क्या जेटली ही होंगे मोदी के दूसरे कार्यकाल में वित्त मंत्री? या किसी अन्य को मिलेगा ये अहम मंत्रालय

मोदी सरकार

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लोकसभा चुनाव के नतीजों से ये साफ हो गया है कि मोदी एक बार फिर से सरकार बना रहे हैं. जानिए कौन होगा मोदी सरकार में नया वित्त मंत्री.

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लोकसभा चुनाव के नतीजों से ये साफ हो गया है कि नरेंद्र मोदी एक बार फिर से सरकार बना रहे हैं. मोदी सरकार की कैबिनेट मीटिंग हो रही है जिसमें अब ये आकलन शुरू हो गया है कि किस को कौन सा मंत्रालय मिलेगा. आपको बता दें कि सबसे अहम मंत्रालय जिस पर चर्चा होनी है, वो वित्त है. क्योंकि वित्त मंत्रालय सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. मोदी की पहली सरकार में अरुण जेटली को वित्त मंत्री बनाया गया था. लेकिन उनके स्वास्थ्य की परेशानियों ने मोदी सरकार को ये सोचने के लिए मजबूर कर दिया है कि वित्त मंत्रालय किसे दिया जाए? इसके अलावा पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ने वाले और बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह को लेकर भी चर्चा है कि क्या उन्हें भी मंत्रिमंडल में जिम्मेदारी मिल सकती है?

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दरअसल वर्तमान में मोदी सरकार के सामने अब आर्थिक रूप से कुछ कर गुजरने के लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी. इस लोकसभा के महासमर में विपक्ष ने उन्हें नौकरी, आर्थिक वृद्धि जैसे तमाम मामलों में घेरने की पूरी कोशिश की, लेकिन जनादेश बीजेपी को मिला. ऐसे में इस समय देश की आर्थिक विकास दर पांच तिमाहियों के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं और अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि ग्रामीण खपत मांग में गिरावट और तेल कीमतों में धीमी बढ़ोतरी के कारण हालात और बदतर हो सकते हैं. लिहाजा मोदी सरकार  के लिए एक परमानेंट वित्त मंत्री की जरूरत है, जो कुशलता पूर्वक इस भंवर से निकाल सके.



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अरुण जेटली
अरुण जेटली ने मोदी सरकार में वित्त मंत्रालय के अलावा कई मंत्रालयों का कार्यभार संभाला. पेशे से वकील जेटली बीजेपी के कद्दावर नेता हैं. साथ ही सरकार के लिए संकटमोचक की भूमिका भी निभाते हैं. पिछले पांच साल में जेटली जीएसटी जैसे लंबित कानून को लेकर आए. साथ ही तीन तलाक में खुलकर मोदी सरकार का समर्थन करते हुए इसकी जोरदार वकालत भी की. जेटली विपक्षी सांसदों को भी ढंग से संभाल लेते हैं. जेटली संसद के बाहर और भीतर दोनों जगह एक अच्छे वक्ता के रूप में जाने जाते हैं. जेटली मोदी जी के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं.  ये इस बात से समझा जा सकता है कि वो तीन–तीन मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके है.

जेटली इस समय डायबिटीज (मधुमेह) से पीड़ित हैं. वह अंतरिम बजट पेश नहीं कर सके थे, क्योंकि उस समय वो अमेरिका में कैंसर का इलाज करा रहे थे. पिछले साल मई मे उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था. जेटली की गैरमौजूदगी में पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश किया था.

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जेटली के स्वास्थ्य को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है. बीजेपी की जीत के जश्न में वो पार्टी कार्यालय नहीं जा सके. अगले कुछ महीनों में आर्थिक मोर्चे पर आ रही चुनौतियों का सामना करने के लिए जेटली के स्वास्थ्य को लेकर बीजेपी में चिंता रहना लाजिमी है.

पीयूष गोयल
रेलवे और कोयला मंत्री पीयूष गोयल पिछले पांच साल से जेटली की गैरमौजूदगी में उनका कार्यभार संभालते आ रहे हैं. गोयल देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के बोर्ड में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. गोयल कुशल चार्टर्ड एकाउंटेंट यानी सीए हैं और पिछली बार का अंतरिम बजट भी पेश कर चुके हैं. जेटली ने सत्ता में आने पर सैलरी वालों के लिए टैक्स में कटौती करने की बात कही थी.  हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि वित्त मंत्री कौन बनेगा यह ज्यादा महत्वपूर्ण इसलिए नहीं है क्योंकि बड़े फैसले प्रधानमंत्री कार्यालय से होते हैं.

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अमित शाह
सबको सांसद बनाने वाले अमित शाह पहली बार लोकससभा चुनाव लड़े और शानदार जीत दर्ज करके पहली बार सांसद बने. शाह की मोदी कैबिनेट में शामिल होने की पूरी संभावना व्यक्त की जा रही है. उम्मीद की जा रही है कि अमित शाह की एंट्री सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी) यानी सीसीएस के जरिए हो सकती है. सीसीएस में पीएम के अलावा चार बड़े रक्षा, गृह, विदेश और वित्त मंत्री शामिल होते हैं. गुजरात में मोदी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में अमित शाह गृहमंत्री रह चुके हैं.
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