DRMC ने माना यात्रियों का सुझाव तो मेट्रो कार्ड गुम होने पर नहीं होगा 1 रुपया का भी नुकसान

एक बार में ही हजार-दो हजार रुपये का रीचार्ज करवाने के बाद अगर कार्ड खो जाए या गुम हो जाए तो इससे यात्रियों को भारी नुकसान होता है.

News18Hindi
Updated: July 8, 2019, 12:01 PM IST
DRMC ने माना यात्रियों का सुझाव तो मेट्रो कार्ड गुम होने पर नहीं होगा 1 रुपया का भी नुकसान
डेबिट कार्ड की तरह बनें मेट्रो कार्ड! खोने पर नहीं लगे चूना
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Updated: July 8, 2019, 12:01 PM IST
दिल्ली मेट्रो कार्ड के खो जानें को लेकर लगभग सभी यात्री परेशान रहते हैं. रोज सफर करने वाले लोग अकसर बार-बार मेट्रो कार्ड रीचार्ज कराने से कतराते हैं इसलिए वह एक ही बार में बड़ा रिचार्ज करा लेते हैं. एक बार में ही हजार-दो हजार रुपये का रीचार्ज करवाने के बाद अगर कार्ड खो जाए या गुम हो जाए तो इससे यात्रियों को भारी नुकसान होता है. इसी बारे में सवाल करते हुए मेट्रो के डेली एक पैसेंजर ने डीएमआरसी के मैनेजमेंट को चिट्ठी लिखकर ये सवाल पूछा है.

मेट्रो को डेबिट/क्रेडिट कार्ड जैसा मॉडल बनवाना चाहिए
नवभारत टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक इस व्यक्ति ने डीएमआरसी से मांग की है और साथ ही सुझाव दिया है कि डीएमआरसी अपने स्मार्ट कार्ड के मौजूदा सिस्टम में बदलाव करें. लोगों का सुझाव है कि मेट्रो कार्ड को बैंक के डेबिट या क्रेडिट कार्ड की तरह बनाया जाए. इसमें मैग्नेटिक चिप लगाई जाएं, जिस तरह डेबिट/क्रेडिट कार्ड खो जाने पर लोग फोन करके अपना कार्ड ब्लॉक करवा देते हैं और उन्हें कोई आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ता है. उसी तरह मेट्रो के यात्रियों को भी नुकसान नहीं उठाना पड़े और कार्ड खो जाने पर वे भी अपना कार्ड ब्लॉक करवा सकें और बाद में नया कार्ड जारी करवाने पर पुराने कार्ड में बकाया राशि नए कार्ड में जमा हो सके.



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इन चीजों पर भी किया जा सकता है काम
मेट्रो में 30 लाख से ज्यादा यात्री स्मार्ट कार्ड के जरिए सफर करते हैं. डीएमआरसी लगातार अपने सिस्टम में बदलाव करके आधुनिकीकरण को बढ़ावा दे रही है. इसके तहत एएफसी गेटों के सिस्टम में भी कई तरह के बदलाव किए हैं. साथ ही कॉमन मोबिलिटी कार्ड के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, मगर मेट्रो कार्ड गुम हो जाने पर यात्रियों को काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है, जबकि डीएमआरसी को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ता, क्योंकि मेट्रो का स्मार्ट कार्ड प्रीपेड होता है, यानी यात्री पहले ही भुगतान कर चुका होता है.
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10 फीसदी लोग करते हैं स्मार्ट कार्ड का यूज
हितेश का दावा है कि मेट्रो में सफर करते वक्त रोज करीब 10 प्रतिशत यात्रियों के स्मार्ट कार्ड किसी न किसी वजह से या तो गुम हो जाते हैं या उनके पर्स व अन्य सामान के साथ चोरी हो जाते हैं लेकिन कार्ड में जमा रकम वापस मिल सके, ऐसा कोई सिस्टम डीएमआरसी ने नहीं बनाया है, जिसकी वजह से लोग इस नुकसान से बच सखें ऐसा कोई सिस्टम नहीं है.

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DMRC ने दिया ये जवाब
डीएमआरसी ने हितेश को भेजे जवाब में कहा है कि मेट्रो के स्मार्ट कार्ड में यात्री की पहचान का कोई सिस्टम नहीं है और वह पर्सनाइज्ड कार्ड न होकर ट्रांसफरेबल कार्ड होता है और उसकी पूरी जिम्मेदारी यात्री की ही होती है. कार्ड जारी करते वक्त यात्री की पहचान का भी कोई प्रूफ नहीं लिया जाता है. ऐसे में कार्ड खो जाने की स्थिति में वेरिफिकेशन करना मुश्किल है.
First published: July 8, 2019, 11:51 AM IST
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