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रुपये में गिरावट से मुश्किल हो रहा Unicorn का रास्‍ता, कैसे और कितना असर डाल रहा डॉलर की मजबूती, किसे होगा नुकसान?

मई तक देश में कुल यूनिकॉर्न की संख्‍या 100 पहुंच चुकी है.

मई तक देश में कुल यूनिकॉर्न की संख्‍या 100 पहुंच चुकी है.

देश में तेजी से बढ़ती यूनिकॉर्न की राह रुपये में आ रही गिरावट से मुश्किल हो सकती है. डॉलर के मुकाबले रुपया 79 के स्‍तर को भी पार कर गया है. ऐसे में किसी स्‍टॉर्टअप को अब यूनिकॉर्न बनने के लिए ज्‍यादा फंडिंग जुटानी पड़ेगी और उसका रास्‍ता लंबा हो जाएगा.

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नई दिल्‍ली. डॉलर के मुकाबले रुपये में आ रही गिरावट का असर अब स्‍टार्टअप्‍स के प्रदर्शन पर भी दिखने लगा है. भारतीय मुद्रा में कमजोरी आने से यूनिकॉर्न (Unicorn) बन चुके स्‍टार्टअप के वैल्‍युएशन पर भी जोखिम मंडराने लगा है.

सीएनबीसी टीवी18 के अनुसार, 5 जुलाई को भारतीय मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 79.37 के स्‍तर पर चली गई थी. इससे भारतीय स्‍टार्टअप को यूनिकॉर्न का दर्जा पाने में मुश्किल आ सकती है. मई में देश में कुल यूनिकॉर्न की संख्‍या 100 पहुंच चुकी है. स्‍टार्टअप को यूनिकॉर्न बनने के लिए 1 अरब डॉलर का वैल्‍युएशन हासिल करना जरूरी होता है, लेकिन अब रुपये की गिरावट ने आगे का रास्‍ता मुश्किल बना दिया है.

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आईवीकैप वेंचर के एडवाइजर, संस्‍थापक व मैनेजिंग पार्टनर विक्रम गुप्‍ता का कहना है कि इससे सभी स्‍टार्टअप की वैल्‍यूएशन पर असर पड़ेगा और भारतीय स्‍टार्टअप के लिए यूनिकॉर्न तक पहुंचने का रास्‍ता लंबा हो जाएगा.

ऐसे समझें स्‍टार्टअप से यूनिकॉर्न बनने का गणित
गुप्‍ता ने बताया कि भारत में कारोबार करने वाले स्‍टार्टप को रुपये में राजस्‍व मिलता है और इसका 10 गुना वैल्‍यूएशन करके ही एक अरब डॉलर का आंकड़ा पार किया जाता है. अभी तक 75 रुपये के भाव पर र्स्‍टाटअप को 750 करोड़ रुपये का राजस्‍व जुटाना होता था, जो 10 गुना वैल्‍युएशन के साथ 7,500 करोड़ रुपये या एक अरब डॉलर तक पहुंच जाता है.

मौजूदा सिनेरियो में डॉलर-रुपये का विनिमय करीब 80 रुपये के आसपास है. यानी अब स्‍टार्टअप को एक अरब डॉलर का वैल्‍यूएशन हासिल करने के लिए 800 करोड़ रुपये के राजस्‍व की जरूरत होगी. अब संभावना जताई जा रही है कि यूनिकॉर्न के लिए रास्‍ते आसान बनाने को 10 गुना की शर्त हटाकर 6 या 7 गुना की जा सकती है. हालांकि, यह शॉर्टकट भविष्‍य में स्‍टार्टअप के कारोबार पर असर डाल सकता है.

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10 साल में बनेंगे 500 यूनिकॉर्न
गुप्‍ता ने बताया कि भारत के पास अगले 10 साल में 500 नए यूनिकॉर्न पैदा करने की क्षमता है. ब्‍ल्‍यूम वेंचर्स के पार्टनर आशीष फफाडिया का कहना है कि स्‍टार्टअप को कई वेंचर की ओर से फंडिंग मिलती है. ऐसे में रुपये में आ रही गिरावट सिर्फ नुकसान ही नहीं कराएगी, बल्कि इससे फायदा भी होगा. जिन स्‍टार्टअप को विदेशों से फंडिंग मिल रही उन्‍हें रुपये में आ रही गिरावट का फायदा मिल सकता है और ऐसे स्‍टॉटअप जल्‍दी यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल कर सकते हैं.

बंगलूरू ने दिए हैं सबसे ज्‍यादा यूनिकॉर्न
देश में सबसे ज्‍यादा यूनिकॉर्न स्‍टार्टअप बंगलूरू ने दिए हैं. यहां से अभी तक 64 स्‍टार्टअप को यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल हुआ है, जो देश के कुल यूनिकॉर्न का 43 फीसदी है. दूसरे पायदान पर काबिज दिल्ली ने कुल 34 यूनिकॉर्न दिए हैं, जो 23 फीसदी हिस्‍सेदारी है. मुंबई से भी 28 स्‍टार्टअप यूनिकॉर्न बने हैं, जो कुल संख्‍या का 19 फीसदी है. इसके अलावा अन्‍य शहरों से 22 स्‍टॉटअप ने यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल किया जो 15 फीसदी हिस्‍सेदारी है.

Tags: Business news, Business news in hindi, Indian startups, Startup Idea

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