ने म्यूचुअल फंड्स में बिकवाली शुरू कर दी है. पिछले दो महीने में निवेशकों ने 57,600 करोड़ रुपए की बिकवाली की है. अब सवाल उठता है कि छोटे निवेशकों को ऐसे में क्या करना चाहिए. इस पर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इस बिकवाली से निवेशकों को घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि घरेलू इकोनॉमी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और आगे चलकर GST का फायदा भी कंपनियों को मिलने लगेगा. लिहाजा घरेलू शेयर बाजार में जोरदार तेजी की उम्मीद बनी हुई है.

2 महीने में निवेशकों ने निकाले 57 हजार करोड़
विभिन्न म्यूचुअल फंड योजनाओं से जून में निवेशकों ने करीब 16,600 करोड़ की निकासी की है. यह लगातार दूसरा महीना है, जब बड़ी मात्रा में निकासी हुई है. इससे पहले मई में म्यूचुअल फंड से 41,000 करोड़ की निकासी हुई थी. जबकि, अप्रैल में 1.51 लाख करोड़ का निवेश किया गया था.

अब क्या करें निवेशक
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाल की बिकवाली से इन्वेस्टर्स को घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि यह मामूली मुनाफावसूली है. फिलहाल छोटी अवधि के लिए घरेलू बाजार में खास जोखिम नजर नहीं आ रहा है. लिहाजा इन्वेस्टर्स को एसआईपी के जरिए म्यूचुअल में निवेश जारी रखना चाहिए.



डीएसपी ब्लैक रॉक के प्रेसिडेंट एस नागनाथ कहते है कि देश की इकोनॉमिक ग्रोथ आगे चलकर और बढ़ेगी. फिलहाल घरेलू स्तर पर कोई जोखिम नजर नहीं आ रहा है और घरेलू बाजारों में 15 फीसदी तक ग्रोथ की उम्मीद है. ऐसे में निवेशकों को लार्ज कैप पर ज्यादा फोकस करना चाहिए. लंबी अवधि के लिए लार्जकैप फंड से अच्छे रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है.

क्यों है निवेश का सही समय
बजाज कैपिटल के सीईओ राहुल पारिख के अनुसार फिक्‍स रिटर्न में ब्‍याज दरें लगातार घट रही है. साथ ही, रियल्टी और गोल्ड में भी निवेशकों को अच्छे रिटर्न नहीं मिले है. लिहाजार ऐसे में निवेशकों के पा एक ही विकल्प बचता है वो है म्यूचुअल फंड. राहुल पारिख बताते है कि पिछले एक साल में फिक्‍स रिटर्न में करीब 0.75 फीसदी से लेकर 1.25 फीसदी तक की कमी आ चुकी है.

डबल हुआ निवेश !
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट पिछले दो वर्षों में लगभग दोगुना हो गया है। 2015 में यह 10.84 लाख करोड़ रुपये था, जो मई 2017 में 19.03 लाख करोड़ रुपये हो गया।

छोटे शहरों में भी तेजी से बढ़ा है एमएफ का क्रेज
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की ग्रोथ में छोटे शहर बड़ी हिस्सेदारी निभा रहे हैं, पिछले साल के मुकाबले छोटे शहरों में एसआईपी की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है. आंकड़े बता रहे हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेश बढ़ता जा रहा है. छोटे राज्यों से म्यूचुअल फंड में हिस्सेदारी बढ़ी है. पिछले साल के मुकाबले नई एसआईपी दोगुनी हुई है वही निवेश 2.64 गुना बढ़ा है. आपको बता दें कि पिछले 5 सालों में म्यूचुअल फंड से सालाना 18 फीसदी रिटर्न दिया है.

एमएफआई के आंकड़ों के मुताबित मध्यप्रदेश में एमएफ का एयूएम 58.6 फीसदी की बढ़त दर्ज करते हुए 16,735 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है. वहीं झारखंड में एमएफ का एयूएम 69.7 फीसदी की बढ़त दर्ज करते हुए 10,749 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है. बिहार में एमएफ का एयूएम 51.4 फीसदी की बढ़त दर्ज करते हुए 9757 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है. वहीं, छत्तीसगढ़ में एमएफ का एयूएम 57.1 फीसदी की बढ़त दर्ज करते हुए 7,094 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज