जानिए आप कैसे उठा सकते हैं LTC कैश वाउचर स्कीम का फायदा

 यदि आप उपयुक्त शर्ताें काे पूरा करते हैं, तभी आप याेजना के तहत लाभाें का दावा कर पाएंगे.

यदि आप उपयुक्त शर्ताें काे पूरा करते हैं, तभी आप याेजना के तहत लाभाें का दावा कर पाएंगे.

केंद्र सरकार ने 12 अक्टूबर 2020 काे एलटीसी कैश वाउचर स्कीम का एलान किया था जिसके मुताबिक़ केंद्र सरकार के काेई भी कर्मचारी 31 मार्च 2021 तक 12 फ़ीसदी और उससे ज़्यादा जीएसटी वाले सर्विस या गुड्स काे ख़रीद कर इस स्कीम का फ़ायदा उठा सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 21, 2021, 5:21 PM IST
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नई दिल्ली. सरकार ने एलटीसी (LTC) या एलटीए कैश वाउचर स्कीम शुरू की है, जिसमें कर्मचारियाें (Employees) काे एलटीसी/एलटीए के बदले कुछ ख़ास तरह की ख़रीदारी पर छूट क्लेम करने की सहूलियत दी गई है. ऐसा इसलिए किया गया है क्याेंकि काेराेना (Corona) की महामारी के चलते कर्मचारी यात्रा करने में असमर्थ है.



केंद्र सरकार (Central Govt) ने 12 अक्टूबर 2020 काे एलटीसी कैश वाउचर स्कीम का एलान किया था जिसके मुताबिक़ केंद्र सरकार के काेई भी कर्मचारी 31 मार्च 2021 तक 12 फ़ीसदी और उससे ज्यादा जीएसटी(GST) वाले सर्विस या गुड्स काे खरीद कर इस स्कीम का फायदा उठा सकते हैं. हालांकि इसमें कंडीशन है जिसमें बताया गया है काैन इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं. 





  • यह याेजना उन कर्मचारियाें पर लागू नहीं है, जिन्हाेंने नई कर व्यवस्था का विकल्प चुना है, जिसमें कर की दरें कम हैं, लेकिन आप अधिकांश कटाैती और छूट काे छाेड़ देते है. इसके अलावा करदाता काे पहले से ही ब्लॉक के लिए एलटीसी छूट समाप्त नहीं करनी चाहिए(वर्तमान ब्लॉक 2018-21 है).

  • हर करदाता चार साल के ब्लॉक में दाे यात्रा के लिए यात्रा (एलटीए) छूट का दावा कर सकता है. यह याेजना शुरू में सरकारी कर्मचारियाें के लिए शुरू की गई थी, लेकिन बाद में निजी क्षेत्र के लिए कर्मचारियाें के लिए भी शुरू हुई.




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  • इस याेजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए कर्मचारियाें काे 12 अक्टूबर से 31 मार्च के बीच ख़रीद के लिए बिल जमा करना आवश्यक है.


  • खर्च करने के लिए आवश्यक राशि, डीटीसी किराया के तीन गुना के बराबर है. याेजना के तहत 12 प्रतिशत से तक या उससे अधिक के GST के साथ वस्तुओं और सेवाओं के बिल का दावा किया जा सकता है.


  • माल/ सेवाओं के लिए भुगतान अनिवार्य रूप से एक डिजिटल माेड के माध्यम से किए जाने की जरूरत हाेगी.  




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  • स्कीम के तहत रीइंबर्समेंट के लिए जाे इनवॉयस प्रस्तुत किया जा रहा है वह उस कर्मचारी के नाम पर हाेना चाहिए जाे स्कीम का लाभ उठा रहा है. परिजनाें द्वारा किए गए पेमेंट काे इसमें शामिल नहीं किया जाएगा


  • यदि रीइंबर्स की जाने वाली रकम इस्तेमाल किए गए एडवांस से कम है ताे इसे अंडर यूटिलाइजेशन माना जाएगा. हालांकि, क्लेम के कैलकुलेशन के बाद बैलेंस अमाउंट, अगर काेई है, ताे उसे कर्मचारी से वसूला जा सकता है.




इसलिए यदि आप उपयुक्त शर्ताें काे पूरा करते हैं, तभी आप याेजना के तहत लाभाें का दावा कर पाएंगे.   
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