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राहत! सितंबर में थोक महंगाई दर घटकर 0.33% पर आई, प्याज की थोक महंगाई बढ़ी

News18Hindi
Updated: October 14, 2019, 1:49 PM IST
राहत! सितंबर में थोक महंगाई दर घटकर 0.33% पर आई, प्याज की थोक महंगाई बढ़ी
सितंबर में थोक महंगाई जून 2016 के सबसे निचले स्तर पर आई

सितंबर में थोक महंगाई (Wholesale Price Index) दर में गिरावट आई है. सितंबर में थोक महंगाई दर अगस्त के 1.08 फीसदी से घटकर 0.33 फीसदी पर रही.

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  • Last Updated: October 14, 2019, 1:49 PM IST
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नई दिल्ली. सितंबर में थोक महंगाई (Wholesale Price Index) दर में गिरावट आई है. सितंबर में थोक महंगाई दर अगस्त के 1.08 फीसदी से घटकर 0.33 फीसदी पर रही. सितंबर में थोक महंगाई जून 2016 के सबसे निचले स्तर पर है. बता दें कि जुलाई की WPI 1.08 फीसदी से संशोधित करके 1.17 फीसदी की गई. पिछले साल सितंबर, 2018 में यह दर 5.22 फीसदी पर थी. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) ने सोमवार को आंकड़े जारी किए हैं.

महीने दर महीने आधार पर सितंबर में खाद्य की थोक महंगाई 5.75 फीसदी से बढ़कर 5.98 फीसदी हो गई. हालांकि फ्यूल एंड पावर WPI -4 फीसदी से घटकर -7.05 फीसदी हुई.

सब्जियों की थोक महंगाई बढ़ी
सितंबर में सब्जियों की थोक महंगाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई. सब्जियों की थोक महंगाई 13.07 फीसदी से बढ़कर 19.43 फीसदी हुई.


प्याज-आलू की थोक महंगाई दर
>> महीने दर महीने आधार पर सितंबर में प्याज की थोक महंगाई 33.01 फीसदी से बढ़कर 122.40 फीसदी रही है.
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>> महीने दर महीने आधार पर सितंबर में आलू की थोक महंगाई -21.28 फीसदी से घटकर -22.50 फीसदी रही है. ये भी पढ़ें: बैंकों ने बदला लोन देने का तरीका, सैलरी नहीं अब ये स्कोर देखकर देंगे लोन



दालों की थोक महंगाई में इजाफा
>> वहीं दालों की थोक महंगाई 16.36 फीसदी से बढ़कर 17.94 फीसदी, अंडे, मांस की थोक महंगाई 6.60 फीसदी से बढ़कर 7.45 फीसदी.
> मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट की थोक मगंगाई 0 फीसदी से घटकर -0.42 फीसदी रही.

क्या है थोक महंगाई दर?
भारत में नीतियों के निर्माण में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर का इस्तेमाल किया जाता रहा है. थोक बाजार में वस्तुओँ के समूह की कीमतों में सालाना तौर पर कितनी बढ़ोत्तरी हुई है इसका आकलन महंगाई के थोक मूल्य सूचकांक के जरिए किया जाता है. भारत में इसकी गणना तीन तरह की महंगाई दर, प्राथमिक वस्तुओं, ईंधन और विनिर्मित वस्तुओँ की महंगाई में बढ़त के आधार पर की जाती है. अभी तक भारत में वित्तीय और मौद्रिक नीतियों के कई फैसले थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर के हिसाब से ही की जाती रही है.

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First published: October 14, 2019, 12:36 PM IST
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