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EPFO : अगर नियोक्‍ता आपके पीएफ खाते में नहीं डाल रहा पैसा तो क्‍या करें? कहां और किससे कर सकते हैं शिकायत?

EPFO : अगर नियोक्‍ता आपके पीएफ खाते में नहीं डाल रहा पैसा तो क्‍या करें? कहां और किससे कर सकते हैं शिकायत?

कर्मचारी के बेसिक वेतन का 12 फीसदी पीएफ में जमा करना जरूरी होता है.

कर्मचारी के बेसिक वेतन का 12 फीसदी पीएफ में जमा करना जरूरी होता है.

हर कर्मचारी जितना उत्‍साहित अपने वेतन को लेकर रहता है, उतना ही अपने पीएफ अंशदान को देखकर भी खुश होता है. वेतन से आज का खर्चा पूरा होता है तो पीएफ उसके भविष्‍य को सुरक्षित करने में काम आता है. ऐसे में क्‍या हो अगर आपका नियोक्‍ता पीएफ खाते में अंशदान नहीं करता है. इसकी शिकायत आप कहां कर सकते हैं.

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हाइलाइट्स

नियोक्‍ता के अंशदान में से 8.33 फीसदी राशि पेंशन फंड में चली जाती है.
ईपीएफओ की ओर से कर्मचारी के मोबाइल नंबर पर एसएमएस भी आता है.
ईपीएफओ की धारा 14-बी के तहत संगठन को क्षतिपूर्ति वसूलने का भी अधिकार है.

नई दिल्‍ली. कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) का यह नियम है कि नियोक्‍ता अपने कर्मचारी के बेसिक वेतन का 12 फीसदी राशि काटकर उसके पीएफ खाते (PF Account) में डालेगा. साथ ही अपनी तरफ से भी इतनी ही राशि कर्मचारी के पीएफ खाते में जमा करेगा.

नियोक्‍ता की ओर से किए गए अंशदान में से 8.33 फीसदी राशि तो कर्मचारी के पेंशन फंड में चली जाती है, जबकि शेष राशि उसके पीएफ खाते में जाती है. नियोक्‍ता के लिए हर महीने यह अंशदान करना बेहद जरूरी है. कर्मचारी चाहें तो अपने ईपीएफओ खाते के जरिये यह चेक कर सकता कि उसका नियोक्‍ता पैसे डाल रहा या नहीं. साथ ही ईपीएफओ की ओर से कर्मचारी के रजिस्‍टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस भी आता है.

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ऐसे में सवाल उठता है कि अगर आपका नियोक्‍ता पीएफ खाते में हर महीने पैसे नहीं डाल रहा है तो क्‍या करना चाहिए. क्‍या नियोक्‍ता के खिलाफ कहीं शिकायत की जा सकती है.

क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट

निवेश और कानून मामलों के जानकार सचिन श्रीवास्‍तव का कहना है कि ऐसे नियोक्‍ता के खिलाफ कर्मचारी ईपीएफओ में शिकायत कर सकता है. आपकी शिकायत के बाद ईपीएफओ मामले की जांच करेगा और नियोक्‍ता को तय राशि आपके पीएफ खाते में डालने का निर्देश देगा. अगर नियोक्‍ता आपके वेतन से कटौती कर रहा है, लेकिन पैसा पीएफ खाते में जमा नहीं कर रहा तो यह आपराधिक मामला है और इसमें कड़ी कार्रवाई भी हो सकती है.

ईपीएफओ ऐसे मामले में पुलिस शिकायत भी कर सकता है. नियोक्‍ता के डिफॉल्‍ट करने पर कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन उससे कर्मचारी की पूरी पीएफ राशि वसूलने का दबाव बनाएगा. इतना ही नहीं पुलिस शिकायत होने पर नियोक्‍ता के खिलाफ आपराधिक धाराओं में मामला भी दर्ज किया जा सकता है. ईपीएफओ की धारा 14-बी के तहत संगठन को क्षतिपूर्ति वसूलने का भी अधिकार है.

वेतन देने के 15 दिन के भीतर पीएफ में अंशदान जरूरी

ईपीएफओ नियमों के मुताबिक, सभी नियोक्‍ता के लिए वेतन दिए जाने वाले महीने के अगले महीने की 15 तारीख तक पीएफ खाते में अंशदान किया जाना जरूरी है. अगर कोई नियोक्‍ता जुलाई महीने का वेतन 1 अगस्‍त को भुगतान कर रहा है तो उसे 15 अगस्‍त तक उस महीने की पीएफ राशि कर्मचारी के खाते में जमा करानी होगी.

नियोक्‍ता पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने बजट 2021 में सख्‍त प्रावधान किए हैं. नए नियमों के मुताबिक, अगर नियोक्‍ता समय पर पीएफ खाते में अंशदान करने में असमर्थ रहते हैं तो उन्‍हें डिडक्‍शन क्‍लेम करने का अधिकार नहीं होगा. इसका मतलब है कि नियोक्‍ता को इस राशि पर टैक्‍स छूट नहीं दी जाएगी.

Tags: Business news in hindi, Employees salary, Employees’ Provident Fund (EPF), EPFO account

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