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हैरानी! जिस पर महंगाई की ज्‍यादा मार देश में वही खरीद रहा सबसे अधिक सोना, कहीं आपकी बात तो नहीं हो रही

हैरानी! जिस पर महंगाई की ज्‍यादा मार देश में वही खरीद रहा सबसे अधिक सोना, कहीं आपकी बात तो नहीं हो रही

2021-22 में देश में सोने का आयात भी काफी बढ़ गया है.

2021-22 में देश में सोने का आयात भी काफी बढ़ गया है.

देश में सोने की खपत और खरीद को लेकर IGPC ने एक सर्वे रिपोर्ट जारी की है. इसमें कहा गया है कि देश का हाई इनकम वाला एलीट क्‍लास फिजिकल सोने की खरीद के बजाए डिजिटल या पेपर फॉर्म में गोल्‍ड खरीदना ज्‍यादा पसंद करता है. ज्‍यादातर भारतीय शादी जैसे खास मौकों पर ही सोने की खरीद करते हैं.

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नई दिल्‍ली. महामारी से अभी पूरी तरह छुटकारा भी नहीं मिला है कि महंगाई ने भी ‘महामारी’ का रूप धर लिया. देश में हर तरफ बढ़ती कीमतों से जहां लोग परेशान हैं, वहीं एक रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया.

कहा जाता है कि महंगाई की सबसे ज्‍यादा मार मध्‍य वर्ग पर पड़ती है, लेकिन इंडिया गोल्‍ड पॉलिसी सेंटर (IGPC) की एक रिपोर्ट की मानें तो देश में सोने की सबसे ज्‍यादा खरीद भी मध्‍य वर्ग ही कर रहा है. यानी तरफ तो यह वर्ग महंगाई की मार से सबसे ज्‍यादा परेशान दिख रहा तो दूसरी ओर सोने की बंपर खरीद भी कर रहा है. IGPC ने कहा है कि फिजिकल सोने की सबसे ज्‍यादा खरीद देश का मध्‍य वर्ग ही कर रहा है.

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अमीरों को पसंद है डिजिटल गोल्‍ड
IGPC ने Gold and Gold Markets 2022 रिपोर्ट में बताया है कि देश का अमीर वर्ग या हाई इनकम वाले लोग डिजिटल अथवा पेपर फॉर्मेट में सोना खरीदना ज्‍यादा पसंद करते हैं. अगर प्रति व्‍यक्ति ज्‍यादा सोना खरीदने की बात करें तो इसमें उच्‍च वर्ग या ज्‍यादा इनकम वालों की संख्‍या अधिक है. वहीं, कुल खरीद का आंकड़ा देखा जाए तो मध्‍य वर्ग इसमें सबसे आगे रहता है.

10 लाख तक कमाई वाले खरीद रहे 56 फीसदी सोना
रिपोर्ट बताती है कि ऐसा वर्ग जिनकी आय 2-10 लाख रुपये सालाना रहती है, वे सोने की खरीद भी सबसे ज्‍यादा करते हैं. ऐसे वर्ग वाले लोग कुल सोने का 56 फीसदी हिस्‍सा खरीदते हैं. इसकी वजह ये है कि इसे अन्‍य निवेश विकल्‍पों की तुलना में सबसे ज्‍यादा सुरक्षित माना जाता है.

सालाना 10 लाख रुपये से ज्‍यादा की आय वाले उच्‍च मध्‍य और अमीर वर्ग के लोग अपनी अतिरिक्‍त पूंजी को कैपिटल गेन के लिए निवेश करते हैं. उन्‍हें सोना, एफडी के बजाए शेयर बाजार, डेरिवेटिव और रियल एस्‍टेट में निवेश करना ज्‍यादा पसंद है. यह रिपोर्ट देशभर के करीब 40 हजार लोगों के बीच कराए एक सर्वे के आधार पर तैयार की गई है.

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जीएसटी या नोटबंदी का भी असर नहीं
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश में सोने की खरीद पर नोटबंदी या जीएसटी लागू करने जैसे बड़े फैसलों का भी कोई असर नहीं पड़ा. पिछले पांच वर्षों में देश के उच्‍च आय वर्ग वालों में से 74 फीसदी लोगों ने सोने की खरीद की है. इस दौरान जहां अन्‍य दूसरी वस्‍तुओं की खरीद पर व्‍यापक असर दिखा वहीं सोने की मांग और बढ़ती चली गई.

शादियों में सोने की खरीद सबसे ज्‍यादा
भारतीय ग्राहक शादियों में सोने की खरीद सबसे ज्‍यादा करते हैं. रिपोर्ट कहती है कि किसी उत्‍सव या शादी के मौके पर कुल सोने का 65-70 फीसदी हिस्‍सा खरीदा जाता है, जबकि अन्‍य मौकों पर महज 30-35 फीसदी खरीदारी होती है. 41 फीसदी लोग सिर्फ शादियों के मौके पर ही सोना खरीदते हैं, जबकि 31 फीसदी बिना किसी विशेष अवसर के ही सोने की खरीद करते हैं.

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महामारी ने बढ़ाया सोने का मोह
IGPC के चेयरपर्सन अरविंद सहाय का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद लोगों में सोने का मोह और बढ़ गया है. अभी तक अन्‍य विकल्‍पों में निवेश करने वाले लोग अब सोने को ज्‍यादा तरजीह देते हैं. उनका मानना है कि मुश्किल समय में जितना काम सोना आता है, उतना अन्‍य कोई निवेश नहीं आ पाता. शेयर बाजार पर ग्‍लोबल टेंशन सहित अन्‍य कारकों का व्‍यापक असर होने की वजह से निवेशक सोने को सेफ हैवन मानते हैं.

Tags: Gold, Gold investment, Inflation

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